{"_id":"6041a36646ed287cb0061fe3","slug":"saurabh-shukla-birthday-special-here-know-about-him","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"‘कल्लू मामा’ बनकर हिट हुए सौरभ शुक्ला, बावजूद 10 साल तक नहीं मिला पसंद का काम","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
‘कल्लू मामा’ बनकर हिट हुए सौरभ शुक्ला, बावजूद 10 साल तक नहीं मिला पसंद का काम
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: shrilata biswas
Updated Fri, 05 Mar 2021 08:58 AM IST
विज्ञापन
1 of 5
सौरभ शुक्ला
- फोटो : सत्या, जॉली एलएलबी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
कल्लू मामा के नाम से मशहूर सौरभ शुक्ला का जन्म पांच मार्च 1973 को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में हुआ था। उनके पिता शत्रुघ्न शुक्ला आगरा घराने के मशहूर गायक और मां जोगमाया शुक्ला पहली तबला वादक थीं। उनके माता-पिता को फिल्में देखने का बड़ा शौक था। जब सौरभ दो साल के थे तब उनका परिवार दिल्ली आ गया। उन्होंने अपनी पढ़ाई दिल्ली से की है।
2 of 5
सौरभ शुक्ला
- फोटो : फाइल
सौरभ शुक्ला ने अपने करियर की शुरुआत 1984 में थियेटर से की। सिनेमा में सबसे पहला मौका उन्हें शेखर कपूर ने फिल्म बैडिंट क्वीन में दिया। इसके साथ ही वह टीवी शोज में भी नजर आए। 1994 में दूरदर्शन के क्राइम ड्रामा शो तहकीकात में उन्होंने विजय आनंद के साथ काम किया।
3 of 5
सौरभ शुक्ला
- फोटो : फाइल
सौरभ शुक्ला सीरियल और थियेटर नाटकों में व्यस्त रहे। इस बीच 1998 में उन्हें सबसे बड़ा ब्रेक राम गोपाल वर्मा ने अपनी फिल्म सत्या में दिया, जिसमें वह गैंगस्टर कल्लू मामा के रोल से दिखे। फिल्म के बाद सौरभ शुक्ला कल्लू मामा के नाम से मशहूर हो गए। हालांकि उनका खुद का मानना है कि इससे उनके करियर को बहुत ज्यादा फायदा नहीं हुआ। एक इंटरव्यू में सौरभ कहते हैं कि 'सत्या के बाद मुझे वैसा काम नहीं मिल रहा था जैसा मैं चाहता था। इसके लिए मुझे 10 साल का इंतजार करना पड़ा। लोग मेरे काम की तारीफें तो करते थे लेकिन काम नहीं मिलता था। 10 साल मेरे लिए बहुत मुश्किलों भरे रहे। मेरे करियर की दूसरी पारी फिल्म बर्फी से शुरू हुई। उसके बाद जॉली एलएलबी ने सबकुछ बदल दिया और कई अच्छी फिल्में मिलीं।'
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
सौरभ शुक्ला
- फोटो : फाइल
जॉली एलएलबी में सौरभ शुक्ला ने जस्टिस सुंदरलाल त्रिपाठी का किरदार निभाया था। अमर उजाला को दिए इंटरव्यू में सौरभ बताते हैं कि फिल्म में उनके किरदार को सभी ने पसंद किया। रोचक बात ये है कि असल जिंदगी में वे कभी कोर्ट नहीं गए। इसके लिए उन्हें निर्देशक सुभाष कपूर ने बहुत मदद की। उन्होंने ही उन्हें सारे किस्से सुनाए।
विज्ञापन
5 of 5
सौरभ शुक्ला
- फोटो : फाइल
सौरभ कहते हैं कि 'जॉली एलएलबी से पहले हिंदी फिल्मों में जज को एक कार्डबोर्ड कैरेक्टर के तौर पर देखा जाता था, एक इंसान के तौर पर नहीं। आखिर वह भी इंसान है। तो उसमें इंसानियत के सूत्र तलाशे गए कि सुंदरलाल त्रिपाठी रहता कहां होगा, तनख्वाह कितनी होगी? अमेरिका का जज तो है नहीं कि एक बंगला होगा और वहां एक उसका लैब्राडॉर होगा और चार पांच नौकर चाकर होंगे। नहीं, ऐसा जज वह है नहीं, वह तो आम जिंदगी जीने वाला जज है।'
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।