बॉलीवुड एक्ट्रेस हुमा कुरैशी इन दिनों चर्चा में बनी हुई हैं। हुमा अनुराग कश्यप की फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर में सहायक भूमिका निभाने के बाद से काफी मशहूर हो गई थीं। इसके बाद भी हुमा ने कई फिल्मों में बेहतरीन किरदार निभाकर अपने फैंस को चौंका दिया था। ओटीटी पर आई अभिनेत्री की वेब सीरीज महारानी में एक कुशल गृहिणी और राजनेता बनकर भी हुमा ने फैंस के दिलों पर राज किया है। मोनिका ओ माई डार्लिंग में एक खतरनाक महिला की भूमिका निभाई है और अब वह मशहूर शेफ तरला दलाल की बायोपिक में नजर आने वाली हैं।
Huma Qureshi: 'मुझे खाना बनाने में नहीं कोई दिलचस्पी', रसोई की रानी की बायोपिक 'तरला' पर हुमा ने खुलकर की बात
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हुमा कुरैशी तरला दलाल की बायोपिक में रसोई की रानी, कुकबुक लेखक और कुकिंग शो की मेजबान तरला दलाल की भूमिका निभाते नजर आने वाली हैं। एक इंटरव्यू में हुमा ने बताया कि मुंबई आकर एक्ट्रेस बनने के बाद खाने के साथ उनका रिश्ता कैसे बदल गया। इससे उनकी बॉडी पर भी असर आया और बॉलीवुड में एक दशक लंबे करियर में भी बदलाव आया।
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हुमा ने बताया कि जब उनको फिल्म ऑफर की गई तो उन्होंने कहा कि कास्टिंग गलत है। मैं उनसे बहुत लंबी हूं, वह तो एक गुजराती महिला थीं, मैं तो कभी गुजरात या महाराष्ट्र में नहीं रही। मैं 10-11 साल पहले मुंबई आई ही थी। बाद में अश्विनी अय्यर, नितेश तिवारी और निर्देशक पीयूष गुप्ता के साथ चर्चा के बाद समझ में आया कि हमें तरला जी की नकल नहीं करनी बल्कि उनके सार को पकड़ना था।
हुमा ने आगे कहा, हमने यही करने का प्रयास किया है और मुझे उम्मीद है कि हम सफल रहे हैं या कम से कम इसके करीब पहुंच गये हैं। यह पहली बार है जब मैं एक बायोपिक का प्रयास कर रही थी, जो चुनौतियों के अपने सेट के साथ आती है, लेकिन मुझे वास्तव में इसमें अपनी पूरी ताकत झोंकने में मजा आ गया। हुमा ने आगे कहा, मुझे खाना बनाने में कभी दिलचस्पी नहीं रही है, मुझे सिर्फ खाने में दिलचस्पी है। मैं एक खाद्य परिवार से आती हूं, क्योंकि मेरे पिता का रेस्टोरेंट का बिजनेस है और मेरी मां एक मजेदार रसोइयां हैं। इसलिए मुझे लगता है कि लोगों की मेजबानी करना और उन्हें खाना खिलाना मेरे लिए बहुत स्वाभाविक है।
हुमा कहती हैं कि मुंबई आने और एक्टर बनने के बाद खान-पान से रिश्ता बदल गया है। अब, यह इस पर निर्भर करता है कि मैं क्या शूटिंग कर रही हूं। अगर मैं डबल एक्सएल कर रही हूं तो मुझे वजन बढ़ाना है, वहीं तरला में मुझे 20 से 50 साल की उम्र में खेलना पड़ा। 50 साल की महिला का किरदार निभाने के लिए मुझे काफी बड़ा दिखना था, क्योंकि उम्र के साथ आपका शरीर बदलता है। मैंने अपने जीवन में चीनी और कई अनावश्यक चीजों से भी दूरी बना ली है।