अभिनेता सोनू सूद लॉकडाउन के दौरान प्रवासियों के लिए 'मसीहा' बनकर सामने आए हैं। पिछले कई दिनों से सोनू सूद लॉकडाउन की वजह से फंसे मजदूरों को घर पहुंचाने में उनकी हरसंभव मदद कर रहे हैं। सोनू सूद अपनी दोस्त नीति गोयल के साथ मिलकर 'घर भेजो' मुहिम चला रहे हैं। इस बीच उन्हें लेकर सियासत भी शुरू हो गई है।
सोनू सूद को लेकर शुरू हुई सियासत, कांग्रेस का तंज- 'यूपी में होते अभिनेता तो जेल में डाल देती योगी सरकार'
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दरअसल यूपी कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश सरकार (योगी सरकार) पर तंज कसते हुए ट्वीट किया है- 'शुक्र मनाइए कि सोनू सूद जी महाराष्ट्र में नेक काम कर हजारों यूपी के लोगों की मदद कर रहे हैं। यूपी में होते तो यूपी सरकार पहले बसों को स्कूटर बोलती, फिर उनकी फिटनेस का अड़ंगा अटकाती और फिर सोनू सूद को जेल में डाल देती। योगी सरकार नेक कार्य/ सेवा कार्य करने पर जेल भेजती है।'
शुक्र मनाइए कि सोनू सूद जी महाराष्ट्र में नेक काम कर हजारों यूपी के लोगों को मदद कर रहे हैं। यूपी में होते तो यूपी सरकार पहले बसों को स्कूटर बोलती, फिर उनकी फिटनेस का अड़ंगा अटकाती और फिर सोनू सूद को जेल में डाल देती।
योगी सरकार नेक कार्य/ सेवा कार्य करने पर जेल भेजती है।
यह ट्वीट यूपी कांग्रेस के ट्विटर हैंडल से किया गया है। सोशल मीडिया पर भी फैंस इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। सोनू सूद के इस कदम की सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है। लोग उन्हें सुपरहीरो तक कह रहे हैं। उनकी मदद के जरिए घर पहुंचे लोगों ने उन्हें रियल हीरो बताया है।
सोनू की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सोशल मीडिया पर जो भी उनसे संपर्क कर गुहार लगा रहे हैं, सोनू खुद उन्हें जवाब देकर मदद का भरोसा दे रहे हैं। इन दिनों सोनू का ट्विटर अकाउंट ऐसे ही संदेशों से भरा हुआ है। सोनू ने खुद भी यह बात जाहिर की है कि उन्हें हजारों की संख्या में मदद के लिए संदेश आ रहे हैं। सोनू ने किसी को भी निराश नहीं किया है।
समाचार एजेंसी पीटीआई को कुछ दिनों पहले दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि उनसे मजदूरों का दुख देखा नहीं जा रहा है और वो उन्हें घर पहुंचाने के लिए पूरी कोशिश करेंगे। कोरोना संकट के बीच जारी लॉकडाउन की वजह से हजारों प्रवासी मजदूर देश के अलग- अलग हिस्सों में फंसे हुए हैं। सोनू इन मजदूरों को अपना परिवार मानते हैं और इनके लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं।