इन दिनों इस्राइल मुश्किल वक्त से जूझ रहा है। रिहायशी दहशत में हैं। सात अक्तूबर को आतंकी संगठन हमास ने अचानक इस्राइल पर हमला कर दिया, जिसमें वहां सैकड़ों मासूमों की जान जा चुकी है। ऐसे मुश्किल वक्त में भारत मजबूती से इस्राइल के साथ है। भारत और इस्राइल के बीच यह मजबूत संबंध सिर्फ इस नाजुक समय में नहीं नजर आया है, बल्कि दोनों देशों के बीच का ये रिश्ता पुराना है। इस्राइल और भारत की दोस्ती जितनी पुरानी है, उतना ही दिलचस्प है दोनों देशों के बीच का फिल्मी रिश्ता। 17 सितंबर 1950 को, भारत ने आधिकारिक तौर पर इस्राइल राज्य को मान्यता दी थी। फिर दोनों देशों के बीच की दोस्ती राजनीति के साथ-साथ हर क्षेत्र में बढ़ती चली गई। भारतीय सिनेमा ने इस रिश्ते को और प्रगाढ़ किया। इस्राइल में भारतीय फिल्मों की लोकप्रियता का क्या है आलम? आइए जानते हैं...
Hindi Films In Israel: इस्राइल में लोकप्रिय रही हैं हिंदी फिल्म, संगम से द कश्मीर फाइल्स तक खूब मिलीं तालियां
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राजकपूर की फिल्मों पर बरसा प्यार
इस्राइल में हिंदी सिनेमा 1950 और 60 के दशक से अपना असर छोड़ रहा है। राज कपूर की फिल्मों को वहां खूब प्यार मिला है। 1964 में आई राज कपूर द्वारा निर्देशित फिल्म 'संगम' वहां सुपरहिट रही थी, बेशक उस दौर में इस्राइल के साथ भारत के राजनयिक संबंध नहीं थे। 'संगम' से पहले राज कपूर की 'श्री 420' (1955) और 'आवारा' (1951) जैसी फिल्में भी खूब हिट रहीं। फिल्म 'श्री 420' का 'इचक दाना बिचक दाना' इस्राइल में सबसे लोकप्रिय बॉलीवुड गाना बनकर उभरा।
किंग खान के लिए बजीं तालियां
वर्ष 2002 में आई फिल्म 'देवदास' में शाहरुख के अभिनय पर जितनी तालियां दिल्ली के सिनेमाघरों में बजीं, उससे कम इस्राइल में नहीं बजी थीं। यह फिल्म वहां खूब पसंद की गई। हालांकि, 'देवदास' के बाद इस्राइल में हिंदी फिल्मों की रिलीज पर ब्रेक लगा और 2013 तक लगा रहा। लेकिन, इसकी वजह अलग रही। रिपोर्ट्स के मुताबिक वहां डिस्ट्रीब्यूटर्स की कमी के चलते हिंदी फिल्मों की रिलीज जटिल प्रक्रिया रही है और खर्चीली भी। हालांकि, डीवीडी के रूप में बॉलीवुड फिल्में वहां पहुंचती रहीं और प्यार मिलता रहा।
दीपिका पादुकोण-रणबीर की फिल्म ने तोड़ा रिकॉर्ड
'देवदास' के बाद हिंदी फिल्मों की रिलीज में आया ठहराव 'ये जवानी है दीवानी' से टूटा। मई 2013 में आई दीपिका पादुकोण और रणबीर कपूर की यह फिल्म इस्राइल में रिलीज हुई थी और खूब पसंद भी की गई। आखिर 11 साल के अंतराल के बाद कोई फिल्म इस्राइल के सिनेमाघरों में चली थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस फिल्म की डबिंग हेब्रू में कई गई थी। फिर हेब्रू सबटाइटल के साथ इसे रिलीज किया गया।
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'द कश्मीर फाइल्स' को मिला सपोर्ट
बीते वर्ष मार्च में रिलीज हुई विवेक अग्निहोत्री की फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' भी इस्राइल में रिलीज हो चुकी है। मिथुन चक्रवर्ती, दर्शन कुमार, पल्लवी जोशी, भाषा सुंबली और चिन्मय मंडलेकर जैसे सितारों से सजी इस फिल्म को अप्रैल में वहां रिलीज किया गया था। बीते वर्ष आईएफएफआई के जूरी प्रमुख रहे नादव लैपिड ने फिल्म महोत्सव के समापन समारोह में फिल्म 'कश्मीर फाइल्स' को अश्लील बताया था, जिस पर काफी विवाद हुआ था। बाद में इस पर इस्राइल ने अपनी गलती मानी और बाकायदा इस्रराइल के राजदूत नाओर गिलोन ने भारत से माफी भी मांगी। उन्होंने लैपिड के बयान पर खेद जताते हुए कहा था कि उन्हें नादव लैपिड के बयान पर शर्म आती है।
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