कहते हैं सादगी इंसान के व्यवहार में बसती है। अगर किसी आम इंसान के पास अचानक से धन आ जाए तो उसके रहने का तरीका जरूर बदल सकता है, लेकिन उसका व्यवहार आम ही रहता है। यह बात हम और आप जैसे लोगों के साथ ही बॉलीवुड के कुछ कलाकारों पर भी बिल्कुल फिट बैठती है। इनमें से एक नाम हाल ही में राष्ट्रीय अवॉर्ड जीतकर अपने लिए पूरे देश को तालियां बजाने पर मजबूर करने वाले अभिनेता पंकज त्रिपाठी का भी है। जी हां, गांव में जन्में पंकज त्रिपाठी का कहना है कि उन्हें आज भी पहले की तरह किसी लाइन में खड़े होकर कहीं पहुंचने में किसी भी तरह की दिक्कत नहीं है।
Pankaj Tripathi: आम आदमी की तरह लाइन में लगना पसंद करते हैं पंकज त्रिपाठी, बताया- कैसे करते हैं इच्छा पूरी
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इन दिनों अपनी फिल्म 'फुकरे 3' के साथ बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाले पंकज त्रिपाठी को हाल ही में 2021 की फिल्म 'मिमी' में उनके उम्दा प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इसकी चर्चा अभी खत्म भी नहीं हुई थी कि हाल ही में एक इंटरव्यू में अभिनेता ने पुरस्कार जीतने के महत्व के बारे में बात की। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अपने काम के लिए इतना प्यार और प्रशंसा पाने के बावजूद वह सुर्खियों में नहीं रहना चाहते। अभिनेता अभी भी लो प्रोफाइल बनाए रखना और अपने काम पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।
एक मीडिया संस्थान से बात करते हुए पंकज त्रिपाठी ने कहा, 'सफलता और असफलता का मुझ पर कोई असर नहीं पड़ता। लेकिन राष्ट्रीय पुरस्कार इसलिए महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि यह किसी आयोजक कंपनी की ओर से नहीं होता। यह इसलिए विशेष लगता है और मेरे जैसे व्यक्ति के लिए, जो सरकारी नौकरी चाहता था, सरकार से पुरस्कार प्राप्त करना बहुत बड़ी बात है। छोटे शहर से आए किसी व्यक्ति के लिए यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।
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