{"_id":"64feb033ea59b4eff701c91e","slug":"fukrey-3-pankaj-tripathi-built-library-in-memory-of-his-father-cherished-the-memories-of-pandit-banaras-tiwari-2023-09-11","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Pankaj Tripathi: पंकज त्रिपाठी ने पिता की स्मृति में बनाया पुस्तकालय, पंडित बनारस तिवारी की यादों को संजोया","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
Pankaj Tripathi: पंकज त्रिपाठी ने पिता की स्मृति में बनाया पुस्तकालय, पंडित बनारस तिवारी की यादों को संजोया
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता और चर्चित अभिनेता पंकज त्रिपाठी इन दिनों अपनी नई फिल्म ‘फुकरे 3’ की रिलीज की तैयारियों में व्यस्त हैं। उनकी पिछली रिलीज फिल्म ‘ओएमजी 2’ ने उन्हें कमर्शियल सिनेमा के सितारों की अगली कतार में भी ला खड़ा किया है। हाल ही में पंकज के पिता बनारस तिवारी का निधन हुआ है। अपने पिता की यादों को सहेजने के लिए उन्होंने अपने गांव मे स्थित स्कूल में एक नई लाइब्रेरी का उद्घाटन करके अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराया है।
2 of 7
पंकज त्रिपाठी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो , मुंबई
बिहार के गोपालगंज के मूल निवासी पंकज त्रिपाठी पहले उस स्कूल का कायाकल्प करने के मिशन पर हैं जहां उन्होंने अपनी शिक्षा प्राप्त की थी। अपने बड़े भाई के साथ, उन्होंने पंडित बनारस तिवारी फाउंडेशन ट्रस्ट के माध्यम से स्कूल का जीर्णोद्धार कराया है और अपने माता-पिता के सम्मान में स्थापित एक ट्रस्ट के जरिये इसी स्कूल में अब एक लाइब्रेरी भी खोली है।
3 of 7
फैन्स के साथ सेल्फी लेते पंकज त्रिपाठी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो , मुंबई
ट्रस्ट के जरिये पंकज त्रिपाठी ने स्कूल के बुनियादी ढांचे को सुधारने का काम पहले ही पूरा कर लिया है। इसके तहत बिजली के उपकरण मुहैया कराना और पूरे परिसर को पेंटकराना शामिल रहा है। यही नहीं नैसर्गिक विकास के प्रति पंकज त्रिपाठी के समर्पण के कारण पर्यावरण-अनुकूल सौर ऊर्जा पैनलों की स्थापना हुई, जिससे स्कूल की बिजली आपूर्ति और बिजली में आत्मनिर्भरता सुनिश्चित हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 7
पंकज त्रिपाठी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो , मुंबई
इन सुधारों के अलावा, पंकज त्रिपाठी के साहित्य और पुस्तकों के प्रति गहन प्रेम ने उन्हें स्कूल परिसर के भीतर एक पुस्तकालय के निर्माण के लिए प्रेरित किया। यह पुस्तकालय अब ज्ञान के प्रतीक के रूप में खड़ा है, जो आने वाले वर्षों में छात्रों की पीढ़ियों को फायदा पहुंचाने के लिए तैयार है।
विज्ञापन
5 of 7
पंकज त्रिपाठी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो , मुंबई
लाइब्रेरी का उद्घाटन विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह पंकज त्रिपाठी के हाल ही में अपने प्रिय पिता को खोने की यादों से जुड़ा है। अपने पिता की स्मृति का सम्मान करते हुए, पंकज ने स्कूल और उसके छात्रों को एक स्थायी उपहार प्रदान किया है, जिसमें सीखने और साहित्य के प्रति प्रेम को बढ़ावा दिया गया है जो समय के साथ कायम रहेगा।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।