मनोज बाजपेयी की वेब सीरीज 'द फैमिली मैन' रिलीज होने के बाद से ही विवादों में है। सोशल मीडिया पर कई लोग इसकी तारीफ कर रहे हैं तो वहीं कुछ लोगों ने इसकी कड़ी अलोचना भी की है। इस बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की मैगजीन पांचजन्य ने इसे देश विरोधी बताते हुए निशाना साधा है।
मनोज बाजपेयी की वेब सीरीज को संघ ने बताया 'जिहाद का नया रूप', गुजरात दंगों को लेकर कही ये बात
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आम जीवन और रोजमर्रा की जिंदगी में हो रही घटनाओं पर आधारित वेब सीरीज 'द फैमिली मैन' लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। इसमें धार्मिक अतिवाद और आतंकवाद के पीछे के कारण को दिखाया गया है। लीड रोल में मनोज बाजपेयी की एक्टिंग की जमकर तारीफ हो रही है लेकिन पांचजन्य में छपे एक आर्टिकल में इसे जिहाद का नया तरीका बताया गया है।
पांचजन्य में छपे लेख के मुताबिक, 'इस सीरीज में एनआईए से संबंधित एक महिला ऑफिसर को अपने एक ऑफिसर साथी से श्रीनगर के लाल चौक पर बात करते हुए दिखाया गया है। स्पेशल पावर ऐक्ट के दम पर कश्मीरी लोगों को दबाया जा रहा है। हम उनके फोन और इंटरनेट बंद कर देते हैं। यहां के लोग हमारे रहमो-करम पर जी रहे हैं। किसी को खुलकर आजादी से जीने न देना अगर जुल्म नहीं है तो क्या है। AFSPA के कानून के चलते भी उनके हालात अच्छे नहीं हैं।'
आर्टिकल में आगे लिखा है कि फिल्मों और टीवी धारावाहिकों के बाद भारत विरोध और जिहाद का ये बिल्कुल नया रूप है। बीते कुछ सालों में देशविरोधी एजेंडा चलाने के लिए डिजिटल का भरपूर इस्तेमाल होता रहा है। ये देश के युवाओं के लिए आतंकवादियों को कूल और फैशनबेल दिखाने की कोशिश करती दिखती है। इसके जरिए वामपंथियों और कांग्रेस की ओर झुकाव वाले प्रोड्यूसर्स द्वारा प्रमोट किया जा रहा है।'
लेख में यह भी कहा गया है कि वेब सीरीज के अनुसार, 2002 के गुजरात दंगों के कारण आतंक की समस्या उत्पन्न हुई, एक चरित्र है जो आतंक में बदल जाता है, दंगों में उसके माता-पिता को खोते हुए दिखाया गया है। लेख में पूछा गया है कि इसमें 300 से अधिक हिंदू भी मारे गए थे लेकिन फिर भी किसी ने आतंक की ओर कदम क्यों नहीं बढ़ाए।
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