बड़े या छोटे पर्दे पर जब हम बाल कलाकारों को दमदार अभिनय करते देखते हैं तो हमें लगता है कि इनके लिए सफलता के रास्ते अभी से खुल गए हैं। हालांकि बॉलीवुड में सफलता की कोई गारंटी नहीं होती। यहां आज जो हिट है वो कल भी हिट ही रहे ये जरूरी नहीं है। ऐसे बहुत से सितारे हैं जिन्होंने बाल कलाकार के तौर पर अपने करियर की शुरूआत की थी लेकिन वो इंडस्ट्री के बड़े कलाकार नहीं बन पाए। आइये डालते हैं एक बार इन चेहरों पर नजर।
तस्वीरें: बचपन में खूब चमके ये 'सितारे', अब दिखेंगे तो पहचान भी नहीं पाएंगे आप
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मास्टर राजू
70 के दशक की कई फिल्मों में मास्टर राजू यानी फहीम अजानी ने बाल कलाकार के रूप में काम किया था। उनकी मासूमियत देख हर कोई उन पर दिल हार जाता था। फिल्म 'परिचय' के लिए गुलजार एक बाल कलाकार की तलाश कर रहे थे। उन्हें एक ऐसा बच्चा चाहिए था जिसने कभी काम ना किया हो। जब राजू ऑडिशन के लिए पहुंचे तो गुलजार ने उनसे बात की और वो रोने लगे। उनके माता पिता को लगा कि राजू को रिजेक्ट कर दिया गया। हालांकि बाद में गुलजार ने उन्हें बताया कि उन्हें राजू जैसे बच्चे की तलाश है। परिचय के अलावा उन्हें 'बावर्ची', 'अभिमान', 'दाग', 'अंखियों के झरोखों से', 'किताब', 'चितचोर' जैसी कई फिल्मों में काम करने का मौका मिला। उन्होंने 'अफसाना प्यार का', 'शतरंज', 'खुद्दार', 'साजन चले ससुराल' जैसी फिल्मों में काम किया, लेकिन धीरे धीरे उन्हें काम मिलना बंद हो गया और उन्होंने टीवी का रुख किया। वो 'चुनौती', 'अदालत', 'बानी-इश्क दा कलमा' जैसे हिट शो में नजर आए, लेकिन अब उन्हें कोई खास काम नहीं मिल रहा। वो पिछले काफी समय से फिल्मों से दूर हैं।
तनवी हेगड़े
90 के दशक में एक शो काफी हिट हुआ था जिसका नाम था 'सोनपरी'। इस शो में सोनपरी का किरदार मृणाल देव कुलकर्णी ने निभाया था तो वहीं तनवी हेगड़े ने फ्रूटी का किरदार निभाया था। अपने अनोखे नाम और अभिनय से तनवी बच्चों के बीच काफी लोकप्रिय हो गईं थीं। तनवी की उस समय की लोकप्रियता देखकर हर किसी को लगा था कि वो भविष्य में एक बड़ी स्टार बनेंगी। हालांकि ऐसा हुआ नहीं। तनवी बॉलीवुड में एक बड़ा नाम नहीं बन पाईं। उन्होंने कुछ मराठी फिल्मों में जरूर काम किया।
मयूर राज वर्मा
70 और 80 के दशक में अमिताभ बच्चन की कई फिल्मों में मयूर राज वर्मा ने उनके बचपन का किरदार निभाया था। उनका चेहरा मोहरा बिग से इस कदर मेल खाता था कि दर्शक यकीन कर लेते थे कि बचपन में अमिताभ ऐसे ही रहे होंगे। ये ही वजह थी कि मयूर को यंग अमिताभ बच्चन भी कहा जाता था। इतना ही नहीं अमिताभ की फिल्मों में उनके बचपन का किरदार निभाने वाले मयूर सबसे अधिक पैसे चार्ज करने वाले बाल कलाकार थे। हालांकि धीरे धीरे मयूर फिल्मों से दूर हो गए और अब वो लाइमलाइट से दूर अपना बिजनेस संभाल रहे हैं।
बेबी गुड्डू
शाहिंदा बेग 80 के दशक की मशहूर बाल कलाकार में से एक थीं जिन्हें लोग बेबी गुड्डू के नाम से जानते हैं। वो फिल्म मेकर एम एम बेग की बेटी हैं। बेबी गुड्डू ने 'औलाद', 'समुंदर', 'घर घर की कहानी', 'मुल्जिम', 'नगीना' जैसी कई हिट फिल्मों में बाल कलाकार के रूप में काम किया था। फिल्मों के अलावा उन्हें विज्ञापन के जरिए भी खूब शोहरत मिली थी। एक बाल कलाकार के रूप में उन्होंने आखिरी फिल्म 1991 में की थी जिसका नाम था 'घर परिवार'। बेबी गुड्डू अब दुबई में रहती हैं और अमीरात एयरलाइंस के साथ काम करती हैं। उन्होंने सालों पहले बॉलीवुड से दूरी बना ली थी।