अंग्रेजी का एक शब्द है उलूमनाटी। गूगल पर अगर आप इसका मतलब खोजने की कोशिश करेंगे तो वह इसका मतलब बताता है, प्रबुद्ध होने का दावा करने वाले व्यक्ति, वे व्यक्ति जो विशिष्ट ज्ञान रखने का दावा रखते हैं। इस शब्द का इतिहास खोजने की कोशिश करेंगे तो इसके तार आपको 18वीं सदी की एक जगह बावेरिया (जर्मनी) से जुड़ते मिलेंगे जहां पहली बार समाज के प्रबुद्धजीवियों का एक ऐसा समूह बना जिसने रूढ़ियों, अंधविश्वासों और धर्म के समाज पर अनावश्यक असर का विरोध करते हुए राज्यसत्ता को सीधे चुनौती देने की योजनाएं बनाईं। यहां बाइस्कोप में इसका जिक्र हो रहा है उस प्रोडक्शन हाउस के लिए जो बना तो वाकई दो ऐसे लोगों के मिलने से जो अपने अपने क्षेत्र के ज्ञानी होने का दावा कर सकते हैं, लेकिन उलूमनाटी नाम की ये फिल्म कंपनी जितनी तेजी से ऊपर गई, उतनी तेजी से ही नीचे भी आई। कंपनी बनी थी चर्चित अभिनेता सैफ अली खान और उनसे भी ज्यादा चर्चित निर्माता दिनेश विजन की साझेदारी में और इसी कंपनी की फिल्म गो गोवा गॉन है हमारे आज के बाइस्कोप की फिल्म।
बाइस्कोप: हिंदुस्तान की धरती पर इस फिल्म से उतरीं जिंदा लाशें, अब भी कायम है जादू, सीक्वल का इंतजार
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फिल्म गो गोवा गॉन ज्यादा पुरानी नहीं है तो हो सकता है तमाम पाठकों ने देख भी रखी हो। 10 मई 2013 को रिलीज हुई फिल्म गो गोवा गॉन को हिंदी सिनेमा में जॉम्बी फिल्मों की शुरूआत करने वाली फिल्म माना जा सकता है। दूसरों को दातों से काटकर अपने जैसा बना देने वाली इन जिंदा लाशों को जॉम्बी कहना किसने शुरू किया, इसे जानना भी दिलचस्प है। हैती में बोली जाने वाली भाषा में इस शब्द का पहले पहल इस्तेमाल मिलता है और इसका मतलब होता किसी लाश को फिर से चलने फिरने लायक बना देना। तब इसके लिए काला जादू का जिक्र होता था। लेकिन, जैसे जैसे लोगों ने पढ़ना लिखना शुरू किया, ज्ञान में अपना विज्ञान मिलाना शुरू किया तो जॉम्बी कभी विकिरण से बनने लगे, कभी इन्फेक्शन से बनने लगे और कभी कभी तो परजीवी बनकर ही सामने आने लगे। अंग्रेजी में पहली बार इस शब्द का प्रयोग कवि रॉबर्ट साउथे की रचना ब्राजील का इतिहास में मिलता है जो उन्होंने 1819 में लिखी थी। ऑक्सफोर्ड इंगलिश डिक्शनरी ने इसे दक्षिण अफ्रीका के कॉन्गो बोली के शब्दों का माना है। डब्लू बी सीब्रूक की 1929 मे प्रकाशित रचना मैजिक आइलैंड में भी वूडू जॉम्बी का जिक्र मिलता है। टाइम मैगजीन ने इसे ही अमेरिका में जॉम्बी शब्द को प्रसारित करने का कारण माना। फिल्मी परदे पर जॉम्बी का पदार्पण 1932 में रिलीज हुई विक्टर हैल्पेरिन की फिल्म व्हाइट जॉम्बी से माना जाता है।
2013 में रिलीज हुई गो गोवा गॉन के निर्देशक थे राज निदिमोरू और कृष्णा डीके और फिल्म के कलाकारों में शामिल थे सैफ अली खान, कुणाल खेमू, वीर दास, पूजा गुप्ता, आनंद तिवारी आदि इत्यादि। कहानी का ये आइडिया सैफ अली खान की बहन सोहा अली खान के पति कुलाण खेमू के दिमाग की उपज कहा जाता है, जिस पर निर्देशकों की इस जोड़ी ने काम किया औऱ बनाई ये फिल्म। सैफ अली खान इस फिल्म में जॉम्बी के दुश्मन हैं और बाकी चारों कलाकारों के किरदारों को बचाने एक द्वीप पर पहुंचते हैं। इस फिल्म की ज्यादातर शूटिंग मॉरीशस में हुई। फिल्म का सीक्वेल पिछले तीन साल से चर्चा में रहा है और जब इस सीक्वेल का पोस्टर रिलीज हुआ था तो इसके मार्च 2021 में रिलीज होने की बात कही गई थी। फिल्म तानाजी की शूटिंग खत्म करने के बाद सैफ अली खान को इसकी शूटिंग शुरू करनी थी। स्टैंडअप कॉमेडियन वीर दास भी अक्सर इस फिल्म की बातें करते हैं लेकिन उनकी नेटफ्लिक्स पर हाल ही में रिलीज हुई फिल्म हसमुख को दर्शकों और समीक्षकों की अच्छी प्रतिक्रिया न मिलने के चलते फिलहाल वह भी शांत हैं।
