आज इनकी अकीरा रिलीज हो रही है फिल्म में दबंग गर्ल सोनाक्षी सिन्हा के स्टंट अनुराग कश्यप हैं करप्ट पुलिस की भूमिका मेंअमित कर्ण। अमर उजाला मुंबई। हिंदी की पहली सौ करोड़ क्लब की फिल्म गजनी थी। उसे बनाने वाले फिल्मकार ए आर मुरुगादास की अकीरा आज रिलीज हो रही है। फिल्म में दबंग गर्ल सोनाक्षी सिन्हा का एक्शन पैक्ड अवतार है। सोनाक्षी इससे पहले उनके संग हॉलिडे में काम कर चुकी हैं।
सोनाक्षी के टैलेंट को हॉलिडे में वेस्ट किया था, अकीरा बनाकर किया प्रायश्चितः ए आर मुरुगादास
जीवन अनुभव से आते हैं आइडिया
मुरुगादास अति सरल शख्यिसत के हैं। उनके चेहरे पर अपार मासूमियत है। फिर भी उन्हें खुराफाती स्टंट के आइडिया कैसे आते हैं? वे जवाब देते हैं, मैं किताबें बहुत पढ़ता हूं। मिडिल क्लास फैमिली से आता हूं। लिहाजा मेरे स्कूल और कॉलेज के दिन संघर्ष भरे रहे हैं। घर से वहां आते-जाते स्लम की गलियों, ट्रेन-बस के धक्के मेरे जहन में दफ्न रह गए। लोकल गुंडों के मार-धाड़ के तरीके मेरी यादों में गहरे से हुए हैं। इसके अलावा मैं क्राइम थ्रिलर की काफी किताबें पढ़ता हूं। वहां से भी एक्शन कोरियोग्राफ करने में आसानी हो जाती है।
सोनाक्षी के टैलेंट को हॉलिडे में वेस्ट किया था, अकीरा बनाकर किया प्रायश्चितः ए आर मुरुगादास
सलमान संग तीन मीटिंग संपन्न
मैं खान तिकड़ी का फैन हूं। आमिर के संग तो काम कर चुका हूं। अब सलमान भाई के साथ बहुत जल्द करने वाला हूं। हाल के महीनों में मेरी उनके संग तीन मीटिंग पूरी हो चुकी हैं। उन्हें मेरी स्क्रिप्ट पसंद आई है। अक्टूबर तक हम अपनी फिल्म का आधिकारिक ऐलान कर सकते हैं। उनका एक्शन आमिर के मुकाबले अलग होगा। गजनी में हमने रॉ और रियल स्टंट किए थे। भाई के साथ मैं जरा फैंटेसी क्रिएट करूंगा। वह इसलिए कि उनकी लार्जर दैन लाइफ इमेज है।
सोनाक्षी के टैलेंट को हॉलिडे में वेस्ट किया था, अकीरा बनाकर किया प्रायश्चितः ए आर मुरुगादास
किंग खान के साथ नटखट भरा
शाहरुख खान भी मुझे बड़े प्रिय हैं। उनके मामले में मैं एक्शन के साथ-साथ मस्ती, शरारत और नजाकत को मिक्स करूंगा। वह इसलिए कि वे बच्चों और लड़कियों में बड़े मशहूर हैं। उनके फैन उन्हें उस रूप में देखना पसंद करते हैं।
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मर्दवादी सोच की है ऑडिएंस
हमारी ऑडिएंस हीरोइनों को सिर्फ रोमांस करते देखना पसंद करती है। ऐसा इसलिए है कि हमारा समाज मर्दवादी सोच का है। उन्होंने औरतों को स्लॉट करके रख दिया है। वे कल्पना ही नहीं कर पाते की महिलाएं भी पुरुषों को पटक सकती हैं। जैसी पटखनी हरियाणा के अखाडों में लड़कियां लड़कों को देती हैं। उन्हें शारीरिक तौर पर कमजोर आंकना हमारी भूल है।