मशहूर गायक एसपी बालासुब्रमण्यम का शुक्रवार दोपहर 1:04 पर निधन हो गया। इस बात की जानकारी गायक के बेटे एसपी चरण ने दी है। बालासुब्रमण्यम के निधन की खबर सामने आने के बाद से ही सोशल मीडिया पर सितारों के साथ ही साथ फैंस भी शोक जाहिर कर रहे हैं। बालासुब्रमण्यम न सिर्फ एक कमाल के गायक थे बल्कि एक उम्दा डबिंग आर्टिस्ट भी थे। डबिंग के लिए उन्हें दो बार नंदी पुरस्कार भी मिला है। नंदी पुरस्कार तेलुगु सिनेमा, थिएटर और टीवी के लिए आंध्रप्रदेश सरकार का सर्वोच्च सम्मान है।
इंजीनियर बनना चाहते थे एसपी बालासुब्रमण्यम, एक दिन में 21 कन्नड गीत गाकर बनाया था रिकॉर्ड
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गायक होने के साथ ही बालासुब्रमण्यम, अनिल कपूर, गिरीश करनाड़, मोहनलाल से लेकर रजनीकांत के लिए तमिल या तेलुगु में डबिंग करते रहे हैं। करियर के शुरु से लेकर अब तक वो कई तमिल और तेलुगु फिल्मों में काम कर चुके हैं। वहीं बात अगर हिंदी सिनेमा में बालासुब्रमण्यम की करें तो उनकी हिट लिस्ट में 'सच मेरे यार है','ओ मारिया', 'दिल दीवाना', 'कबूतर जा जा', 'आजा शाम होने आई', मेरे रंग में रंगने वाली, 'दीदी तेरा देवर दीवाना, पहला पहला प्यार है और 'रोजा जानेमन' जैसे कई गीत शुमार रहे।
1946 में जन्मे एसपी बालासुब्रामण्यम को शुरु से ही संगीत में दिलचस्पी थी। बालासुब्रमण्यम एक शानदार गायक थे, दर्शकों के दिलों को जीतने के साथ ही साथ बालासुब्रमण्यम कई अवार्ड्स भी जीत चुके थे। बालासुब्रमण्यम छह नेशनल अवॉर्ड जीत चुके थे, वो भी चार अलग अलग भाषाओं में- हिंदी, तमिल, तेलुगु और कन्नड़। दक्षिण भारत में पैदा हुए और कई भाषाओं में गाने वाले एसपी बालासुब्रामण्यम खुले आम ये कहते थे कि गाना गाने का भाव और प्रेरणा उन्हें हिंदी गानों से मिली, खासकर मोहम्मद रफी के वो बड़े फैन थे।
वैसे काफी कम लोग इस बात को जानते होंगे की बालासुब्रामण्यम की संगीत में रूचि जरूर थी पर सपना इंजीनियर बनने का था। संगीत की दुनिया में वो गायिकी से तो मशहूर हैं ही, बतौर संगीत निर्देशक भी काफी काम किया है। 1966 में तमिल फिल्म श्रीश्री मर्यादा रामन्ना में उन्होंने पहला गाना गाया। वहीं से तमिल और कन्नड़ में भी मौके मिलने लगे। फिल्म 'मैंने प्यार किया' में सलमान खान इस फिल्म के गीत एसपी बालासुब्रमण्यम ने ही गाए थे।
60 के दशक से गाते आ रहे एसपी बालासुब्रामण्यम 74 साल की उम्र तक सक्रिय बने रहे और दर्शकों को दीवाना बनाते रहे। बालासुब्रामण्यम के सफर की सबसे खास बात ये थी कि उन्होंने कभी शास्त्रीय संगीत की शिक्षा नहीं ली थी। एसपी बालासुब्रामण्यम के बारे में ये मशहूर है कि उन्होंने एक दिन में 21 कन्नड गानों को आवाज देकर रिकॉर्ड बनाया था और ये भी दावा किया जाता है कि सबसे ज्यादा गाना गाने का रिकॉर्ड ( करीब 40000) भी उनके नाम है। लेकिन खुद एसपी बालासुब्रामण्यम ने 2016 में कहा था कि अब तो वो खुद भी गिनती भूल चुके हैं।
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