उलूमनाटी फिल्म्स ने गो गोवा गॉन बनाने से पहले सैफ अली खान को लेकर लव आजकल, एजेंट विनोद और कॉकटेल बनाईं। और, गो गोवा ग़ॉन के बाद बनाईं, लेकर हम दीवाना दिल और हैपी एंडिंग। लेकर हम दीवाना दिल बनी थी करीना कपूर की बुआ रीमा जैन के बेटे अरमान जैन की लॉन्चिंग को लेकर और इसी फिल्म के साथ उलूमनाटी फिल्म्स के दोनों साझादीरों सैफ अली खान और दिनेश विजन में मतभेद शुरू हुए। 4 जुलाई 2014 को ये फिल्म रिलीज हुई और दो महीने बाद ही दिनेश व सैफ ने अलग हो जाने की बात अपने खास लोगों को बतानी शुरू कर दीं।
दिनेश जैन वहां से निकले और उन्होंने बनाई मैडॉक फिल्म्स नाम की नई कंपनी और इस बैनर तले बनाई पहली फिल्म बदलापुर। एजेंट विनोद वाले निर्देशक श्रीराम राघवन पर उन्हें भरोसा था और श्रीराम की हिट फिल्म बदलापुर ने दिनेश का काम सेट कर दिया। आगे चलकर उन्होंने हिंदी मीडियम, स्त्री, लुकाछुपी, बाला और अंग्रेजी मीडियम जैसी हिट फिल्में बनाईं और साथ ही अर्जुन पटियाला, मेड इन चाइना और कार्तिक आर्यन वाली लव आजकल जैसी कमज़ोर फिल्मों से भी उनका नाम जुड़ा। जाह्नवी कपूर के साथ रूही अफजाना, सनी कौशल के साथ शिद्दत और कृति सैनन के साथ मिमी उनकी आने वाली फिल्में हैं। कृति सैनन के लिए दिनेश विजन सुपर फ्लॉप फिल्म फिल्म राब्ता में निर्देशक भी बन चुके हैं। गो गोवा गॉन की सीक्वेल बनाने की जिम्मेदारी भी दिनेश विजन ने अपने सिर ले रखी है, लेकिन फिलहाल इस फिल्म का दूर दूर तक कोई पता ठिकाना नहीं है। हां, फिल्म के कलाकार जरूर अपने हर इंटरव्यू में इसका जिक्र करना नहीं भूलते।
फिल्म गो गोवा गॉन एक दिलचस्प फिल्म इस लिहाज से है कि ये आखिर तक आपको अपने में उलझाए रखती है। फिल्म के किरदार जरूर आपको अतिरंजित लगें लेकिन इसका एहसास नया सा और ताजगी जगाता है। सैफ अली खान ने इस फिल्म के लिए अपने करियर का सबसे बड़ा रिस्क लिया। फिल्म के बनने के दौरान ही 16 अक्टूबर 2012 को सैफ ने करीना कपूर से शादी कर ली। शादी के बाद रिलीज हुई सैफ अली खान की फिल्म रेस 2 सुपरहिट रही। गो गोवा गॉन को भी युवाओं ने पसंद किया। दर्शकों व समीक्षकों की मिली जुली प्रतिक्रिया के बीच फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर औसत कमाई की और सैटेलाइट, म्यूजिक व डिजिटल राइट्स से ठीकठाक मुनाफा कमाया। फिल्म बनी करीब 19 करोड़ में और कुल कमाई इसकी रही 38 करोड़ रुपये। फिल्म की पहले दिन की ओपनिंग पौने चार करोड़ रुपये की लगी थी। पहले हफ्ते में फिल्म ने कमाए थे करीब 13 करोड़ रुपये और फिल्म का कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन रहा था करीब 25 करोड़ रुपये।
फिल्म गो गोवा गॉन के कलाकारों में से सैफ अली खान की फिल्म गो गोवा गॉन के बाद कोई 11 फ्लॉप या औसत दर्जे की फिल्में थिएटरों में रिलीज हो चुकी हैं। उनकी पिछली दो फिल्मों जवानी जानेमन और तानाजी ने उनका डगमगाता करियर फिर से संभाला है। उनकी वेबसीरीज सैक्रेड गेम्स के दूसरे सीजन को दर्शकों ने सिरे से नकार दिया और अब उनकी एक और वेबसीरीज जल्द ही प्राइम वीडियो पर रिलीज होने वाली है जिसे सलमान खान के साथ टाइगर जिंदा है, सुल्तान और भारत जैसी फिल्मे बना चुके अली अब्बास जफर रच रहे हैं। फिल्म के निर्देशक राज निदिमोरू और कृष्णा डीके के लिए उनकी दो साल पहले रिलीज हुई फिल्म फिल्म स्त्री बाबाजी की बूटी बन चुकी है। उनकी पहली सीरीज द फैमिली मैन को लोगों ने बहुत सराहा। इसका दूसरा सीजन वह शूट भी कर चुके हैं।