पूरी दुनिया इस समय कोरोना वायरस से जूझ रही है। इसका कोई कारगर इलाज ना होने के कारण विश्व से सभी देश उसकी खोज में जुटे हुए हैं। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से मलेरिया रोधक दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की मांग की है। साथ ही उन्होंने ये भी कहा है कि अगर भारत हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा देने से इनकार करेगा तो उसको इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा। हालांकि भारतीय विदेश मंत्रालाय ने मानवीय आधार पर अमेरिका सहित सभी देशों को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा देने का एलान किया, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर बॉलीवुड के कई सितारे अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर बोलीं पूजा भट्ट, कहा- 'ताकत या ठगी एक ही सिक्के के दो पहलू...'
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डोनाल्ड ट्रंप की के बयान पर अब तक कई सितारे बोल चुके हैं। इस बीच बॉलीवुड की मशहूर अदाकारा पूजा भट्ट की प्रतिक्रिया काफी चर्चा हो रही है। पूजा भट्ट लंबे समय से बड़े पर्दे से दूर हैं। वह सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती हैं। वह सामजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय भी रखती रहती हैं। उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर कहा है कि ताकत और ठगी, एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।
पूजा भट्ट ने डोनाल्ड ट्रंप की मांग को लेकर ट्विटर पर प्रतिक्रिया दी। अभिनेत्री ने अपने ट्वीट में लिखा, 'ताकत या ठगी? मझे लगता है कि एक ही सिक्के के दो पहलू। इसके अलावा अन्य देशों को भी किसी चीज के माध्यम से धमकाना ठीक नहीं है। अकेले एक महामारी को छोड़ दो। अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप जाहिर तौर पर अपने आखिरी पावर ब्रेकफास्ट में उस मेमो से चूक गए।' सोशल मीडिया पर पूजा भट्ट का ये ट्वीट काफी वायरल हो रहा है।
Power & thuggery? Two sides of the same coin I guess. Besides,it’s not ok to bully other nations through anything,let alone a pandemic. The US & @realDonaldTrump obviously missed that memo at their last power breakfast. https://t.co/3MKOf4a123
आपको बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत से हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा की आपूर्ति पर सहायता की उम्मीद जताई है। उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि मैंने प्रधानमंत्री मोदी से रविवार सुबह इस मुद्दे पर बात की थी। अगर वे दवा की आपूर्ति की अनुमति देंगे तो हम उनके इस कदम की सराहना करेंगे। अगर वे सहयोग नहीं भी करते हैं तो कोई बात नहीं, लेकिन वे हमसे भी इसी तरह की प्रतिक्रिया की उम्मीद रखें। उन्होंने कहा, 'अगर ये उनका निर्णय है, तो मुझे हैरानी होगी। उन्हें इस बारे में मुझे बताना होगा। मैंने रविवार सुबह उनसे बात की, उन्हें फोन किया, और मैंने कहा कि हम इस बात की सराहना करेंगे, यदि आप आपूर्ति होने देंगे। अगर वे इसकी इजाजत नहीं देंगे, तो कोई बात नहीं, लेकिन जाहिर तौर पर इसकी प्रतिक्रिया हो सकती है। क्यों नहीं होनी चाहिए?'
गौरतलब है कि कोरोना वायरस के मरीजों के लिए कारगर मानी जा रही मलेरिया रोधक दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन को लेकर भारत सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने इस दवा पर लगे निर्यात से आंशिक तौर पर प्रतिबंध हटा दिया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार सरकार ने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन और पैरासिटामॉल दवाओं के निर्यात पर लगे प्रतिबंध को आंशिक तौर से हटा दिया है। मानवीय आधार पर यह फैसला लिया गया है। ये दवाएं उन देशों को भेजी जाएंगी जिन्हें भारत से मदद की आस है।
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