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पिता के एक फैसले की वजह से 9 साल तक फिल्मों से दूर रहा ये एक्टर, आज है साउथ सिनेमा का 'बादशाह'
Thu, 09 Aug 2018 07:55 AM IST
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Updated Thu, 09 Aug 2018 07:55 AM IST
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साउथ सुपरस्टार महेश बाबू 9 अगस्त को 43वां जन्मदिन मनाएंगे। महेश बाबू का साउथ में रुतबा ठीक वैसा ही है जैसा बॉलीवुड में सलमान और शाहरुख का। महेश बाबू मशहूर एक्टर कृष्णा के बेटे हैं यानी कि बचपन से ही महेश का लालन पोषण उस माहौल में हुआ जिसका जुड़ाव सिनेमाजगत से था। तो चलिए महेश बाबू के जन्मदिन पर हम आपको उनसे जुड़े कुछ अनसुने किस्से बताते हैं।
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साल 1979 में महेश बाबू तेलुगु फिल्म 'नीदा' के सेट पर गए थे। उस वक्त फिल्म डायरेक्टर दसारी नारायम राव ने छोटे से महेश के साथ फिल्म के कुछ सीन्स शूट किए थे। इस तरह से महज 4 साल की उम्र में महेश बाबू ने तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री में डेब्यू किया था।
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महेश बाबू ने चेन्नई के सेंट बेडे एंग्लो इंडियन हाइयर सेकेंडरी स्कूल से पढ़ाई की थी। महेश बाबू के साथ इसी स्कूल में तमिल एक्टर कार्थी और सूर्या के भाई ने भी पढा़ई की थी।
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बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट महेश बाबू ने 9 फिल्मों में काम किया है। आखिरी रिलीज फिल्म 'अन्ना थमुडू' (1990) के बाद महेश बाबू ने पिता के कहने पर 9 साल तक फिल्मों से दूरी बना ली। ऐसा इसलिए क्योंकि महेश बाबू के पिता चाहते थे कि वह अपनी पढ़ाई में पूरी तरह से ध्यान दें।
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9 साल तक फिल्मों से दूरी बनाने के बाद महेश बाबू ने बतौर लीड एक्टर साल 1999 में 'राजा कुमारुदु' फिल्म से बॉलीवुड में एक्टिंग करियर की शुरुआत की। इस फिल्म में महेश बाबू के साथ प्रीती जिंटा थी। इस फिल्म को के राघवेन्द्र राव ने डायरेक्ट किया था। इस फिल्म के लिए महेश बाबू को 'नंदी अवॉर्ड फॉर बेस्ट मेल' डेब्यू मिला था।
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