फिल्म निर्माता बोनी कपूर की बेटी जान्हवी कपूर को अभिनय अपनी मां श्रीदेवी से विरासत में मिला। फिल्म दर फिल्म हिंदी सिने जगत में अपने पैर जमा रहीं जान्हवी बेटी और बेटे में फर्क किए जाने के बिल्कुल खिलाफ हैं। अपनी फिल्मों के किरदार भी वह इसीलिए ऐसे चुनती हैं जिन्हें आम कहानियों में हीरो ही करते दिखते हैं। जान्हवी की अगली फिल्म ‘गुड लक जेरी’ अगले हफ्ते सीधे ओटीटी पर रिलीज हो रही है। एक दक्षिण भारतीय फिल्म की इस रीमेक में जान्हवी का किरदार कुछ ऐसा है कि हिंदी फिल्मों में कम ही देखने को मिलता है। जान्हवी कपूर से ‘अमर उजाला’ की एक खास मुलाकात।
Jahnvi Kapoor: ‘पापा से मैंने सीखी ईमानदारी, मौका आए तो पूरे घर की जिम्मेदारी उठा सकती है बेटी’
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
'गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल' के बाद अब 'गुड लक जेरी' भी ओटीटी पर? अब तो इसे थिएटर में रिलीज होना चाहिए था, नहीं?
अभी हम परख नहीं पाए हैं कि थिएटर में कौन सी फिल्म चल पा रही है और कौन सी नहीं। उस हिसाब से ओटीटी बेहतर माध्यम है। इस पर दर्शकों की संख्या भी बहुत ज्यादा है। मैं पूरे यकीन के साथ कह सकती हूं कि यह अच्छी फिल्म है और अच्छी फिल्म चाहे बड़े परदे पर रिलीज हो या ओटीटी पर, दर्शकों को पसंद आती ही है।
फिल्म ‘गुड लक जेरी’ का ट्रेलर बताता है कि आपका किरदार पूरा परिवार चला रहा है। कियारा आडवाणी ने भी हाल ही में कहा कि बेटियों को आर्थिक रूप से मजबूत होना चाहिए। आपका क्या मानना है?
मैं कियारा की इस बात से पूरी तरह से सहमत हूं कि बेटियां आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो तो बिना शादी किए भी सेटल हो सकती है। सदियों से महिलाओं ने जो ताकत दिखाई है और जो कर रही हैं उसका उन्हें समाज में सम्मान मिलना ही चाहिए। उन्हें ऐसे नजरिये से कतई नहीं देखना चाहिए कि बिना मर्दों के उनका कुछ होगा ही नहीं। एक बेटी खुद अपने पैरों पर खड़ी होकर न सिर्फ अपना ख्याल रख सकती है बल्कि मौका आए पूरा घर और परिवार भी संभाल सकती है। फिल्म 'गुड लक जेरी' में भी जेरी ही घर की सारी जिम्मेदारी उठाती है।
घर पर आपके पिता बोनी कपूर आपको ऐसा करने की छूट देते हैं?
अपने पिताजी मैंने एक ही बात सीखी है और वह है ईमानदारी। वह खुद भी ईमानदार रहते हैं और हमें भी यही सिखाते हैं। हर पिता को अपने बच्चों के प्रति ऐसे ही ईमानदार होना चाहिए। बेटियों और बेटों के फर्क को मैं नहीं मानती है। अच्छा ये हुआ है कि अब बेटियों को भी हर तरह का करियर अपनाने की आजादी मिल रही है। घरवालों का साथ मिले तो कोई भी बेटी आसमान छू सकती है।
दक्षिण भारतीय फिल्मों की हिंदी रीमेक फिल्में इन दिनों ज्यादा चल नहीं रहीं। आपकी तो ‘गुडलक जेरी’ के बाद आने वाली एक और फिल्म ‘मिली’ भी रीमेक ही है?
हां, ये सच है कि इन दिनों दक्षिण भारतीय फिल्मों की काफी रीमेक बन रही हैं। ‘गुड लक जेरी’ एक तमिल फिल्म की रिमेक है लेकिन मुझे नहीं लगता है कि इन फिल्मों का कोई डब वर्जन हिंदी में अभी तक रिलीज नहीं हुआ है। लोगों ने ये फिल्में नहीं देखी है इसलिए हम थोड़ी हिम्मत करके इन फिल्मों की रिमेक बना रहे हैं। हिंदी के दर्शकों को ये नई तरह की कहानियां जरूर पसंद आएंगी।