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पचास और साठ के दशक में संगीतकारों की पहली पसंद होते थे मन्ना डे, ऐसा रहा फिल्मी सफर

Sat, 24 Oct 2020 09:52 AM IST
प्रतीक्षा राणावत एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: प्रतीक्षा राणावत Updated Sat, 24 Oct 2020 09:52 AM IST
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Manna Dey Death Anniversary Know About Legendary Singer Filmy Career
manna dey - फोटो : फाइल फोटो

मन्ना डे भले ही आज हमारे बीच न हों, लेकिन उनका संगीत हमेशा भारतीय सिनेमा में जीवित रहेगा। मन्ना डे का निधन 24 अक्तूबर 2013 को हुआ था। इस साल मन्ना डे की सातवीं पुण्यतिथि है। मन्ना डे पचास और साठ के दशक के ऐसा गायक थे जिन्हें हर संगीतकार पसंद करता था। अगर हिंदी फिल्मों में राग पर आधारित कोई गाना होता था तो उसके लिए संगीतकारों की पहली पसंद मन्ना डे ही होते थे।

Manna Dey Death Anniversary Know About Legendary Singer Filmy Career
मन्ना डे - फोटो : फाइल फोटो

मन्ना डे का जन्म एक मई 1919 को उत्तरी कोलकाता के एक रुढ़िवादी संयुक्त बंगाली परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम पूर्ण चंद्र डे और मां का नाम महामाया डे थ। मन्ना डे का असली नाम प्रबोध चंद्र डे था। उनके मामा संगीताचार्य कृष्ण चंद्र डे ने मन्ना डे के मन में संगीत के प्रति दिलचस्पी पैदा की।

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मन्ना डे - फोटो : फाइल फोटो

बतौर पार्श्व गायक उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1943 में आई फिल्म ‘तमन्ना’ से की थी। इसमें संगीत दिया था कृष्ण चंद्र डे ने। सुरैया के साथ गाया गया मन्ना डे का गीत जबरदस्त हिट रहा। मन्ना डे को 1950 में आई फिल्म ‘मशाल’ में पहली बार एकल गीत गाने का मौका मिला। गीत के बोल थे ‘ऊपर गगन विशाल’ और इसे संगीत से संवारा था सचिन देव वर्मन ने।

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मन्ना डे - फोटो : फाइल फोटो

साल 1952 में मन्ना डे ने ‘अमर भूपाली’ नाम से मराठी और बांग्ला में आई फिल्म में गाना गाया और खुद को एक बंगाली गायक के रूप में स्थापित किया। उन्होंने हिन्दी के अलावा बंगाली, मराठी, गुजराती, मलयालम, कन्नड और असमिया भाषा में भी गीत गाए।

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मन्ना डे - फोटो : फाइल फोटो

चाहे वो मेरी सूरत तेरी आंखें का 'पूछो न कैसे मैंने रैन बिताई' हो या दिल ही तो है का 'लागा चुनरी में दाग', बुढ्ढा मिल गया का 'आयो कहां से घनश्याम' या बसंत बहार का 'सुर न सजे' मन्ना डे हर गाने पर अपनी छाप छोड़ जाते थे। लेकिन ऐसा नहीं कि मन्ना डे की आवाज सिर्फ गंभीर गानों पर ही सजती थी। उन्होंने 'दिल का हाल सुने दिल वाला', 'ना मांगू सोना चांदी' और 'एक चतुर नार' जैसे हल्के-फुल्के गीत भी गाए हैं।

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