सुशांत सिंह राजपूत की मौत की गुत्थी को सुलझाने में मुंबई पुलिस और बिहार पुलिस की एक टीम जुटी हुई है। हालांकि मुंबई पुलिस पर बिहार पुलिस को सहयोग नहीं देने के भी आरोप लग रहे हैं। इस बीच नेताओं की बयानबाजी भी जारी है। रिया चक्रवर्ती के ऊपर शिकंजा कसने के बाद अभिनेता शेखर सुमन ने अपना पक्ष रखा है।
Sushant Singh Rajput: रिया के खिलाफ केस दर्ज होने पर शेखर सुमन ने कही ये बात, 'बॉलीवुड गैंग' पर फिर निकाला गुस्सा
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सुशांत केस में शेखर सुमन लगातार मामले में सीबीआई जांच की पैरवी कर रहे हैं। यही नहीं वो मुंबई से पटना भी पहुंचे थे जहां उन्होंने नेताओं से मुलाकात की थी। शेखर सुमन अभी तक कहते आए हैं कि बॉलीवुड की गुटबाजी से सुशांत परेशान हो गए थे। उन्होंने जब ये बात कही थी उस वक्त करण जौहर, सलमान खान सहित कई बड़ी हस्तियों को निशाना बनाया जा रहा था। मामला पूरी तरह से तब पलट गया जब सुशांत के पिता ने रिया चक्रवर्ती पर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप को लेकर एफआईआर दर्ज कराई। अब शेखर सुमन ने एक ट्वीट कर कहा कि रिया को बली का बकरा बनाया जा रहा है।
शेखर सुमन ने ट्वीट किया कि 'सुशांत केस में जानबूझकर नैरेटिव बदलने की कोशिश की जा रही है। रिया को तो बली का बकरा बनाया जा रहा है। निश्चित रूप से वो दोषी हैं लेकिन असल दोषी जिनकी बड़े लोगों से जान पहचान है और वो अभी भी फरार हैं। उन सभी को पूछताछ के लिए बुलाया जाना चाहिए और गिरफ्तारी होनी चाहिए।'
The narrative is being changed forcibly.They are scapegoting Rhea and hiding behind her.Of course she is a culprit but the real culprits colluding with the top authorities are still on the run.They shld all be cross -examined and arrested.#CBI #justice.#SSR
इससे पहले शेखर सुमन ने कहा था कि 'मैं शुरू से कह रहा हूं कि भाई भतीजावाद या वंशवाद का ये मामला नहीं है। इसमें कोई हर्ज नहीं है। अगर मैं निर्माता हूं तो मैं अपने भाई को मौका दूंगा, अपने बेटे को मौका दूंगा, अपने दोस्त को मौका दूंगा। जान पहचान के लोगों को मौका देना, यह समस्या ही नहीं है। वो तो बिल्कुल जायज है। समस्या तब खड़ी होती है जब आप किसी दूसरे को मौका ना दें। बाहर के किसी अभिनेता को चाहे वो छोटे शहर से हो या बड़े शहर से हो, अगर वो किसी बड़ी फिल्म में काम कर रहा है, तो ये गैंग उसे फिल्म से निकलवा देती है और अपने लोगों को फिट कर देती है।'
शेखर ने आगे कहा था कि 'छोटे और बड़े शहर की बात नहीं है, जो इनकी बात नहीं मानता है उसके लिए काम करना मुश्किल हो जाता है। आप इनकी बात मानेंगे तो ये अपने हिसाब से काम करवाते हैं। इनकी जी हुजूरी और चापलूसी करनी पड़ती है। ये जो गुंडों की जमात है इन्होंने पूरी इंडस्ट्री को कंट्रोल में करके रखा हुआ है। कौन सी फिल्म कब लॉन्च होगी। कौन सी फिल्म कब रिलीज होगी। कौन से थियेटर में रिलीज होगी। थियेटर में भी इनका कब्जा है। थियेटर की तारीखों पर भी इनका कब्जा है।'