हिन्दी फिल्म जगत में अपने अभिनय से लोगों को दीवाना बनाने वाले अभिनेता तो कई हुए और दर्शकों ने उन्हें स्टार कलाकार माना। पर सत्तर के दशक में राजेश खन्ना पहले ऐसै अभिनेता रहे जिन्हें दर्शकों ने सुपरस्टार की उपाधि दी। अपने शुरूआती दो साल के करियर में राजेश खन्ना ने एक के बाद एक 15 सुपरहिट फिल्में दी। आइए आज इनकी पुण्यतिथि पर याद करते हैं राजेश खन्ना के निभाए गए दस उम्दा किरदार।
ये हैं राजेश खन्ना की अदाकारी के 10 मील के पत्थर, लगातार 15 हिट फिल्मों ने बनाया था सुपर डुपर स्टार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आराधना (1969)
किरदार : अरुण/सूरज
राजेश खन्ना के करियर की शुरूआती फिल्मों में से आराधना एक ऐसी फिल्म है जिसने राजेश खन्ना को पूरे देश भर का सुपरस्टार बना दिया। फिल्म में उनके साथ शर्मिला टैगोर मुख्य भूमिका में हैं। इस फिल्म की कहानी अमरीकी फिल्म टु ईच हिज ओन पर आधारित है। यह फिल्म आते ही ब्लॉकबस्टर हो गई थी। इस फिल्म में राजेश खन्ना डबल रोल में थे। फिल्म ने उस वक्त भी करीब 17.85 करोड़ रुपयों की कमाई की थी। इस फिल्म को शक्ति सामंत ने निर्देशित किया है।
दो रास्ते (1969)
किरदार : सत्येन गुप्ता
यह फिल्म एक मल्टिस्टारर फिल्म है। फिल्म में राजेश खन्ना के साथ बलराज साहनी, प्रेम चोपड़ा, कामिनी कौशल, बिंदु और मुमताज अहम भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म तीन जोड़ियों और उनके परिवारों के ज़रिए रिश्ते, बड़े और परिवार का महत्व सिखाती है। फिल्म को राज खोसला ने निर्देशित किया।
कटी पतंग (1970)
किरदार : कमल सिंह
इस फिल्म में राजेश खन्ना के साथ आशा पारेख मुख्य भूमिका में थीं। फिल्म की कहानी एक ऐसी विधवा की है जो कभी विधवा ही नहीं थी, पर परिस्तिथियों के कारण उसे विधवा बनकर रहना पड़ता है। कई मुश्किलों के बाद उसे राजेश खन्ना के किरदार से प्यार हो जाता है। उसके बाद भी कई मुश्किलें आती हैं, लेकिन फिल्म के आखिर में दोनो एक हो ही जाते हैं। फिल्म में इन दोनों के अलावा प्रेम चोपड़ा, ऋषि कपूर, बिंदू आदि कलाकार हैं। इस फिल्म को भी शक्ति सामंत ने निर्देशित किया है।
सच्चा झूठा (1970)
किरदार : भोला/ रंजीत
इस फिल्म में राजेश खन्ना ने एक बार फिर डबल रोल निभाए। एक चोर का और दूसरा एक आम गरीब आदमी का। वह गरीब आदमी अपनी अपाहिज बहन की शादी करने के लिए पैसे कमाने मुंबई आता है। वहां उसे वह चोर मिलता है जो आम आदमी को बहला फुसलाकर अपने जैसा बना देता है, ताकि वह आराम से चोरी कर सके। आम आदमी का नाम भोला है और चोर का रंजीत। रंजीत के पीछे पुलिस होती है, पर फिल्म के आखिर में वह दोनों को पकड़ लेती है। लेकिन फिल्म के आखिर में भोला की बहन उसकी मदद करती है। फिल्म में राजेश खन्ना के साथ मुमताज, विनोद खन्ना और नाज़ अमह किरदारों में हैं। इस फिल्म का निर्देशन मनमोहन देसाई ने किया।