बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जगदीप इस दुनिया में नहीं रहे। उन्होंने बीती आठ जुलाई को 81 साल की उम्र में आखिरी सांस ली थी। जगदीप हिंदी सिनेमा के ऐसे कलाकार थे जिन्होंने अपने अभिनय और कॉमेडी से बड़े पर्दे पर अमिट छाप छोड़ी। उनके निधन से बॉलीवुड में शोक का माहौल है, वहीं उनके बेटे और अभिनेता जावेद जाफरी ने पिता के लिए सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट लिखा है।
पिता जगदीप के लिए फिर भावुक हुए जावेद जाफरी, कहा- मेरे पिता को मां और सिनेमा दोनों से बहुत लगाव था'
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जगदीप ने हिंदी सिनेमा में 70 सालों तक काम किया था। ऐसे में उनके बेटे जावेद जाफरी ने सोशल मीडिया पर उनके लिए एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए फैंस का शुक्रिया अदा किया और सिनेमा में जगदीप के 70 सालों के योगदान को याद किया है। जावेद जाफरी ने ट्विटर पर भावुक नोट साझा करते हुए लिखा है कि इतना प्यार, इज्जत और दुआएं..????? यही तो है 70 सालों की असली कमाई।
जावेद जाफरी ने पोस्ट में लिखा, 'मैं उन सभी का धन्यवाद करता हूं जिन्होंने मेरे पिता के निधन पर दुख साझा किया। इतना प्यार..इतनी इज्जत..इतनी दुआएं..????? यही तो है 70 सालों की असली कमाई।' अपने नोट में जावेद जाफरी ने पिता के शुरुआती जीवन के संघर्ष के बारे में भी लिखा है। उन्होंने लिखा, '10 से 81 तक, वह फिल्मों के लिए जीते और सांस लेते थे। सात साल की उम्र में सब कुछ खोकर और उस उम्र में विभाजन के चलते सारी अच्छी चीजें खो देने के बाद मुंबई की सड़कों पर गरीबी के साथ गुजारा करना आसान बात नहीं थी। जैसे एक आठ साल के बच्चे को उसकी मां के साथ समुद्र में फेंक दिया हो और उन्हें या तो डूबना था या तो तैरना था।'
जावेद जाफरी ने नोट में आगे लिखा, 'छोटी फैक्ट्रियों में काम करने से लेकर पतंग बनाने तक, साबुन बेचने और एक मालिशवाले के साथ उसके तेल का डब्बा थामकर 'मालिश तेल मालिश' चिल्लाने तक। 10 साल की उम्र में उनकी मंजिल ने उन्हें सिनेमा से मिलवाया, तब मानों अंधेरी गुफा में रोशनी मिल गई हो। उन्होंने अपने फिल्मी सफर की शुरुआत बीआर चोपड़ा साहब की फिल्म 'अफसाना' (49 में शूट हुई लेकिन 51 में रिलीज हुई) से शुरू की थी जो आगे कई मीलों तक चली। बिल रॉय, गुरु दत्त, महबूब खान और के. आसिफ उनके आदर्श थे। हिंदी सिनेमा के सबसे स्वाभाविक कलाकार से लेकर एक संवेदनशील व्यक्ति और एक कमाल की टाइमिंग के हास्य कलाकार होने तक, उन्होंने कभी भी मनोरंजन करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी।'
जावदे जाफरी ने इसके अलावा अपने पिता द्वारा दिए गए आर्दशों के बारे में भी नोट में जिक्र किया है। उन्होंने नोट के आखिरी में लिखा, 'हिंदुस्तान के लोगों को दो चीजों के बहुत लगाव रहा है, एक है मां, दूसरा सिनेमा। मेरे पिता को भी इन दोनों से बहुत लगाव था।' आपको बता दें जगदीप ने अपने पूरे करियर में 400 फिल्में कीं। उनके हर किरदार को दर्शकों ने खूब पसंद किया था।
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