फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Surinder Kaur: ऐसे 'पंजाब दी आवाज' बनी लोक गायिका सुरिंदर कौर, छह दशक के करियर में गाए 2000 से ज्यादा गाने

Fri, 25 Nov 2022 08:58 AM IST
पलक शुक्ला एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: पलक शुक्ला Updated Fri, 25 Nov 2022 08:58 AM IST
विज्ञापन
Surinder Kaur Birthday Special know Punjabi singer whose songs became super hit after 50 years career life
सुरिंदर कौर - फोटो : Social media

सुरिंदर कौर पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री की एक ऐसी लोक गायिका और संगीतकार थीं, जिनकी ख्याति देश में ही नहीं बल्कि विदेशों भी फैली हुई थी। उनकी सुरीली आवाज का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सुरिंदर को 'पंजाब दी कोयल' और 'पंजाब दी आवाज' कहकर भी बुलाया जाता था। कई देशों में अपनी आवाज का जादू बिखरने वाली सुरिंदर को लोगों ने उन्हें उनके संगीत के कारण सिर-आंखों पर बैठा लिया था। पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री की दुनिया में उनकी गायकी का कद इतना ऊंचा है कि हर सम्मान उसके आगे छोटा लगता है। आज यानी 25 नवंबर को इसी प्रसिद्ध गायिका की 93वीं बर्थ एनिवर्सरी है। इसी खास मौके पर चलिए जानते हैं उनके जीवन से जुड़ी कुछ बातों के बारे में...

Surinder Kaur Birthday Special know Punjabi singer whose songs became super hit after 50 years career life
सुरिंदर कौर - फोटो : Social media

परिवार का कोसो तक म्यूजिक से नहीं था वास्ता
सुरिंदर कौर का जन्म 25 नवंबर, 1929 को भारत-पाकिस्तान के विभाजन से पहले पंजाब के लाहौर में हुआ था। गायिका का जन्म एक सिख परिवार में हुआ था। सुरिंदर के सात भाई-बहन थे। कमाल की बात यह है कि सुरिंदर के घर का कभी भी म्यूजिक से कोई वास्ता नहीं रहा था, ऐसे में उन्हें गाने-बजाने की इजाजत नहीं थी। लेकिन सुरिंदर का संगीत के तरफ झुकाव देखते हुए उनके बड़े भाई ने उनका समर्थन किया और बड़े मुश्किल से अपने घरवालों को सुरिंदर और उनकी बड़ी बहन प्रकाश कौर की संगीत शिक्षा के लिए मनाया। इसका नतीजा यह हुआ कि 12 साल की उम्र से सुरिंदर और उनकी बहन प्रकाश कौर ने मास्टर इनायत हुसैन और मास्टर पंडित मणि प्रसाद से शास्त्रीय संगीत की शिक्षा लेने शुरु कर दी थी।

KBC 14: क्या करने पर शादीशुदा जिंदगी में रहेगी शांति, केबीसी से अमिताभ बच्चन की पतियों को सलाह

Surinder Kaur Birthday Special know Punjabi singer whose songs became super hit after 50 years career life
अपनी बड़ी बहन प्रकाश कौर के साथ सुरिंदर कौर - फोटो : Social media

सबसे पहले यहां बिखेरा अपनी आवाज का जादू
12 साल की उम्र से संगीत की शिक्षा लेने वाली सुरिंदर कौर ने पहली बार साल 1943 में लाहौर रेडियो के लिए ऑडिशन दिया था। इस ऑडिशन में वह बच्चों के म्यूजिक प्रोग्राम के लिए सिलेक्ट हो गई थी। यहीं से उनके एक नए जीवन की शुरुआत हुई थी। इसके बाद सुरिंदर और प्रकाश कौर ने अपनी पहली एल्बम में ड्यूएट गाया, जिसका एक गाना 'मावां ते धीयां रल बैठियां' काफी पॉपुलर हुआ था। इस गाने ने दोनों सुरिंदर और उनकी बहन को रातों-रात स्टार बना दिया था। साल 1947 में विभाजन के बाद सुरिंदर का परिवार दिल्ली आकर रहने लगा था और बाद में वे लोग मुंबई जाकर बस गए थे। यहां सुरिंदर कौर ने फिल्म इंडस्ट्री में बतौर प्लेबैक सिंगर काम करना शुरू किया।  

Drishyam 2 Box Office Day 7: 'दृश्यम 2' का कलेक्शन सौ करोड़ रुपये पार, सातवें दिन इतनी हुई फिल्म की कमाई

विज्ञापन
विज्ञापन
Surinder Kaur Birthday Special know Punjabi singer whose songs became super hit after 50 years career life
सुरिंदर कौर - फोटो : Social media

पति ने बनाया स्टार
फिल्मों में अपना सफर शुरू करने के बाद सुरिंदर ने सरदार जोगिंदर सिंह सोढ़ी से शादी कर ली थी। वह दिल्ली यूनिवर्सिटी में साहित्य के प्रोफेसर थे। सुरिंदर कौर के पति ने उनके करियर को उड़ान देने में एक अहम भूमिका निभाई थी। सुरिंदर ने खुद एक बार बताया था कि उनके पति ने ही उन्हें स्टार बनाया था। पति जोगिंदर सिंह सोढ़ी और सुरिंदर कौर ने साथ में कई सुपरहिट गाने लिखे थे, जिनमें ‘चन कित्था गुजारी एई रात वे’, ‘लठ्ठे दी चादर’, ‘शौंकण मेले दी’ ‘गोरी दिया झांझरां’ और ‘सड़के-सड़के जांदिये मुटियारे नी’ जैसे गाने शामिल हैं। ये सभी गाने सुपरहिट रहे थे। सुरिंदर कौर का करियर छह दशक से ज्यादा का रहा है, जिसमें उन्होंने 2000 से ज्यादा गाने गाए हैं। 

Vicky Kaushal: विक्की कौशल ने खास अंदाज में दी अपने पिता को जन्मदिन की बधाई, फोटो शेयर कर लिखा भावुक पोस्ट

विज्ञापन
Surinder Kaur Birthday Special know Punjabi singer whose songs became super hit after 50 years career life
पद्मश्री लेते हुए सुरिंदर कौर - फोटो : Social media

पद्मश्री से हुईं सम्मानित
सुरिंदर कौर ने पंजाबी लोक गीतों के साथ-साथ साल 1948 से 1952 में कई हिंदी फिल्मों में भी अपनी आवाज का जादू चलाया था। पाक-साफ आवाज की मालकिन सुरिंदर कौर के गायन और अंदाज का हर कोई मुरीद हो जाता था। इसी को ध्यान में रखते हुए साल 2006 में भारत सरकार ने सुरिंदर को के चौथे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार ‘पद्मश्री‘ से सम्मानित किया था। सुरिंदर के लिए इस पुरस्कार की सिफारिश हरियाणा सरकार के द्वारा की गई थी। लेकिन इसी साल बीमारी के कारण सुरिंदर को यूएस के न्यू जर्सी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद 77 साल की उम्र में निधन हो गया था।

Bengali Actress: हॉटनेस में बॉलीवुड हसीनाओं से कम नहीं ये बंगाली एक्ट्रेसेस, बोल्ड सीन देकर बटोरीं सुर्खियां

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed