16 अगस्त शाम 5.05 बजे देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने आखिरी सांस ली। उनकी मृत्यु की खबर देश में फैलते ही चारों तरफ सन्नाटा छा गया। ऐसे में राजनीति गलियारे से लेकर बॉलीवुड स्टार्स भी बड़े सदमे में चले गए। यहां बात करेंगे पार्श्व गायिका लता मंगेशकर की जिन्होंने अटल जी की वो कविता अपनी आवाज में समर्पित की है जो कभी रिलीज ही नहीं हो पाई थी...
लता मंगेशकर ने अपनी आवाज में अर्पण की अटलजी की ये कालजयी कविता, बोलीं- 'वो हमेशा मेरे दद्दा रहेंगे'
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भारत्न रत्न से सम्मानित गायिका लता जी ने ट्विटर पर शेयर कर लिखा 'मेरे दद्दा अटल जी एक साधुपुरुष थे, हिमालय जैसे ऊंचे और गंगा जैसे पवित्र थे, मैंने जब उनकी कुछ कविताएं रिकॉर्ड की थी तो ये एक कविता एलबम में नहीं थी और इसलिए वो कविता में उनकी याद को अर्पण करती हूं।'
लता जी ने अटल जी द्वारा लिखी गई कविता 'ठन गई, मौत से ठन गई' को गाया था और मयूरेश पाई ने म्यूजिक कम्पोज किया था।
मेरे दद्दा अटलजी एक साधुपुरुष थे.हिमालय जैसे ऊँचे थे और गंगा जैसे पवित्र थे। मैंने उनकी कुछ कविताएँ जब रेकॉर्ड की थी तब ये एक कविता अल्बम में नहीं थी। वो कविता मैं आज उनकी याद को अर्पण करती हूँ.https://t.co/aAeWakqsX7
अटल जी के निधन पर शोक जताते हुए लता जी ने कहा 'पूर्व प्रधानमंत्री अटलजी अद्वितीय नेता थे लेकिन मेरे लिए वह बड़े भाई की तरह भी थे, समझ के बड़े महान थे और वे हमेशा में मेरे दद्दा ही रहेंगे, मैंने कई बार पाया कि वह अपने आप में बहुत विजयी इंसान थे, अगर मुझे कोई प्रभावित करने वाला इंसान था तो वो अटल जी थे।'
बता दें कि उनका निधन दिल्ली के एम्स अस्पताल में हुआ था। वे 11 दिन से इस अस्पताल में आईसीयू में थे। उन्हें यूरिनल इंफेक्शन था और लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर जी रहे थे। लेकिन देखते ही देखते अपनी लंबी बीमारी के सामने उन्होंने दम तोड़ दिया।