70 और 80 के दशक में जब हेमा मालिनी, रेखा, जीनत अमान और परवीन बाबी पर जमाना फिदा था तो एक गर्ल नेक्स्ट डोर जैसी दिखने वाली हीरोइन रीना रॉय का एक अलग ही जलवा हुआ करता था। वह उस दौर की सबसे ज्यादा फीस लेने वाली हीरोइन रहीं। रीना रॉय ने जीतेंद्र के साथ 12 और शत्रुघ्न सिन्हा के साथ 11 हिट फिल्में दी हैं। आइए कुछ रोचक जानकारियों के साथ हम आपको बताते हैं उनके 10 सर्वश्रेष्ठ किरदारों के बारे में।
आगे पढ़ने के लिए लॉगिन या रजिस्टर करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
फ्री ई-पेपर
सभी विशेष आलेख
सीमित विज्ञापन
किरदार: रूपा
फिल्म: जैसे को तैसा (1973)
इस फिल्म को रीना रॉय के करियर के हिसाब से टर्निंग पॉइंट मन जाता है। इस फिल्म में रूपा के किरदार में रीना के अभिनय ने सिनेप्रेमियों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। फिल्म के गीत 'अब के सावन में जी डरे' पर किया रीना का रेन डांस उनकी पहचान बन गया था। तभी से लोग उनके दीवाने हो गए थे। वैसे आपको बता दें कि रीना का असली नाम रूपा है। उनकी पहली फिल्म के निर्माता ने उनका नाम रूपा से रीना कर दिया था।
किरदार: सपना
फिल्म: कालीचरन (1976)
अब तक रीना रॉय को पहचान मिल चुकी थी। सपना के किरदार में इस फिल्म ने उनके करियर को और ऊंचाइयां दीं। उनके अभिनय को तो सराहा ही गया, उसके अलावा फिल्म में उनके सह अभिनेता शत्रुघन सिन्हा के साथ उनकी जोड़ी लोगों को इतनी पसंद आई कि उनका नाम असल में भी शत्रुघन के साथ जोड़ दिया गया। इस फिल्म में एक गीत 'जा रे जा ओ हरजाई' पर रीना की प्रस्तुति को बहुत पसंद किया गया था।
किरदार: नागिन
फिल्म: नागिन (1976)
कहने को तो सांप एक डराने वाला जानवर है, लेकिन इस फिल्म में नागिन के किरदार में रीना रॉय ने सांपों के प्रति भी प्यार जाग्रत कर दिया था। उस समय की एक सुपरनैचुरल फिल्म में उनका ऐसा अभिनय वाकई काबिलेतारीफ है। फिल्म में अभिनेत्रियां तो और भी थीं, लेकिन आकर्षण का केंद्र रीना ही रहीं। इस फिल्म में दमदार अभिनय के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री की श्रेणी में फिल्मफेयर अवार्ड के लिए नामित किया गया।
किरदार: कामिनी अग्रवाल
फिल्म: अपनापन (1977)
रीना रॉय के करियर को सबसे बड़ी सफलता इसी फिल्म में निभाए कामिनी के किरदार से मिली। एक स्वार्थी और पैसों के लिए पागल औरत के रूप में सभी उनसे घृणा करने लगे थे। यही तो उनका इस फिल्म के लिए इनाम था, जिसके सामने सारे तमगे फीके थे। एक कठोर पत्नी और बेरहम मां के किरदार में उन्होंने बिल्कुल जीवंत अभिनय किया। इसके लिए उन्हें सपोर्टिंग एक्ट्रेस के फिल्मफेयर अवार्ड से सम्मानित किया गया। हालांकि उन्होंने यह अवार्ड ये कहकर वापस कर दिया कि वह मुख्य कलाकार होकर सह-कलाकार का अवार्ड नहीं ले सकती।