मुंबई की शांत गलियों में बीती रात उस समय लोगों में दहशत फैल गई जब पड़ोस में एकाएक गोलियां चलने लगीं। लोगों ने अपनी जान आफत में देख दोस्तों और रिश्तेदारों को फोन करना शुरू कर दिए। कुछ लोगों ने इस बारे में पुलिस को भी इत्तला कर दी। देर तक मचे रहे इस हंगामे में जब स्थानीय पुलिस ने दखल दिया और गोलियां चलाने वालों की शिनाख्त की तो मामला कुछ और ही निकला।
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26/11 mumbai attack
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हुआ यूं कि मुंबई के धोबी तालाब और मेट्रो जंक्शन के निवासियों की नींद आधी रात को गोलियों की आवाज सुनकर उचट गई। दरअसल निर्माता निखिल आडवाणी अपनी वेब सीरीज 'मुंबई डायरीज 26/11' की शूटिंग करने अपनी पूरी यूनिट के साथ पहुंचे। निखिल पर आरोप है कि उन्होंने बिना पुलिस को इत्तला किए गोलीबारी की शूटिंग शुरू कर दी। जिस सीन की यहां शूटिंग चल रही थी उसमें आतंकवादी अजमल कसाब अपने साथियों के साथ मिलकर कामा अस्पताल की घटना को अंजाम देता है।
इस बारे में पड़ताल करने पर पता चला है कि सीरीज के निर्माता और निर्देशकों की टीम ने इस इलाके में शूटिंग करने के लिए प्रशासन से रात में नौ बजे से लेकर सुबह छह बजे तक की दो दिन के लिए इजाजत ली थी। इस मामले में पुलिस का कहना है कि उन्हें इजाजत सिर्फ शूटिंग की दी गई थी, शोर मचाने और नकली गोलियां चलाने की नहीं।
मुंबई पुलिस के डीसीपी संग्रामसिंह निशानदार कहते हैं, 'हमने उन्हें केवल अभिनय के लिए अनुमति दी है, न कि कोई शोर मचाने के लिए और न ही किसी बंदूकबाजी के लिए। उनके पास दो दिनों के लिए शाम नौ बजे से सुबह छह बजे तक फिल्म की शूटिंग की अनुमति है।' वहीं घटना स्थल के करीब रहने वालों ने बताया, 'शूटिंग के दौरान एक अभिनेता गोलियां चला रहा था। उस नकली बंदूक की आवाज एकदम असली बंदूक जैसी थी। गोलीबारी के दौरान पुलिस की वर्दी में कुछ अभिनेता रोड से कुछ बिन रहे थे।'
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निखिल आडवाणी
- फोटो : Social Media
इस घटना की सफाई में सीरीज के निर्माता निखिल आडवाणी ने कहा कि हमारे पास सीरीज को फिल्माने की पूरी कानूनी अनुमति है। वह कहते हैं, 'बिना अनुमति के कोई फिल्म को बनाने के बारे में हम सोच भी नहीं सकते। सही और प्रामाणिक फिल्म को बनाने की अनुमति लेने की प्रक्रिया में एक साल का वक्त लगता है।'