बॉलीवुड फिल्मों में जब भी विलेन की बात आती है तो लोगों के दिमाग में पुरुष किरदार ही आता है। ऐसा होना भी वाजिब है, क्योंकि विलेन के नाम पर इंडस्ट्री में पुरुषों की ही छवि बनी हुई है। महिलाएं अक्सर हीरोइन के रोल में ही देखी जाती हैं, लेकिन महिला दिवस के मौके पर आज इस लेख में हम आपको इंडस्ट्री की उन महिला खलनायकों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका अभिनय आज भी हैरान कर देता है। आइए जानते हैं उन महिला खलनायकों के बारे में।
Bollywood: कभी डराती तो कभी रिझाती हैं ये महिला खलनायक, इनके अभिनय की फैंस आज भी करते हैं तारीफ
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बिंदु देसाई
बिंदु देसाई बॉलीवुड की जानी मानी अभिनेत्री हैं। बिंदु का जन्म 17 अप्रैल 1941 के दिन गुजराती परिवार में हुआ। ऐसा कहा जाता है कि बॉलीवुड से बिंदु का कनेक्शन पहले से था, जिसकी वजह से उन्हें पहली फिल्म ‘अनपढ़’ मिली। इस फिल्म में उन्होंने अनपढ़ मां की पढ़ी-लिखी बेटी की भूमिका निभाई थी। इसके बाद उन्हें फिल्म ‘दो रास्ते’ ऑफर हुई। इस फिल्म में नेगेटिव रोल ने दर्शकों के बीच उनकी पहचान बना दी।
ललिता पवार
अपने फिल्मी करियर में ललिता पवार ने काफी उतार-चढ़ाव देखे। आज भी जब सास के किरदार की बात होती है तो लोगों की जुबान पर सबसे पहले उनका नाम आता है। ललिता ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत बाल कलाकार के रूप में की थी। साल 1942 में आई फिल्म ‘जंग-ए-आजादी’ में शूटिंग के दौरान भगवान दादा ने ऐसा थप्पड़ जड़ दिया कि उनकी एक आंख हमेशा के लिए खराब हो गई। इसके बाद वह नेगेटिव किरदार में नजर आने लगीं।
मनोरमा
अभिनेत्री मनोरमा ने फिल्म इंडस्ट्री में 100 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। उनका असली नाम एरिन इसाक डेनियल था। उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत बाल कलाकार के रूप में की थी। 1948 के बाद से मनोरमा को नेगेटिव और कॉमेडी रोल मिलने लगे, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया। आज भी लोग उनके अभिनय की तारीफ करते नहीं थकते हैं।
नादिरा
जब भी बॉलीवुड की खूबसूरत अभिनेत्रियों की बात की जाएगी, उसमें नादिरा का नाम जरूर शुमार होगा। नादिरा ने 19 साल की उम्र में ही दिलीप कुमार के साथ बॉलीवुड में कदम रखा था। नादिरा ने अपने फिल्मी करियर में काफी नेगेटिव रोल किए। अपनी सफलता और लोकप्रियता के बावजूद उन्होंने अकेले ही अपना जीवन गुजारा।