रामानंद सागर की रामायण के दोबारा टेलीकास्ट होने के बाद से शो में सीता का किरदार निभाने वालीं दीपिका चिखलिया इन दिनों काफी सुर्खियों में हैं। ऐसे में अमर उजाला ने भी उनसे बात की। अमर उजाला के साथ लाइव प्रोग्राम के दौरान दीपिका चिखलिया से जब उनके उस बयान पर सवाल किया गया जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को 'राम' बताया था, इस पर उन्होंने कहा, 'वो रैपिड फायर राउंड के दौरान दिया गया जवाब था।'
पीएम नरेंद्र मोदी को इस वजह से 'राम' मानती हैं टीवी की 'सीता', राजनीति में आने को लेकर दीपिका ने कही ये बात
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दीपिका ने कहा, 'इस संकट की घड़ी में अगर कोई इंसान हमारे लिए महत्वपूर्ण है, तो वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। वह इस स्थिति को ठीक से देख रहे हैं।' दीपिका ने आगे कहा, "मेरे लिए 'राम' का मतलब था कि वो मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। मुझे नहीं लगता कि मैंने कुछ गलत कहा है। मैं अब भी अपनी बात पर टिकी हूं। हमारे प्रधानमंत्री जिस तरह से देश की सेवा कर रहे हैं वो काबिले तारीफ है। मैं अब भी ये बात मानती हूं कि पीएम मोदी आज के राम हैं।"
इसके बाद जब दीपिका से सवाल किया गया कि क्या वह राजनीति में फिर से आना चाहती हैं तो इसपर उन्होंने कहा, 'मैंने कभी ये नहीं कहा कि मैं राजनीति में वापस आना चाहती हूं। लेकिन मैं किसी तरह की सामाजिक सेवा जरूर करना चाहूंगी। क्योंकि मुझे लगता है कि अगर हमारे बोलने से कुछ फर्क पड़ता है तो मैं उसके बारे में बोलना पसंद करूंगी। मैं इसे लेकर ट्वीट भी कर चुकी हूं कि कलाकारों को इसके लिए आगे आना चाहिए। मेरे बोलने से अगर किसी का भला होता है तो मैं जरूर बोलना चाहूंगी।'
बता दें दीपिका ने एक बयान में कहा था, 'पीएम नरेंद्र मोदी को आज के दौर के 'राम' हैं। उन्होंने कहा था- 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोशिश करते हैं हर दिन कुछ अच्छा करने की इसलिए आज के समय के राम वही हैं। हालांकि इसके बाद कई यूजर्स ने उन्हें ट्रोल करने की भी कोशिश की थी। दीपिका इन दिनों सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव हैं और शो को लेकर फैंस के साथ अपना अनुभव साझा करती रहती हैं।
दीपिका का फिल्मी करियर राजश्री प्रोडक्शन के साथ शुरू हुआ था। वर्ष 1983 में उन्हें सबसे पहले राज किरण के साथ फिल्म 'सुन मेरी लैला' में मुख्य अभिनेत्री के तौर पर देखा गया। इसके बाद उन्होंने 1989 में घर का चिराग, 1991 में रुपये दस करोड़ और 1994 में खुदाई जैसी फिल्मों में भी काम किया। दीपिका ने कन्नड़, तमिल और बंगाली फिल्मों में भी काम किया है। लेकिन माता सीता के किरदार से जो प्रसिद्धि उन्हें मिली ऐसी किसी अभिनेत्री को हासिल नहीं हुई। वह घर-घर में माता सीता के रूप में पूजी जाने लगीं।