हिंदी सिनेमा में गानों का बहुत महत्व है। बॉलीवुड में शुरू से ही गानों को लेकर एक अलग क्रेज रहा है। साथ ही दर्शक और श्रोता भी इसे बड़े चाव से देखते और सुनते हैं। कई बार कोई गाना सुपरस्टार को लेकर तो कभी डांस को लेकर काफी लोकप्रिय हो जाता है। वहीं दूसरी तरफ कुछ गाने अपने अलग संगीत को लेकर लोगों के जहन में अपनी जगह बना लेते हैं। कई ऐसे गानें हैं, जो इसे सच साबित करते हैं। इन सबके बीच आपको शायद कई बार महसूस हुआ हो कि ये धुन सुनी-सुनी सी लग रही है, जैसे पहले भी कभी सुन रखी हो। ऐसे एक नहीं बल्कि अनेकों गाने मिल जाएंगे, जिसमें एक जैसा म्यूजिक सुनाई देगा। दरअसल, ये कॉपी ट्यून होती हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे ही बॉलीवुड गीतों के बारे में बताएंगे।
तम्मा तम्मा लोगे...जुम्मा चुम्मा जैसे सुपरहिट गानों का अजीब है इतिहास, इनका सच सोचने पर कर देगा मजबूर
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'तम्मा तम्मा लोगे'
इनमें सबसे पहले जिक्र करेंगे 90 के दशक का ‘तम्मा तम्मा लोगे’ का। 10 दिसंबर 1990 में रिलीज हुई संजय दत्त और माधुरी दीक्षित अभिनीत फिल्म ‘थानेदार’ का ये गाना अपने समय का जबरदस्त हिट था। बप्पी लहरी इसके म्यूजिक डायरेक्टर थे। लेकिन आरोप है कि ये म्यूजिक ही नहीं बल्कि बोल भी कॉपी हैं, जो एक विदेशी गाने से चुराए गए थे। ये गाना अफ्रीकी पॉप स्टार मोरी कांट के एल्बम ‘तमा’ से चुराया था, जो 1987 में आया अफ्रीका के सबसे बड़े हिट्स में से एक था। इसके बोल ‘तमा-तमा लोडेड’ थे। इसे बाद में रूपांतरित कर बप्पी लहरी ने अपने लिए इस्तेमाल कर लिया और इसके बाद ‘बद्रीनाथ की दुल्हनिया’ में वरुण धवन और आलिया भट्ट पर फिर से फिल्माया गया। इसे रीक्रिएट करने के लिए तनिष्क बागची ने बप्पी दा से स्वीकृति ली थी।
'जुम्मा चुम्मा'
इस गाने को लेकर एक और विवाद है। बताया जाता है कि 1988 में रमेश सिप्पी ने ‘राम की सीता, श्याम की गीता’ नाम की एक फिल्म बनाने की योजना बनाई थी, जिसमें अमिताभ बच्चन मुख्य भूमिका में होने वाले थे। इसके लिए ‘जुम्मा चुम्मा दे दे’ नाम का एक गाना तैयार किया जा रहा था। संगीतकार लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने अफ्रीकी मोरी कांट के गाने की धुन को रूपांतरित कर इसे हिंदी में बनाया था। लेकिन फिल्म बन न सकी तो अमिताभ और लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने इसे दूसरी फिल्म ‘हम’ में इस्तेमाल कर लिया था। इसके लिए रमेश सिप्पी इनलोगों पर भड़क गए थे। साथ ही काम में उन्हें अव्यवसायिक करार दिया था।
'तिनक तिन ताना'
बॉलीवुड की सॉन्ग कंपोजर जोड़ी संजीव-दर्शन पर भी ये आरोप लग चुके हैं। आमिर खान की 9 जुलाई 1999 में रिलीज हुई फिल्म ‘मन’ का गाना भी इसी तरह के विवादों में आया था। इस फिल्म फ्लॉप के रहने के बावजूद गाने काफी चर्चा में रहे थे। इसका गाना ‘तिनक तिन ताना’ भी लोगों को पसंद आया था। लेकिन कहते हैं कि ये मलेशिया के तब के जाने-माने सिंगर स्याहमान बिन वान यूनुस जो ईवान के नाम से दुनिया भर में मशहूर थे, उनके एल्बम से लिया गया था। धुन चोरी करने के आरोप में उन्होंने संजीव-दर्शन पर केस था, जो जीत भी लिया था।
'ठंडी हवाएं'
ये सिलसिला काफी समय से चला आ रहा है। 1951 में आई फिल्म ‘नौजवान’ का साहिर लुधियानवी द्वारा लिखा गया गाना ‘ठंडी हवाएं’ भी इस सूची में आता है। इसकी धुन का श्रेय एसडी बर्मन को दिया जाता है। गाने की ट्यून इतनी जबरदस्त थी कि इसे लगभग 10 गानों में कॉपी किया गया। 1954 में रिलीज हुई मीना कुमारी और शेखर स्टारर फिल्म ‘चांदनी चौक’ के गाने ‘तेरा दिल कहां है’ में फेरबदल कर इस्तेमाल किया गया था। इसके म्यूजिक डायरेक्टर रोशन थे। बाद में इसी धुन पर ‘रहें न रहें हम’, ‘यही है तमन्ना’, कंजुम पुरावे (तमिल), ‘हमें रास्तों की जरूरत नहीं है’, ‘हमें और जीने की चाहत न होती’, ‘दोनों के दिल हैं मजबूर प्यार से’, ‘सागर किनारे दिल ये पुकारे’, और ‘कहा था जो तुमने’ जैसे गाने बनाए गए।