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Dil Bechara Trailer: एक था राजा एक थी रानी दोनों मर गए खत्म कहानी, ट्रेलर भी बस इत्ता ही है
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Trailer Review: Dil Bechara
कलाकार: स्व. सुशांत सिंह राजपूत, संजना सांघी
निर्देशक: मुकेश छाबड़ा
निर्माता: फॉक्स स्टार स्टूडियोज
रेटिंग: **1/2
जिस तरह से पिछले तीन चार दिन से कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा की टीम फिल्म दिल बेचारा को लेकर बार बार प्रेस रिलीज भेज रही है, उसे मेल के इनबॉक्स में देखकर बुरा लगता है। बुरा ये भी लगता है कि सुशांत सिंह राजपूत की ये फिल्म कम से कम समीक्षकों को तो देखनी ही होगी, ये देखने के लिए कि इस फिल्म की शूटिंग के दौरान सुशांत का दिल आखिर इतना कैसे दरक गया कि बेचारे को अपनी जान ही लेनी पड़ गई।
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'दिल बेचारा' का ट्रेलर लॉन्च
- फोटो : यूट्यूब
बच्चे जब भी अपने माता पिता से कहानियां सुनाने की जिद करते हैं तो बेचारे थके हारे मां बाप झुंझलाहट में कभी कभी कह देते हैं, एक था राजा, एक थी रानी, दोनों मर गए खत्म कहानी। लेकिन जिन्होंने अपना बचपन दादी और नानी के साथ बिताया है, वे जानते हैं कि दादी हों या नानी, उनकी कहानी बच्चों के लिए कभी एक लाइन की और ऐसी दुखांत कतई नहीं होतीं। दादी का राजकुमार लड़ाई जीतता ही है। नानी की राजकुमारी एक दिन रानी बनती ही है। दुख ये है कि ये ट्रेलर इसी लाइन से शुरू होता है और ये भी बताता है कि आज के लेखक अपनी जड़ों से कितना ऊपर निकल गए हैं। पता नहीं खार, बांद्रा और जुहू के एसी बंगलों या ऊंची इमारतों से वे नीचे देखते भी हैं कि नहीं।
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'दिल बेचारा' का ट्रेलर लॉन्च
- फोटो : सोशल मीडिया
द फॉल्ट इन आवर स्टार्स किताब पर एक अंग्रेजी फिल्म पहले ही बन चुकी है। 16 साल से 25 साल के न जाने कितने युवा इसे देख भी चुके हैं। अंग्रेजी वाली फिल्म छह साल पहले आई, किताब उससे दो साल पहले। यानी 2012 में रिलीज हुई और तमाम युवाओं की पढ़ी जा चुकी किताब पर हिंदी में फिल्म आठ साल बाद आई है। फिल्म का हीरो ट्रेलर में कहता है, ‘जन्म कब लेना है और कब मरना है, हम डिसाइड नहीं कर सकते। पर कैसे जीना है, ये हम डिसाइड कर सकते हैं।’
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'दिल बेचारा' का ट्रेलर लॉन्च
- फोटो : यूट्यूब
इन लाइनों को पर्दे पर बोलने वाला दुनिया से जा चुका है। कितना नकली लगता है ये सब देखना और सुनना जबकि हकीकत पता है कि हो क्या चुका है और हो क्या रहा है।
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'दिल बेचारा' का ट्रेलर लॉन्च
- फोटो : यूट्यूब
ट्रेलर के हिसाब से फिल्म मे देखने लायक है इसकी फोटोग्राफी। संजना सांघी के चेहरे पर कैंसर से मरने वाली लड़की का दर्द नजर नहीं आ रहा। सुशांत भी अभिनय में ऐसा कुछ खास करते दिख नहीं रहे कि ये फिल्म देखने की इच्छा फिर से जाग जाए। लेकिन, देखेंगे। लाजिम है कि हम भी देखेंगे।
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