बहुत कम लोगों को पता होगा कि संभल जिले के पवांसा में 200 वीरांगनाओं के संग जौहर करने वाली रानी पवांरनी के साथ चित्तौड़ की तीन रानियों के कलश स्थापित हैं। इसमें रानी पद्मावती का भी कलश है। सभी कलश जौहर की माटी से भरे हुए हैं। इनके प्रति क्षत्रियों की श्रद्धा है और यहां पर 17 नवंबर को विरांगनाओं की याद में जौहर दिवस मनाया गया।
रानी पद्मावती के जौहर का गवाह है इतिहास, संभल के पवांसा में रखा है तीन रानियों का कलश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंवासा क्षेत्र की रानी पवांरनी ने 200 वीरांगनाओं के साथ 17 नवंबर को 1717 को जौहर कर लिया था। जौहर के तीन वर्ष पूरे होने पर पवांसा में सैकड़ों लोग एकत्र हुए। वीरांगनाओं को याद किया और रानी पद्मावती पर बनी फिल्म का विरोध किया। फिल्म कलाकारों तथा फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली का पुतला फूंका गया। इससे पहले यज्ञ और हवन का आयोजन हुआ। इस मौके पर वक्ताओं ने बताया कि पवांसा के जौहर स्थल पर 1984-85 में एक स्मारक स्थल बनाया गया।
ये भी पढ़ें- 'पद्मावती' विवाद पर दीपिका का बड़ा बयान, 'कैसे मान लें हमने गलत फिल्म बनाई है'
उसमें रानी पवंरानी के कलश के साथ राजस्थान के चित्तौड़ से तीन कलश लाए गए जिसमें एक रानी पद्मावती, दूसरा रानी कमलावती और तीसरा करुणावती था। कलश में जौहर स्थल की पवित्र माटी थी जिसे क्षत्रिय समाज आज भी नमन करता है। वीरांगनाओं को नमन करने के लिए एकत्र क्षत्रिय समाज के लोगों ने शुक्रवार को जौहर दिवस मनाया। फिल्म पद्मावती का विरोध करते हुए फिल्म के निर्माता संजय लीला भंसाली का पुतला फूंका गया।
महिलाओं ने संजय लीला भंसाली एवं फिल्म की अभिनेत्री दीपिका पादुकोण का पुतला फूंका और निर्देशक केे नाक-कान काट कर लाने वाले को पचास लाख का ईनाम देने घोषणा की गई। साथ ही राष्ट्रपति को संवोधित ज्ञापन में निर्देशक के विरूद्ध देश द्रोह का मुकदमा लिख कर उसे जेल में डालने की मांग की गई।
इस अवसर पर क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री ठाकुर विजयवीर सिंह, जिलाध्यक्ष ठाकुर राजकुमार सिंह, पूर्व विधायक ठाकुर सत्येंद्र सिंह, राजेंद्र पाल सिंह राजे, भुवनेश राघव, उपाध्यक्ष नगेंद्र सिंह, ठाकुर मुनेंद्र सिंह राघव, श्याम राघव, रविंद्र सिंह राघव, श्यामचरन सिंह, राजू राघव, इंद्रपाल सिंह राघव, रजत विक्रांत सिंह, गोपाल सिंह, नवरतन सिंह, रूप कुमार राघव, अभय पाल राघव, मनोज राघव, शुभम राघव आदि लोग शामिल रहे।