अमिताभ बच्चन और आयुष्मान खुराना की अगले हफ्ते रिलीज होने वाली फिल्म गुलाबो सिताबो की कहानी को लेकर मचे विवाद में स्क्रीन राइटर्स एसोसिएशन, सिनेस्तान स्क्रिप्ट कांटेस्ट के आयोजक और फिल्म गुलाबो सिताबो के निर्माता ने लेखक जूही चतुर्वेदी को क्लीन चिट दे दी है। दावा ये भी किया गया है कि इस कहानी का विचार तीन साल पहले जूही ने अमिताभ बच्चन को सुनाया था और उनके कहने पर जूही ने इस कांसेप्ट को कहानी में बदला और इसका पंजीकरण भी मई 2018 में करा लिया था।
गुलाबो सिताबो की कहानी पर मचे बवाल में लेखक को क्लीन चिट, कांटेस्ट की जूरी ने दिया हर आरोप का जवाब
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गौरतलब है कि आमिर खान की अगुआई में हुई सिनेस्तान इंडियाज स्टोरीटेलर स्क्रिप्ट कांटेस्ट में हिस्सा लेने वाले लेखक राजीव अग्रवाल के बेटे अकीरा अग्रवाल ने ये आरोप लगाया है कि फिल्म गुलाबो सिताबो उनके पिता की लिखी कहानी ‘16, मोहनदास लेन’ पर आधारित है और ये कहानी इस कांटेस्ट में शामिल होने के लिए जमा की गई थी। इस कांटेस्ट के लिए बनी ज्यूरी के अध्यक्ष अंजुम रजब अली थे और उन्होंने इस पूरे मामले पर सफाई पेश की है।
अंजुम रजब अली ने इस बात का संज्ञान लेते हुए कि फिल्म गुलाबो सिताबो के लिए राजीव अग्रवाल की कहानी 16 मोहनदास लेन को चुराने का आरोप जूही चतुर्वेदी पर लगा है, एक बयान जारी किया है। वह कहते हैं कि 16 मोहनदास लेन नाम की कहानी सिनेस्तान इंडियाज स्टोरीटेलर स्क्रिप्ट कांटेस्ट का हिस्सा थी लेकिन इस कांटेस्ट की जूरी तक केवल अंतिम आठ कहानियां ही पहुंची और राजीव अग्रवाल की कहानी इन अंतिम आठ में नहीं थी। अंजुम ने बताया कि उनके पास कुल 325 कहानियां पढ़ने को आई थीं। उन्होंने इन कहानियों में से अंतिम आठ तक के सेलेक्शन का पूरा विवरण भी अपने बयान में दिया है।
इस बारे में जूही चतुर्वेदी का कहना है कि गुलाबो सिताबो उनकी अपनी लिखी असली कहानी है। और इसके बारे में उन्होंने फिल्म के निर्देशक शूजीत सिरकार और फिल्म के मुख्य कलाकार अमिताभ बच्चन से तीन साल पहले ही चर्चा की थी। जहां तक बात कांटेस्ट में शामिल कहानी की है तो उनके पास सिर्फ अंतिम आठ कहानियां ही पहुंची, बाकी किसी कहानी तक पहुंचने का उनके पास कोई जरिया नहीं था। ये विवाद स्क्रीन राइटर्स एसोसिएशन के पास पिछले महीने ही आया था और एसोसिशशन का फैसला भी जूही के पक्ष में ही है।
इस बारे में फिल्म गुलाबो सिताबो के निर्माता रॉनी लाहिड़ी कहते हैं कि स्क्रीन राइटर्स का फैसला आरोप लगाने वालों के पक्ष में न जाने के बाद ही ये सब बातें सामने आ रही हैं। ये सब जूही चतुर्वेदी की छवि खराब करने और गुलाबो सिताबो को नुकसान पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।
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