चरित्र अभिनेताओं की जिंदगी के भीतर झांकती अभिनेता संजय मिश्रा की फिल्म हर किसी के हिस्से कामयाब शुक्रवार को रिलीज हो रही है। हिंदी सिनेमा में इन चरित्र अभिनेताओं की लंबी परंपरा रही है। इन दिनों जो रुतबा परदे पर नीना गुप्ता, गजराज राव, पंकज त्रिपाठी, संजय मिश्रा, राजेश शर्मा, मनु ऋषि चड्ढा जैसे सितारों को हासिल है, उससे बड़ा रुतबा बीते दशकों में चरित्र अभिनेताओं का हिंदी फिल्मों में रहा है। हिंदी सिनेमा के छह नामी निर्देशक यहां बता रहे हैं अपने पंसदीदा चरित्र अभिनेताओं के बारे में।
फिर याद आए ये दमदार चरित्र अभिनेता, छह निर्देशकों ने गिनाए ओम प्रकाश से लेकर उत्पल दत्त तक के नाम
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आनंद एल राय, फिल्म निर्देशक
'चरित्र अभिनेता भले ही हमेशा मुख्य भूमिकाओं में न हों लेकिन आपकी कहानी की दुनिया को स्थापित करने के लिए जिम्मेदार होते हैं। चुपके चुपके से ओम प्रकाश और श्री 420 से ललिता पवार सदाबहार पसंदीदा किरदार हैं। तनु वेड्स मनु सीरीज़ के दीपक डोबरियाल भी उनमें से एक हैं। जिस तरह से उन्होंने मेरे लिए पप्पी का स्केच बनाया था वह जादुई था। उन्होंने जिस तरह से ह्यूमर से इमोशन्स, और फिर ह्यूमर में खुद को परिवर्तित किया था, यही चरित्र अभिनेताओं की ख़ासियत है।'
राहुल ढोलकिया, फिल्म निर्देशक
'मेरे अनुसार, हर अभिनेता को एक चरित्र निभाना चाहिए। चाहे वह रईस में शाहरुख खान हों या परज़निया में साइरस का किरदार निभाने वाले नसीर, इन सभी ने किरदार निभाया था। सभी अच्छी फिल्मों में किरदारों और कलाकारों की एक बड़ी श्रृंखला होती है जिन्हें हम चरित्र अभिनेता कहते हैं। मुझे उत्पल दत्त, ओम प्रकाश, प्राण को देखना बहुत पसंद था और फिर परेश रावल, ओम पुरी, जॉनी लीवर और यहां तक कि संजय मिश्रा जैसे अभिनेताओं का भी बहुत बड़ा प्रशंसक बन गया। ईमानदारी से कहूं तो, सभी कलाकार समान रूप से महत्वपूर्ण हैं क्योंकि यही प्रत्येक कलाकार फिल्म को बनाते है।'
सुजॉय घोष, फिल्म निर्देशक
'मेरा मानना है कि उत्पल दत्त हमेशा सबसे यादगार अभिनेता रहेंगे। मैं उन्हें अपनी एक फिल्म का हिस्सा बनाना चाहता था। विशेष रूप से वह दृश्य, जब वह गोलमाल में गलती से पकड़े जाते है और वह कहते है, "आप पुलिस नहीं फूलिश ऑफिसर हो!" सिर्फ वह ही नहीं, बल्कि कादर खान, इफ्तेखर, बॉब क्रिस्टो जैसे अभूतपूर्व कलाकार भी रहे हैं।"
गौरी शिंदे, फिल्म निर्देशक
'सही बोलूं तो, मेरे पास एक लंबी सूची होगी लेकिन शुरुआत केश्टो मुखर्जी से करूंगी! मुझे अब भी याद है, जब मैं छोटी थी तो वह मुझे कैसे हंसाते थे, मुझे वास्तव मे वह पसंद थे और साथ ही डेज़ी ईरानी भी। चरित्र अभिनेताओं के बिना या मिर्ची या खट्टा के बिना भारतीय भोजन खाने जैसा होगा। राजीव रवींद्रनाथ, आशीष भाटिया, यशस्विनी दायमा मेरी फिल्मों के मेरे पसंदीदा करैक्टर अभिनेता हैं।'