फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Mohammed Rafi B'day: महान फनकार मोहम्मद रफी की निजी जिंदगी से जुड़ा वो किस्सा, जिससे बेहद कम लोग हैं रूबरू

Sun, 24 Dec 2023 07:15 AM IST
रुपाली रामा जायसवाल एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: रुपाली रामा जायसवाल Updated Sun, 24 Dec 2023 07:15 AM IST
सार

एक महान फनकार जिसने भावनाओं को शब्दों में पिरोया, प्यार-मोहब्बत से लबरेज गानों से दिलों को छू लिया, आज उस शख्सियत की जयंती है। 'तुम मुझे यूं भुला ना पाओगे' गीत को आवाज देने वाले मोहम्मद रफी की आज जयंती है, जिन्हें वाकई में कभी नहीं भुलाया जा सकता। 

विज्ञापन
Mohammed Rafi Birthday special know ustaad career songs family struggle wife and unknown facts
मोहम्मद रफी - फोटो : अमर उजाला

एक महान फनकार जिसने भावनाओं को शब्दों में पिरोया, प्यार-मोहब्बत से लबरेज गानों से दिलों को छू लिया, आज उस शख्सियत की जयंती है। 'तुम मुझे यूं भुला ना पाओगे' गीत को आवाज देने वाले मोहम्मद रफी की आज जयंती है, जिन्हें वाकई में कभी नहीं भुलाया जा सकता। रूहानी आवाज से नवाजे गए रफी साहब भले ही इस दुनिया से रुखसत हो चुके हैं, लेकिन उनके सदाबहार गानों ने उन्हें चाहनेवालों के दिलों में हमेशा के लिए अमर कर दिया है। 'क्या हुआ तेरा वादा' से लेकर 'आज मौसम बड़ा बेईमान है' तक, ये सभी गाने आज भी काफी लोकप्रिय हैं। 24 दिसंबर,1924 को जन्में रफी साहब जितने बेहतरीन गायक थे, उतने ही शानदार इंसान भी थे। हालांकि, अमृतसर के छोटे गांव कोटला सुल्तानपुर में रहने वाले मोहम्मद रफी, उस्ताद मोहम्मद रफी कैसे बने, आइए उनके 99वीं जयंती पर जान लेते हैं-


Singham 3: 'सिंघम 3' के सेट पर चोटिल हुए अजय देवगन, रद्द की गई फिल्म की शूटिंग

Mohammed Rafi Birthday special know ustaad career songs family struggle wife and unknown facts
मोहम्मद रफी - फोटो : सोशल मीडिया

उल्लेखनीय है कि पंजाब के कोटला सुल्तानपुर में  24 दिसंबर, 1924 को हाजी अली मोहम्मद के परिवार में मोहम्मद रफी का जन्म हुआ था। हाजी अली मोहम्मद के छह बच्चों में से रफी दूसरे नंबर पर थे। उन्हें घर में फीको कहा जाता था। गली में फकीर को गाते सुनकर रफी ने गाना शुरू किया था। धीरे-धीरे यह सूफी फकीर उनके गाने की प्रेरणा बनता गया और वह मोहम्मद रफी से उस्ताद मोहम्मद रफी बन गए। रफी के बड़े भाई सलून चलाया करते थे। मोहम्मद रफी की पढ़ाई में कोई रूचि नहीं थी। ऐसे में उनके पिताजी ने उन्हें बड़े भाई के साथ सलून में काम सीखने के लिए भेज दिया था। रफी के साले मोहम्मद हमीद ने रफी में प्रतिभा देखी और उनका उत्साह बढ़ाया। हमीद ने ही रफी साहब की मुलाकात नौशाद अली से करवाई। जिसके बाद उन्हें ‘हिंदुस्तान के हम हैं, हिंदुस्तान हमारा’ की कुछ लाइने गाने का मौका मिला।

Mohammed Rafi Birthday special know ustaad career songs family struggle wife and unknown facts
मोहम्मद रफी - फोटो : सोशल मीडिया

मोहम्मद रफी ने पहली दफा 13 वर्ष की उम्र में स्टेज परफॉर्मेंस दी थी। यह अवसर उन्हें महान केएल सहगल के एक संगीत कार्यक्रम में मिला था। 1948 में, रफी ने राजेंद्र कृष्ण द्वारा लिखित ‘सुन सुनो ऐ दुनिया वालों बापूजी की अमर कहानी’ गाना गाया। इस गाने के हिट होने के बाद उन्हें तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के घर में गाने के लिए आमंत्रित किया गया था। मोहम्मद रफी ने बॉलीवुड की कई फिल्मों में शानदार गाने गाए, जिन्हें हिंदी संगीत के इतिहास में गिना जाता है। उन्होंने हिंदी गानों के अलावा कई क्षेत्रीय और विदेशी भाषा में भी गाने गाए। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Mohammed Rafi Birthday special know ustaad career songs family struggle wife and unknown facts
मोहम्मद रफी - फोटो : सोशल मीडिया

रफी के गानों के दीवाने तो करोड़ों हैं, लेकिन उनकी निजी जिंदगी के बारे में कम ही लोगों को पता है। बहुत ही कम लोग जानते हैं कि मोहम्मद रफी ने दो शादियां की थीं। अपनी पहली शादी की बात उन्होंने सबसे छिपाकर रखी थी। इसका खुलासा मोहम्मद रफी की बहू यास्मीन खालिद रफी ने की। यास्मीन ने अपनी किताब 'मोहम्मद रफी मेरे अब्बा..एक संस्मरण' में रफी की पहली शादी का जिक्र किया। यास्मीन ने किताब में लिखा कि मोहम्मद रफी की पहली शादी 13 वर्ष की उम्र में उनके चाचा की बेटी बशीरा बानो से उनके पैतृक गांव में हुई थी। यह शादी ज्यादा दिन चली नहीं क्योंकि बशीरा ने रफी के साथ भारत आने से मना कर दिया। वर्ष 1944 में 20 की उम्र में रफी की दूसरी शादी सिराजुद्दीन अहमद बारी और तालिमुन्निसा की बेटी बिलकिस के साथ हुई। 

विज्ञापन
Mohammed Rafi Birthday special know ustaad career songs family struggle wife and unknown facts
मोहम्मद रफी - फोटो : सोशल मीडिया

पहली शादी से रफी का एक बेटा सईद हुआ था। दूसरी शादी से उनके तीन बेटे खालिद, हामिद, शाहिद और तीन बेटियां परवीन अहमद, नसरीन अहमद, यास्मीन अहमद हुईं। रफी साहब के तीनों बेटों सईद, खालिद और हामिद की मौत हो चुकी है। एस.डी बर्मन, शंकर-जयकिशन, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल, ओपी नैय्यर और कल्याणजी आनंदजी समेत अपने दौर के लगभग सभी लोकप्रिय संगीतकारों के साथ गाना गा चुके मोहम्मद रफी ने 31 जुलाई, 1980 को दुनिया को अलविदा कह दिया। रफी साहब के अंतिम संस्कार में 10 हजार से अधिक लोग शामिल हुए थे। 
Animal: रणबीर की मां का रोल निभाने वालीं चारु शंकर एक्टर से हैं सिर्फ एक साल बड़ी, अपने किरदार को लेकर की बात

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed