बीते दिनों सोशल मीडिया पर एक बूढ़ी महिला सड़कों पर 'लाठी काठी' का करतब करती नजर आईं। उनके इस करतब को देखकर हर शख्स हैरान रह गया। जानकारी के बाद पता चला कि वो महाराष्ट्र के पुणे में रहने वाली 85 वर्षीय शांताबाई पवार हैं, जो दो वक्त की रोजी- रोटी के लिए सड़क किनारे ऐसे करतब दिखाती हैं। अब उनकी मदद के लिए बॉलीवुड के दो बड़े सितारे सामने आए हैं।
सड़क पर करतब दिखाने वालीं बुजुर्ग महिला की मदद को आगे आए सोनू सूद, रितेश देशमुख ने भी बढ़ाया हाथ
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बॉलीवुड अभिनेता रितेश देशमुख ने शांताबाई की तारीफ करते हुए उनका वीडियो साझा कर उनके बारे में जानकारी मांगी। इसके बाद रितेश ने बताया कि उनकी टीम ने महिला के लिए जरूरतमंद चीजों को पहुंचा दिया है।
Warrior Aaaji Maa...Can someone please get me the contact details of her ... pic.twitter.com/yO3MX9w2nw The 85-year-old grandmother, who was playing dice for her stomach and family, was given a lot of groceries, tarpaulins and other necessities by local social workers. Artists must be respected.
More power to “Social Media.”
Courtesy: Raj Deshmukh https://t.co/CdZK2nhaFl pic.twitter.com/Cxrs8QgeoV
रितेश देशमुख के अलावा सोनू सूद भी शांताबाई की मदद को आगे आए हैं। उन्होंने शांताबाई की सहायता करने की पेशकश की है। सोनू ने ट्वीट करते हुए कहा कि वह उनके साथ एक सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग स्कूल खोलना चाहते हैं। सोनू ने लिखा, 'क्या मुझे उनकी जानकारी मिल सकती है। उनके साथ एक छोटा सा प्रशिक्षण स्कूल खोलना चाहता हूं, जहां वह हमारे देश की महिलाओं को कुछ आत्मरक्षा तकनीकों का प्रशिक्षण दे सकें।'
Can I get her details please. Wanna open a small training school with her where she can train women of our country some self defence techniques . https://t.co/Z8IJp1XaEV
शांताबाई पवार ने कहा कि उन्होंने आठ साल की उम्र से लाठी- काठी चलाने का कौशल सीखना शुरू कर दिया था और इसे प्रदर्शित करने के लिए विभिन्न स्थानों की यात्रा की, लेकिन लॉकडाउन के चलते सब बहुत मुश्किल हो रहा था।
शांताबाई ने आगे कहा कि दुकान वालों ने मुझे किराने का सामान देना बंद कर दिया। चूंकि एक बड़े परिवार में इतने सारे बच्चे थे जिनका पेट भरना मुश्किल हो रहा था, इसलिए मैंने सड़कों पर अपने करतब को दिखाने का फैसला किया, ताकि मेरे करतब को देखकर लोग मुझे पैसे दे सकें। आर्थिक सहायता मिलने से परिवार के सारे सदस्य खुश नजर आ रहे थे।
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