उदीयमान अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत केस में नामजद अभियुक्त बनाई गईं रिया चक्रवर्ती ने शुक्रवार शाम अपने बचाव में एक वीडियो जारी कर अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली है। रिया इस मामले में जितना बिहार पुलिस से बचने की कोशिश करती नजर आ रही हैं, वहीं बिहार पुलिस सबूतों के सहारे उनके खिलाफ अपना केस मजबूत कर रही है। सूत्रों की मानें तो इस मामले में पुलिस जल्द ही रिया को गिरफ्तार कर सकती है, उसे बस बिहार की एक अदालत से गिरफ्तारी वारंट का इंतजार है।
सुशांत सुसाइड केस: रिया चक्रवर्ती की गिरफ्तारी किसी भी वक्त संभव, बिहार की अदालत से वारंट का इंतजार
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रविवार को पटना के राजीव नगर थाने में सुशांत के पिता ने रिया चक्रवर्ती व अन्य के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराया था। अपनी शिकायत में उन्होंने रिया व अन्य लोगों पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। इधर बिहार पुलिस को मुंबई में स्थानीय पुलिस की खास मदद नहीं मिली है। पुलिस के सूत्रों का कहना है उनकी जांच अब तक सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री में बाहरी बनाम भीतरी विवाद पर ही केंद्रित रही है। मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में आत्महत्या के कुछ चर्चित मामले पहले भी हुए हैं लेकिन कभी किसी को आत्महत्या के लिए उकसाने या मजबूर करने के मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई। रिया लगातार बिहार पुलिस से बचने की कोशिश कर रही हैं और वीडियो जारी कर वह यही जताना चाह रही हैं कि वह भूमिगत नहीं हैं।
गौरतलब है कि मुंबई पुलिस के अधिकारियों का एक बड़ा तबका मुंबई स्थित मंत्रालय में बनती बिगड़ती सरकारों से प्रभावित नहीं होता है। लेकिन इस मामले में बिहार कैडर और महाराष्ट्र कैडर के आला पुलिस अफसरों के बीच तनातनी की खबरें अब सुनने को मिलने लगी हैं। हालांकि महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने खुद इस मामले की गहराई से पड़ताल करने को कहा था लेकिन इस मामले में जैसे जैसे नए खुलासे होते जा रहे हैं, वैसे वैसे महाराष्ट्र सरकार बैकफुट पर जाती दिख रही है। इस बार एनसीपी के देशमुख की बजाय कांग्रेस के कोटे से गृह राज्यमंत्री बने सतेज पाटिल ने सीबीआई जांच की मांग को मानने से इनकार किया है।
दरअसल, कांग्रेस और एनसीपी के भीतर ही इस मसले को लेकर लोग एकमत नहीं है। राज्य के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के बेटे और युवा एनसीपी नेता पार्थ पवार चाहते हैं कि मामले की सीबीआई जांच हो। पार्थ की मांग का जवाब देने के लिए ही सतेज ने शुक्रवार को इस मांग को खारिज कर दिया।
इस मामले में अब सुशांत के चाहने वालों की नजर राज्य की सत्ताधारी पार्टी शिवसेना के अलावा भाजपा पर भी लगी है। शिवसेना ने अभी इस मसले पर कुछ नहीं कहा है। हालांकि बिहार के उप मुख्यमंत्री और भाजपा नेता सुशील मोदी ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने पर अपनी पार्टी की रजामंदी जाहिर की है।