भारत रत्न लता मंगेशकर 8 जनवरी से ही मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें कोरोना वायरस के संक्रमण के बाद आईसीयू में भर्ती कराया गया है लेकिन इस बीच गायिका की खराब सेहत की झूठी खबरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। जिसपर आपको यकीन नहीं करना चाहिए। उनका इलाज कर रहे डॉक्टर ने उनके हेल्थ अपडेट देते हुए कहा कि लता मंगेशकर की हालत में थोड़ा सा सुधार दिखा है। लता मंगेशकर अभी भी आईसीयू वार्ड में हैं, डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर रखे हुई है।
Lata Mangeshkar Health Update: लता मंगेशकर की खराब सेहत की झूठी खबरें वायरल, हालत में हुआ थोड़ा सुधार
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वायरल की जा रहीं झूठी खबरें
लता मंगेशकर की प्रबंधन टीम ने वायरल हो रहीं झूठी खबरों को लेकर एक बयान जारी किया जिसमें उन्होंने कहा कि गायिका के स्वास्थ्य के बारे में कई झूठी अफवाहें इंटरनेट पर घूम रही हैं। अपने प्रशंसकों से इस तरह की खबरों पर विश्वास न करने की अपील की। दरअसल सोशल मीडिया पर कई पोस्ट में तो उनके निधन की खबरें भी धड़ल्ले से शेयर की जा रही है। अमर उजाला भी आपसे यही अपील करता है कि ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें।
टीम ने जारी किया बयान
एक ईमानदार अपील। कृपया किसी भी झूठी खबर को हवा न दें, लता मंगेशकर इलाज के तहत आईसीयू में हैं। डॉ प्रतीत समदानी और डॉक्टरों की उनकी टीम द्वारा इलाज किया गया। परिवार और डॉक्टरों को अपनी जगह चाहिए। आइए हम लता दीदी के शीघ्र स्वस्थ होने और घर लौटने की प्रार्थना करें। इससे पहले दिग्गज गायिका को नवंबर 2019 में सांस लेने में तकलीफ होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
कोरोना के साथ-साथ निमोनिया की चपेट में हैं लता मंगेशकर
लता मंगेशकर अपने जीवन के 93वें साल में चल रही हैं। वे कोरोना के साथ-साथ निमोनिया से भी ग्रसित हैं। बीमारी और उनकी उम्र को ख्याल में रखते हुए उनको आईसीयू में रखा गया है। उनकी सेहत पर लगातार नजर रखी जा रही है। इस बीच देश भर में उनके जल्द स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना और दुआएं की जा रही हैं।
सात दशक का शानदार करियर
अपने सात दशक के लंबे करियर में, लता मंगेशकर ने कई भारतीय भाषाओं में 30,000 से अधिक गाने गाए हैं। बता दें कि साल 2001 में उन्हें भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' दिया गया था। उन्हें साल 1989 में दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।