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Arjun Kapoor: अर्जुन कपूर से सीखिए हताशा में भी हिम्मत न हारने के गुर, सोच बदलने से बदल गई दुनिया

Thu, 22 Jul 2021 01:59 PM IST
शुभांगी गुप्ता अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई Published by: शुभांगी गुप्ता Updated Thu, 22 Jul 2021 01:59 PM IST
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Learn from Arjun Kapoor how not to lose courage even in desperation
अर्जुन कपूर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

अभिनेता अर्जुन कपूर इन दिनों अपने करियर की नई ऊंचाई पर हैं। वजन अपना उन्होंने और कम कर लिया है। किरदार भी उनके पास अब एक से बढ़कर एक आ रहे हैं। फिल्म ‘सरदार का ग्रांडसन’ की कामयाबी के बाद सबकी निगाहें अब उनकी आने वाली फिल्म ‘भूत पुलिस’ पर टिकी हैं। इस बीच अर्जुन कपूर अपने अतीत के पन्नों को पलट रहे हैं और याद कर रहे हैं, वे दिन जब जीवन उनको कठिन लगता था। मोटापा उनकी पहचान बन चुका था। रोज रोज उड़ाई जाने वाली खिल्ली से वह तंग आ चुके थे और जीवन उन्हें कष्टकारी लगता था। लेकिन, अर्जुन ने फिर अपने नाम की तरह की जीवन का पक्का निशाना साधा। पूरी धुन में इसके लिए मेहनत की। दिन रात पसीना बहाया और अब जो दर्शकों के सामने है वह नया अर्जुन है। वह लोगों की आंखों का दुलारा भी इसीलिए बन पाया है।



अर्जुन मानते भी हैं कि यह बहुत खास अहसास है क्योंकि कुछ साल पहले तक मैं वैसा ही था जिसके लिए लोग मुझे बोलते रहते थे। लेकिन, सफलता मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से बहुत महत्वपूर्ण है और इसने मुझे भविष्य के लिए उत्साहित कर दिया है जो अभिनेता के रूप में मुझे अभी देखना है। मैं बेहतर शरीर हासिल कर पाया और मैं इसका श्रेय अपनी मनः स्थिति को देता हूं।’’ अर्जुन के मुताबिक उन्हें अपने मन को सकारात्मक सोच से भरा हुआ रखने के लिए काफी मुश्किल समय देखना पड़ा। वह बचपन से ही मोटापे का शिकार थे भी लंबे समय तक जूझना पड़ा।

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अर्जुन कपूर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

एक दमदार कलाकार के रूप में अपनी पहचान बना चुके अर्जुन कहते हैं, ‘‘मेरे स्वास्थ्य की स्थिति ने मुझे अपने आकार में बने रहने के लिए हमेशा काफी संघर्ष करवाया। बहुत कम लोगों को मालूम है कि मैं लंबे समय तक मोटापे से संघर्ष करता रहा। मैं केवल एक मोटा बच्चा नहीं था बल्कि मेरा मोटापा एक बड़ी समस्या थी। यह आसान नहीं था। मेरे शरीर के लिए मेरी काफी आलोचना हुई है और मैंने उस आलोचना को भी स्वीकार किया क्योंकि लोग अभिनेताओं से एक विशेष शरीर आकृति में बने रहने की अपेक्षा करते हैं। उन्होंने मेरे संघर्ष को नहीं समझा और मुझे इसका कोई दुख भी नहीं है। मुझे केवल खुद के और जो लोग मुझमें भरोसा करते हैं, उनके लिए खुद को साबित करना है।’’

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दादी के साथ अर्जुन कपूर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

अर्जुन इस बात को स्वीकार भी करते हैं कि हिट फिल्में देने के बावजूद सभी अभिनेताओं पर निरंतर खुद को साबित करने का दबाव बना रहता है। वह सभी की नजरों में होते हैं और उनके जीवन की लगातार समीक्षा होती है। उनके जीवन का हर कोई आंकलन करता है। यह कोई आसान पेशा नहीं है। वह कहते हैं, ‘‘उद्योग में उपयोगी बने रहने का दबाव बहुत ज्यादा रहता है और नकारात्मकता आप तक पहुंच ही जाती है। जब मेरी फिल्में अपेक्षा के अनुरूप काम नहीं कर रही थीं तो नकारात्मकता बढ़ गई। जिन चीजों ने मेरी सेहत को पहले प्रभावित किया वे फिर से आ गईं लेकिन मैं आगे बढ़ने के लिए कड़ी मेहनत करता रहा। हर दिन को उपयोगी बनाता रहा।’’

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अर्जुन कपूर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

अर्जुन को लोग अब एक रोल मॉडल के रूप में देखते हैं। वह उन सब लोगों के लिए आशा की किरण हैं जिन्होंने हताशा में भी बेहतर कर दिखाने की चुनौती स्वीकार की। अर्जुन कहते हैं,  ‘‘जब आप निरंतर काम के दबाव में होते हैं, तब आपको यह अहसास नहीं होता कि आप फिसल भी सकते हैं। आपको यह अहसास नहीं होता कि आप साहसी चेहरा रखते हुए अंदर से टूट सकते हैं। मेरे साथ ऐसा हुआ। कई लोगों के साथ यह होता है। लेकिन लगातार मेहनत और पक्के इरादे के चलते मुझे खुशी है कि मेरा काम बढ़ रहा है। मुझे लगता है हम सभी खुश हैं। इसलिए यदि लोगों को पसंद है कि मेरा वजन कम हो गया और मैं बेहतर दिखाई दे रहा हूँ, तो मैं इस प्रोत्साहन के लिए उन्हें धन्यवाद देता हूँ। सकारात्मकता और नकारात्मकता हमारे काम का हिस्सा हैं। अभिनेता के रूप में हमें इन्हें स्वीकार करना होगा और आगे बढ़ना होगा।’’

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अर्जुन कपूर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

कोरोना संक्रमण काल ने भी अर्जुन कपूर को काफी कुछ बदला है। महामारी के दौरान उन्होंने पॉजि़टिव लिविंग के बारे में पढ़ना शुरू किया और इससे कई सारी चीजें ठीक करने में उन्हें मदद भी मिली। वह कहते हैं, “इस दौरान मैंने लगातार खुद को केंद्रित करने का प्रयास किया, और शायद लॉकडाउन ने मुझे खुद पर केंद्रित होने में मदद की व सारे अनावश्यक शोरगुल को खत्म किया।’’ अर्जुन कपूर जल्द ही फिल्म ‘एक विलेन 2’ में दिखाई देंगे। वह बताते हैं कि निर्देशक मोहित सूरी की अपेक्षा के अनुरूप शरीर पाने के लिए उन्हें इस फिल्म से पहले काफी कड़ी मेहनत करनी पड़ी।

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