कनाडा फिल्म फेस्टिवल में भारतीय फिल्मों की हर वर्ष धूम रहती है। गोवा 'अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल' से हर साल 'कनाडा फिल्म फेस्टिवल' में पहुंचने वाली फिल्में कनाडावासियों का दिल जीतती है। नजीबाबाद निवासी इंदरप्रीत सिंह भारतीय फिल्मों और यहां की संस्कृति को कनाडावासियों से रूबरू कराने में सेतु का काम कर रहे हैं। जानें कैसे भारतीय फिल्मों से कनाडावासियों का दिल जीत रहे हैं इंदरप्रीत सिंह: -
भारतीय फिल्मों को 'कनाडा फिल्म फेस्टिवल' तक पहुंचा रहे यूपी के इंदरप्रीत सिंह
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नजीबाबाद के निवासी इंदरप्रीत सिंह कनाडा के ओंटारियो राज्य के ऑटवा में रहकर भारतीय सिनेमा की सुगंध विदेश तक पहुंचाने का मिशन चला रहे हैं। ऑटवा इंडियन फिल्म फेस्टिवल अवार्ड (ओइफ्फा) संस्था के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर एंड डायरेक्टर ऑफ प्रोग्रामिंग इंदरप्रीत सिंह का बचपन नजीबाबाद के मथुरापुरमोर में बीता।
20 से 28 नवंबर तक गोवा में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2018 में भाग लेने आए इंदरप्रीत सिंह ने अमर उजाला को बताया कि कनाडावासी भारतीय फिल्मों के दीवाने हैं। गोवा के अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल से हर वर्ष रिलीज होने से पूर्व कई भारतीय फिल्म कनाडा फिल्मोत्सव की शान बढ़ाती हैं।
भारतीय फिल्मों को प्रतिवर्ष 11 जून से 15 जून तक आयोजित होने वाले कनाडा फिल्मोत्सव तक पहुंचाने में अहम भूमिका अदा करने वाले फिल्म अनुरागी इंदरप्रीत सिंह बताते हैं कि गतवर्ष जिन भारतीय फिल्मों और डाक्यूमेंट्री ने ओइफ्फा के निर्देशन में कनाडा फिल्मोत्सव में धूम मचाई उनमें फिल्म 'लव एंड शुक्ला', 'गली गुलियां', 'अंग्रेजी में कहते हैं' और 'भस्मासुर' प्रमुख फिल्में शामिल थीं।
ओइफ्फा ट्रॉफी से सम्मानित हुई फिल्मों में फिल्म भस्मासुर के लिए निशिल सेठ को बेस्ट डायरेक्टर, गार्डन ऑफ डिजायर में संजू सुरेंद्र को पुरस्कार से नवाजा गया। फिल्म 'अंग्रेजी में कहते हैं' की अभिनेत्री एकावली खन्ना को कनाडा फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का अवार्ड दिया गया।