बॉलीवुड की ट्रेजडी क्वीन के नाम से मशहूर अभिनेत्री मीना कुमारी का जन्म 1 अगस्त 1933 को हुआ था। मीना कुमारी ने एक तरफ जहां बड़े पर्दे पर सफलता के कई झंडे लहराए तो वहीं निजी जिंदगी में काफी दर्द भी झेला। जिसके चलते उन्हें ट्रेजडी क्वीन कहा जाता था। अपने जमाने की बेहतरीन और खूबसूरत अभिनेत्री मीना कुमारी की जिंदगी लाख दुखों से भरी थी। लेकिन उनकी जिंदगी में जो पल खुशियां लेकर आया था वो था उनका प्यार। मीना कुमारी की एक अंग्रेजी पत्रिका देखते हुए नजर एक तस्वीर पर पड़ी। ये तस्वीर कमाल अमरोही की थी, इसे देखते ही मीना दिल दे बैठीं। और यहां से शुरू हुए मीना और कमाल की मोहब्बत के अफसाने....
Meena Kumari Birth Anniversary: शादीशुदा कमाल अमरोही को दिल दे बैठी थीं 'ट्रेजडी क्वीन', कुछ ही समय में रिश्ते में आ गई थी दरार
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अपने करियर के एक दौर में मीना कुमारी एक सड़क हादसे का शिकार हो गईं। जिसके बाद उन्हें पूना के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। कमाल अमरोही जब पहली बार उन्हें अस्पताल में देखने पहुंचे तो मीना कुमारी की छोटी बहन ने उन्हें बताया कि आपा मौसम्बी का जूस नहीं पी रही हैं। लेकिन कमाल अमरोही के सामने मीना कुमारी ने एक झटके में जूस पी लिया। इसके बाद मीना कुमारी को देखने के लिए कमाल अमरोही सप्ताह के एक दिन मुंबई से पूना आने लगे। कुछ ही दिनों में लगने लगा कि एक दिन की मुलाकात में दिल की बात नहीं हो पा रही है, तो फिर दोनों ने रोजाना एक दूसरे को खत लिखने का फैसला लिया। मीना कुमारी और कमाल अमरोही एक दूसरे को मेड फॉर इच अदर के रूप में देखने लगे थे।
हालांकि मीना कुमारी के पिता नहीं चाहते थे उनकी बेटी इतनी जल्दी शादी करे और वो भी ऐसे शख्स से जो पहले ही दो शादियां कर चुका हो और तीन बच्चों का पिता हो। लेकिन मीना कुमारी और कमाल अमरोही के लिए एक दूसरे के बिना रह पाना मुश्किल होता गया और आखिर में 14 फरवरी, 1952 को मीना कुमारी और कमाल अमरोही ने शादी कर ली। ये शादी भी बेहद अलहदा अंदाज में हुई थी। मीना कुमारी अपनी बहन के साथ वॉर्डन रोड पर एक मसाज क्लिनिक पर रोज जाती थीं, एक्सीडेंट के बाद ये उनके इलाज का हिस्सा था। उनके पिता कार से उन्हें छोड़ने आते थे, दो घंटे के लिए। 14 फरवरी, 1952 को दोनों बहनें पिता के छोड़ने के बाद कमाल अमरोही और उनके सहायक बाकर के साथ निकाह कराने पहुंची। काजी पहले तैयार थे, उन्होंने पहले सुन्नी रवायत से और फिर शिया रवायत से निकाह करवाया।
इसके बाद मीना कुमारी अपनी बहन के साथ डॉक्टर के क्लिनिक लौटीं और फिर अपने घर। इस वक्त मीना महज 18 बरस की थीं। इस शादी के एक साल और कुछ महीनों के बाद अगस्त, 1953 में मीना कुमारी, कमाल अमरोही के घर पहुंचीं। अपने पिता का घर छोड़कर और एक दर्जन साड़ियों के साथ। मीना कमाल को चंदन कहती थीं और कमाल मीना को मंजू। हालांकि दोनों की ये प्रेम कहानी बहुत कामयाब नहीं रहीं। मीना कुमारी तब तक सुपर स्टार बन चुकीं थीं और कभी सिनेमाई दुनिया के उभरते डायरेक्टर और निर्देशक को ये पसंद नहीं था कि उनकी पहचान उनकी पत्नी के नाम से हो। दोनों के आपसी अहम टकराने लगे।
इस बीच 1953 में कमाल अमरोही ने 'पाकीजा' की कल्पना की। मीना कुमारी और राजकुमार की इस फिल्म को बनाने के दौरान पति-पत्नी का संबंध अपने बुरे दौर में पहुंच गया था। 1964 में मीना कुमारी और कमाल अमरोही अलग हो गए और 'पाकीजा' भी अधर में लटक गई। इस बीच 1960 में मुगले आजम फिल्म के डायलॉग लिखकर भी कमाल अमरोही ने अपने लेखन का जलवा बनाए रखा, इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्म फेयर पुरस्कार भी मिला था।
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