बॉलीवुड में एक समय ऐसा था जब विलेन हीरो से ज्यादा पापुलर हुआ करते थे। इसी में एक नाम है अमजद खान का। 'शोले' में गब्बर के किरदार को निभाकर अमजद खान असल जिंदगी में ही गब्बर के नाम से मशहूर हो गए थे। अपने पिता की तरह उनके बेटे शादाब खान ने भी फिल्मों में करियर बनाने की सोची लेकिन कुछ बात नहीं बनी। शादाब खान ने फिल्म राजा की आएगी बारात से बॉलीवुड में डेब्यू किया था लेकिन अपने पिता की तरह कामयाबी हासिल नहीं कर आए।
गब्बर से मोगैंबो समेत इन विलेन के बच्चे भी फिल्मों में आए, कुछ छाए तो कुछ करते हैं ये काम
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गुलशन ग्रोवर का नाम बॉलीवुड के मशहूर 'विलेन' की लिस्ट में शुमार है। 'बैडमैन' अक्सर फिल्मों में कभी हीरोइन से, तो कभी हीरो की बहन से छेड़-छाड़ करते नजर आए। वहीं उनके बेटे संजय को फिल्मी लाइन में कोई दिलचस्पी नहीं है। वो तो बिजनेसमैन हैं।
शक्ति कपूर
70 और 80 दशक में विलेन बनकर भी लोगों के दिलों पर राज करने वाले हरफनमौला कलाकार हैं शक्ति कपूर। सुपरहिट फिल्म 'तोहफा' में डायलॉग... आउ लोलिता इतना पॉपुलर हुआ कि स्कूल, कॉलेज के छात्रों के बीच यह एक ट्रेंड बन गया। शक्ति कपूर की तरह ही उनके बेटे सिद्धांत भी फिल्मी दुनिया में करियर बनाना चाहते हैं। सिद्धांत कई बॉलीवुड फिल्मों में नजर आ चुके हैं। शक्ति कपूर की बेटी श्रद्धा कपूर का आज बॉलीवुड में बड़ा नाम है।
अमरीश पुरी
अमरीश का नाम बॉलीवुड के सबसे सफल खलनायकों में शुमार है। उन्होंने लगभग सभी बड़े कलाकारों के साथ काम किया है। उनकी सादगी लोगों का दिल जीत लिया करती थी। अमरीश पुरी ने जहां फिल्मों में विलेन के अलावा अन्य रोल प्ले किए, वहीं उनका बेटा राजीव पुरी ने फिल्मों में कभी दिलचस्पी नहीं दिखाई। वे मैरिन नेवीगेटर हैं।
शोले, सत्ते पे सत्ता और कर्ज जैसी सफल फिल्में देने वाले मैक मोहन ने अपने अभिनय की बदौलत एक अलग ही मुकाम हासिल किया था। फिल्म में जहां-जहां खलनायक सांभा आता है लोग कांप उठते हैं। मैक मोहन आए तो क्रिकेटर बनने थे लेकिन किस्मत ने उन्हें विलेन बनाकर छोड़ा। मैक मोहन के बेटे विक्रांत मेकीजन भी फिल्मों में काम करते हैं।