जो काम कभी राजेश खन्ना और उनके बाद अमिताभ बच्चन ने बीती सदी के आठवें दशक में शुरू किया था, उस पर अब हिंदी सिनेमा के तमाम अभिनेताओं के बाद नए जमाने की अभिनेत्रियां भी चल निकली हैं। ये काम है फिल्म के मुनाफे में अपनी हिस्सेदारी तय करना है, जिसके लिए कलाकार खुद निर्माता बन जाते हैं और अपनी कंपनी का नाम फिल्म के निर्माताओं की सूची में शामिल करा लेते हैं। जैसे कि हाल ही में दीपिका पादुकोण की फिल्म निर्माण कंपनी का प्रोडक्शंस का नाम फिल्म ‘83’ के निर्माताओं के तौर पर दिखा। दीपिका पादुकोण, कंगना रणौत, तापसी पन्नू आदि नायिकाओं के नक्शे कदम चलते फिल्म अभिनेत्री कीर्ति कुल्हारी ने भी अपनी फिल्म निर्माण कंपनी शुरू कर दी है और इस कंपनी की पहली फिल्म का काम भी तय कर दिया है।
Kintsukuroi: अनोखी कहानियों से टूटे दिलों को जोड़ेंगी कीर्ति कुल्हारी, दीपिका, कंगना और तापसी के क्लब में शामिल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जानकारी के मुताबिक अभिनेत्री कीर्ति कुल्हारी ने किंत्सुकुरॉय फिल्म्स (Kintsukuroi Films) नाम से अपना खुद का प्रोडक्शन हाउस लॉन्च किया है। इसकी पहली फिल्म एक डार्क कॉमेडी थ्रिलर 'नायका' होगी जिसमें वह खुद भी अभिनय करेंगी। कीर्ति कहती हैं, "प्रोडक्शन हाउस शुरू करना मेरा सपना था जिसके लिए पिछले कई साल से प्लानिंग चल रही थी। एक अभिनेत्री के रूप में पिछले तीन साल मेरे लिए बहुत अच्छे रहे हैं जिसने मुझे अपने फ़िल्म निर्माण के सपने को पूरा करने की प्रेरणा को और प्रबल किया। अब मैं एक कदम और आगे बढ़ना चाहती हूं जिससे मैं लोगों को अच्छे कंटेंट के साथ उनकी दुनिया की कहानियां सुना सकूं।"
दीपिका, कंगना और तापसी के तरह कीर्ति भी अपने फिल्म निर्माता बनने की वजह फिल्म निर्माण क्षेत्र में मौजूद असमानता को बताती है। वह कहती हैं, “मेरा इरादा फिल्म निर्माण प्रक्रिया में सबको समान अवसर प्रदान करना है। साथ ही काम के माहौल को भी सहयोगात्मक बनाना है। दुर्भाग्य से चीजों के काम करने के तरीके में अब भी एक ऐसा सिस्टम काम करता है जिसमें घुसना ही एक बड़ी चुनौती है। मेरा लक्ष्य इस अंतर को पाटना है। मेरा मानना है कि प्रतिभा को अपनाया जाए और उसे सम्मान दिया जाए तो सभी को समानता के अवसर मिल सकते हैं।"
अपनी फिल्म कंपनी के नाम का अर्थ पूछे जाने पर कीर्ति बताती हैं "किंत्सुकुरॉय Kintsukuroi) एक जापानी शब्द है जिसका अर्थ है सोने के जरिये टूटे हुए मिट्टी के बर्तनों को जोड़ने की कला। इस के पीछे का विचार यह है कि जब कोई चीज टूट जाती है, तो उसे ठीक करने के लिए सोने का उपयोग किया जाता है जिससे वह अपनी टूटी हुई अवस्था से भी अधिक सुंदर हो जाती है। इसी तरह अपने प्रोडक्शन हाउस और कहानियों के माध्यम मैं फिल्मों के जरिये टूटे हुए दिलों को जोड़ना और लोगों के जीवन में खालीपन को सुधारना चाहती हूं।”
अपनी कंपनी की पहली फिल्म "नायका" के बारे में कीर्ति बताती हैं, "पिछले साल वशिष्ठ इस को फिल्म मेरे पास लाए तो एक अभिनेत्री के रूप में मैंने तुरंत हामी भर दी और मैं गर्व से कह सकती हूं कि मैं एक निर्माता के रूप में भी इस यात्रा की शुरुआत इससे अच्छी नहीं हो सकती। 'नायका' मेरे लिए कुछ ऐसा एक्सप्लोर करने का एक मजेदार स्थान है जो मैंने पहले कभी नहीं किया। यह एक तेज गति की डार्क कॉमेडी थ्रिलर है और जिसमें बहुत ही युवा, गतिशील और प्रतिभाशाली लोग एक साथ आ रहे हैं।”