'सेक्रेड गेम्स 2' (Sacred Games 2) को प्रशंसकों ने पहले सीजन की तरह खूब प्यार दिया। दूसरे सीजन में गणेश गायतोंडे, सरताज और गुरु जी के अलावा जो किरदार शुरू से लेकर आखिरी तक छाया रहा वह कुसुम देवी यादव का है। कुसुम देवी यादव ने इस सीरीज में रॉ की एजेंट का किरदार निभाया है। इस सीरीज में कुसुम का रोल इतना दमदार है कि गायतोंडे भी उनकी बात मानने को मजबूर हो गया। इस रोल को निभाने वाली अभिनेत्री का असली नाम अमृता सुभाष (Amruta Subhash) है। वेबसीरीज से पहले अमृता कई फिल्मों में नजर आ चुकी हैं। यहां तक वह थियेटर से भी जुड़ी हुई हैं। जानिए अमृता सुभाष से जुड़ी कुछ बातें...
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Amruta Subhash
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'सेक्रेड गेम्स 2' में अमृता सुभाष ने शुरुआत से आखिर तक कहानी में सस्पेंस बनाकर रखा। कम डायलॉग और चेहरे पर भावों से उन्होंने दर्शकों को बांधे रखा। एक इंटरव्यू के दौरान अमृता ने अपनी निजी जीवन से जुड़ी कई बातें बताईं। अमृता से जब पूछा गया कि आप किन तीन लोगों को अपनी प्रेरणा मानती हैं? इस पर अमृता ने कहा- 'मेरी मां ज्योति सुभाष, थियेटर डायरेक्टर सत्यदेव दुबे और तीसरे नसीरुद्दीन शाह, जिन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में मुझे अभिनय के गुन सिखाए। मैं जो भी हूं इन तीन लोगों की वजह से ही हूं।'
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Amruta Subhash and Nawazuddin Siddiqui
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सिनेमाजगत में अमृता सुभाष ने अपने करियर की शुरुआत साल 2004 में मराठी फिल्म 'श्वास' से की थी। इस फिल्म ने बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज कैटेगरी में ऑस्कर अवॉर्ड जीता था। 'श्वास' ऑस्कर के लिए जाने वाली पहली मराठी फिल्म थी। इस फिल्म के बाद अमृता का रुझान हिंदी फिल्मों की तरफ भी बढ़ा।
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Amruta Subhash
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हिंदी फिल्मों के बारे में बात करते हुए अमृता ने कहा- 'चौसर मेरी पहली हिंदी फिल्म थी जो किसी वजह से रिलीज नहीं हो सकी। मैंने नंदिता दास की फिल्म 'फिराक' के लिए साल 2008 में ऑडिशन दिया था। यह ऑडिशन स्मिता पाटिल की बहन के मुंबई वाले घर पर हुआ था। इसके बाद उन्होंने मुझे दुपट्टा तोहफे में दिया। दुपट्टा स्मिता पाटिल का था। उन्होंने मुझसे कहा कि यह दुपट्टा तुम उसको देना जो तुम्हारी विरासत को आगे ले जाए। मैं अभिभूत थी।'
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Sacred Games
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'सेक्रेड गेम्स' में निभाए अपने रोल के बारे में बात करते हुए अमृता ने कहा- 'मैं अलग तरह का किरदार करना चाहती थी। पहली बार अपने बालों को छोटा करवाया। नंदिता दास की 'मंटो' फिल्म के प्रीमियर के दौरान मेरी विक्रमादित्य मोटवानी और वरुण ग्रोवर से मुलाकात हुई। इसके बाद मुझे कास्टिंग डायरेक्टर का फोन आया। ऑडीशन के लिए जब मैं जा रही थी तो मेरे पति ने मुझसे कहा था की हीरो की तरह नहीं करना। रॉ एजेंट कभी भी अपनी शक्तियों को लोगों के सामने जाहिर नहीं करते।'