कभी कभी मेरे दिल में ये ख्याल आता है....जो दिल के ख्यालों में अपनी उदास आखें लेकर भी जिंदगी में रंग भर दें कुछ ऐसी रही है गुजरे जमाने की अभिनेत्री राखी गुलजार की शख्सीयत। 70 के दशक से लेकर 90 के दशक तक पर्दे पर प्रेमिका से मां बनने तक के सफर में राखी ने दर्शकों को अपने कई रूप दिखाए। 15 अगस्त 1947 को राणाघाट में जन्मीं राखी इस साल अपना 75वां जन्मदिन मना रही हैं। देश के आजादी के दिन जन्मीं राखी ने पर्दे पर अपने किरदारों से दर्शकों का दिल मोह लिया था।
जन्मदिन: एक 'आंधी' ने बदल कर रख दी थी राखी गुलजार की जिंदगी, सालों बाद सामने आईं तो पहचानना हुआ मुश्किल
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राखी पर्दे की उन अभिनेत्रियों में शामिल हैं जिन्हें पर्दे पर जैसे किरदार ऑफर किए गए उन्होंने सहजता से निभा लिए। कभी अमिताभ बच्चन की प्रेमिका बनीं तो कभी सेक्रेटरी और वक्त आने पर उनकी मां का किरदार निभाने से भी पीछे नहीं हटीं। राखी ने पर्दे पर कई बेहतरीन फिल्में की जिन्में शर्मीली, कसमे वादे, त्रिशूल, मुकद्दर का सिंकदर, दूसरा आदमी, जुर्माना, करण-अर्जुन, बाजीगर शामिल हैं।
पर्दे पर राखी का करियर बेहद शानदार रहा लेकिन उनकी निजी जिंदगी में काफी ऊथल पुथल मची रही। राखी जब 16 साल की थीं तभी उनकी शादी बंगाली फिल्म निर्देशक और पत्रकार अजय बिस्वास से हो गई थी। शुरुआत में तो सब ठीक रहा लेकिन धीरे धीरे दोनों के बीच अनबन होने लगी और फिर दोनों ने तलाक ले लिया। हालांकि अजय से संपर्क में आने के बाद ही राखी का रूझान फिल्मों की तरफ बढ़ा था।
बॉलीवुड में आने के बाद राखी की मुलाकात गुलजार से हुई। गुलजार उन दिनों बड़े फिल्म लेखक थे। इसी दौरान एक फिल्मी पार्टी में राखी और गुलजार की मुलाकात हुई और एक ही नजर में गुलजार राखी के दीवाने हो गए। दोनों ने कुछ समय तक एक दूसरे को डेट करने के बाद साल 1973 में शादी कर ली। हालांकि गुलजार ने शर्त रखी थी कि शादी के बाद राखी फिल्मों में काम करना छोड़ देंगी और राखी मान गई थी। शादी के बाद दोनों की बेटी हुईं मेघना जो अब एक सफल फिल्म निर्देशक और निर्माता बन चुकी हैं। राखी ने वादा तो किया था लेकिन उनका मन फिर से फिल्मों की ओर जाने लगा। इसके बाद जब गुलजार फिल्म 'आंधी' की लोकेशन की तलाश में कश्मीर गए तो राखी को भी अपने साथ ले गए। बताते हैं कि जब फिल्म की पूरी टीम वहां पहुंची तो पार्टी रखी गई। इस पार्टी में अभिनेता संजीव कुमार ने ज्यादा शराब पी ली और नशे की हालत में उन्होंने सुचित्रा सेन का हाथ पकड़ लिया।
गुलजार को ये सब ठीक नहीं लगा तो उन्होंने सुचित्रा को वहां से निकाला और उन्हें कमरे तक पहुंचाया। हालांकि राखी ने जब ये सब देखा तो उन्होंने गुलजार से सवाल किया कि उन्हें अपनी पसंदीदा अभिनेत्री को कमरे तक छोड़कर कैसा लगा। बताते हैं कि गुलजार इस बात से काफी नाराज हो गए और उनकी राखी से बहस होने लगी। इसी गहमागहमी में गुलजार का हाथ राखी पर उठ गया। इसके बाद गुलजार ने राखी से माफी मांगी लेकिन वो ये बातें भुला नहीं पाईं।