फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

RaajKumar Death anniversary: राजकुमार कभी हुआ करते थे कुलभूषण, सफलता के बाद भी इसलिए रहे बदनाम

Mon, 03 Jul 2023 05:03 PM IST
रुपाली रामा जायसवाल एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: रुपाली रामा जायसवाल Updated Mon, 03 Jul 2023 05:03 PM IST
सार

बॉलीवुड के 'जानी' राजकुमार की आज पुण्यतिथि है। आइए इस दिन पर दिवंगत एक्टर की जिंदगी से जुड़े कुछ अहम पहलुओं पर गौर फरमा लेते हैं। 
 

विज्ञापन
RaajKumar Death anniversary know actor filmy career dialogues struggle and lesser known facts
राजकुमार - फोटो : सोशल मीडिया

बॉलीवुड में 'जानी' के नाम से मशहूर दिग्गज अभिनेता राजकुमार की आज पुण्यतिथि है। 3 जुलाई 1996 को  कैंसर के चलते उनका निधन हो गया था। बेशक राजकुमार अब हमारे बीच में न हों लेकिन उनके डायलॉग हमेशा के लिए अमर हो गए। फिल्म 'रंगीली' से अपने करियर की शुरुआत करने वाले राजकुमार अपनी बेहतरीन एक्टिंग, आवाज और बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते थे। वह पर्दे पर जितने बेबाक थे, उतने ही असल जिंदगी में मुंहफट भी थे। यही वजह थी की इंडस्ट्री में लोग उन्हें कम ही पसंद करते थे। आज उनकी पुण्यतिथि के मौके पर हम आपको उनसे जुड़ी कुछ खास बातों के बारे में बताने जा रहे हैं-

RaajKumar Death anniversary know actor filmy career dialogues struggle and lesser known facts
राजकुमार - फोटो : सोशल मीडिया

साल 1965 में आई फिल्म ‘वक्त’ में जब राजकुमार ने 'चिनॉय सेठ, जिनके अपने घर शीशे के हों वो दुसरों पर पत्थर नहीं फेंका करते' और 'ये बच्चों के खेलने की चीज नहीं, हाथ कट जाए तो खून निकलने लगता है'। डायलॉग इतने फेमस हो गए कि वो हमेशा के लिए अमर हो गए। इन डायलॉग में कुछ खास बात नहीं थी लेकिन राजकुमार के बोलने के अंदाज नें उन्हें फेमस कर दिया था। बोलने के इसी अंदाज की वजह से ही वो इंडस्ट्री में बदमान थे। उनके ये डायलॉग आज भी लोग कई मौकों पर इस्तेमाल करते हैं। 

RaajKumar Death anniversary know actor filmy career dialogues struggle and lesser known facts
राजकुमार - फोटो : सोशल मीडिया

राजकुमार का असली नाम कुलभूषण पंडित था। उनका जन्म 8 अक्टूबर 1926 को ब्रिटिश इंडिया के अधीन रहे बलूचिस्तान में हुआ था। वर्ष 1947 में देश का बंटवारा होने के बाद उनका परिवार हिंदुस्तान वापस लौट गया और यहां आने के बाद वह मुंबई में बस गए थे। राजकुमार मुंबई में सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजुर था, उन्होंने नौकरी छोड़ फिल्म 'रगींली' से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की।

विज्ञापन
विज्ञापन
RaajKumar Death anniversary know actor filmy career dialogues struggle and lesser known facts
राजकुमार - फोटो : सोशल मीडिया

'रंगीली' से करियर की शुरुआत करने के बाद राजकुमार 'आबशार', 'घमंड' समेत कई फिल्मों में नजर आए। हालांकि, उन्हें 1957 की फिल्म 'नौशेरवान-ए-आदिल' से ज्यादा शोहरत हासिल हुई। इसके बाद वह फिल्म 'मदर इंडिया' में नजर आए, जिससे उनकी पॉपुलैरिटी में चार चांद लग गए। इसके बाद उन्होंने 'पैगाम' में काम किया। राजकुमार की पॉपुलर फिल्मों में 'हमराज', 'हीर रांझा', 'पाकीजा', 'कुदरत', 'एक नई पहेली', 'मरते दम तक', 'मुकद्दर का फैसला', 'जंग बाज' और 'तिरंगा' शामिल है। 

विज्ञापन
RaajKumar Death anniversary know actor filmy career dialogues struggle and lesser known facts
राजकुमार - फोटो : सोशल मीडिया

राजकुमार के फेमस डायलॉग्स

1. जब राजेश्वर दोस्ती निभाता है तो अफसाने लिखे जाते हैं... और जब दुश्मनी करता है तो तारीख बन जाती है।

2. बिल्ली के दांत गिरे नहीं और चला शेर के मुंह में हाथ डालने। ये बदतमीज हरकतें अपने बाप के सामने घर के आंगन में करना, सड़कों पर नहीं।

3. जानी.. हम तुम्हें मारेंगे, और जरूर मारेंगे... लेकिन वो बंदूक भी हमारी होगी, गोली भी हमारी होगी और वक्त भी हमारा होगा।

4. हम कुत्तों से बात नहीं करते।

5.  हम तुम्हें वो मौत देंगे, जो न तो किसी कानून की किताब में लिखी होगी और न ही कभी किसी मुजरिम ने सोची होगी।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed