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विजय आनंद ने 40 दिनों में खत्म कर दी थी डेब्यू फिल्म की शूटिंग, इन 5 फिल्मों के आज भी दिवाने हैं लोग
Tue, 21 Jan 2020 08:37 AM IST
भावना शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
Published by: भावना शर्मा
Updated Tue, 21 Jan 2020 08:37 AM IST
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- फोटो : Amar Ujala
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भारतीय फिल्मकार, निर्माता, पटकथा लेखक, एडिटर और अभिनेता विजय आनंद उर्फ गोल्डी आनंद हिंदी सिनेमा जगत में 'गाइड' और 'जॉनी मेरा नाम' जैसी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने ज्यादातर फिल्में अपने होम प्रोडक्शन नवकेतन फिल्म्स के लिए बनाई थी। वह आनंद परिवार के चार भाईयों में सबसे छोटे थे। उन्होंने निर्देशन के तौर पर ऐसा मुकाम हासिल किया था जो आज भी वैसा ही बरकरार है। 22 जनवरी 1934 को पैदा हुए विजय आनंद की मृत्यु 70 वर्ष की उम्र में 23 फरवरी 2004 में दिल का दौरा पड़ने से हुई थी। उनकी जयंती के अवसर पर आज हम आपको उनकी 5 सर्वश्रेष्ठ फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं।
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- फोटो : amar ujala
1. नौ दो ग्यारह (1957)
विजय आनंद की निर्देशक के तौर पर यह डेब्यू फिल्म थी। इस फिल्म के निर्माता उनके भाई देव आनंद थे। वहीं फिल्म में देव आनंद, कल्पना कार्तिक, मदन पुरी, शशिकला और जीवन मुख्य भूमिका में थे। वहीं एस. डी. बर्मन ने इस फिल्म संगीत दिया था। इस फिल्म की शूटिंग विजय ने मात्र 40 दिनों में ही खत्म कर दी थी।
विजय आनंद की निर्देशक के तौर पर यह डेब्यू फिल्म थी। इस फिल्म के निर्माता उनके भाई देव आनंद थे। वहीं फिल्म में देव आनंद, कल्पना कार्तिक, मदन पुरी, शशिकला और जीवन मुख्य भूमिका में थे। वहीं एस. डी. बर्मन ने इस फिल्म संगीत दिया था। इस फिल्म की शूटिंग विजय ने मात्र 40 दिनों में ही खत्म कर दी थी।
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- फोटो : amar ujala
2.गाइड (1965)
विजय आनंद की यह सबसे सफल फिल्म बताई जाती है। इस फिल्म ने फिल्मफेयर का सर्वश्रेष्ठ निर्देशन और संवाद का पुरस्कार हासिल किया था। यह एक रोमांटिक कॉमेडी फिल्म है जिसमें देव आनंद और वाहिदा रहमान मुख्य किरदार में हैं। यह आर.के.नारायण की किताब 'द गाइड' पर आधारित है। गाइड को बॉक्स ऑफिस पर अच्छी सफलता मिली थी। इस फिल्म में संगीत एस.डी बर्मन ने दिया था, जो आज भी याद किया जाता है। यह फिल्म रिलीज होने के करीब 42 साल बाद कान फिल्म फेस्टिवल में स्क्रीन की गई थी।
विजय आनंद की यह सबसे सफल फिल्म बताई जाती है। इस फिल्म ने फिल्मफेयर का सर्वश्रेष्ठ निर्देशन और संवाद का पुरस्कार हासिल किया था। यह एक रोमांटिक कॉमेडी फिल्म है जिसमें देव आनंद और वाहिदा रहमान मुख्य किरदार में हैं। यह आर.के.नारायण की किताब 'द गाइड' पर आधारित है। गाइड को बॉक्स ऑफिस पर अच्छी सफलता मिली थी। इस फिल्म में संगीत एस.डी बर्मन ने दिया था, जो आज भी याद किया जाता है। यह फिल्म रिलीज होने के करीब 42 साल बाद कान फिल्म फेस्टिवल में स्क्रीन की गई थी।
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3. तीसरी मंजिल (1966)
यह एक म्यूजिकल थ्रिलर फिल्म थी जिसका निर्माण नासिर हुसैन ने किया था। फिल्म में शम्मी कपूर, आशा पारेख, लक्ष्मी छाया, प्रेमनाथ, प्रेम चोपड़ा, इफ्तिखार, हेलेन, के. एन. सिंह और सलीम खान मुख्य भूमिकाओं में थे। यह फिल्म अपने संगीत के लिए अधिक मशहूर हुई। इस फिल्म को आर.डी बर्मन के सर्वश्रेष्ठ संगीत में एक कहा जाता है। अपने गानों और संगीत के कारण यह आज भी सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्मों में शुमार की जाती है। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर भी सफल साबित हुई थी।
यह एक म्यूजिकल थ्रिलर फिल्म थी जिसका निर्माण नासिर हुसैन ने किया था। फिल्म में शम्मी कपूर, आशा पारेख, लक्ष्मी छाया, प्रेमनाथ, प्रेम चोपड़ा, इफ्तिखार, हेलेन, के. एन. सिंह और सलीम खान मुख्य भूमिकाओं में थे। यह फिल्म अपने संगीत के लिए अधिक मशहूर हुई। इस फिल्म को आर.डी बर्मन के सर्वश्रेष्ठ संगीत में एक कहा जाता है। अपने गानों और संगीत के कारण यह आज भी सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्मों में शुमार की जाती है। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर भी सफल साबित हुई थी।
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- फोटो : amar ujala
4.ज्वैलथीफ (1967)
देव आनंद, अशोक कुमार, वैजयंती माला, तनुजा अभिनीत यह फिल्म जासूसी के इर्द-गिर्द घूमती फिल्म है। यह फिल्म देव आनंद के होम प्रोडक्शन के बैनर तले रिलीज हुई थी। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर तो हिट साबित हुई ही थी साथ ही फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ साउंड अवॉर्ड हासिल किया था वहीं तनुजा को सर्वश्रेष्ट सहायक अभिनेत्री के तौर पर नामांकित किया गया था। 1967 की यह सबसे अधिक कमाई करने वाली छठी फिल्म थी।
देव आनंद, अशोक कुमार, वैजयंती माला, तनुजा अभिनीत यह फिल्म जासूसी के इर्द-गिर्द घूमती फिल्म है। यह फिल्म देव आनंद के होम प्रोडक्शन के बैनर तले रिलीज हुई थी। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर तो हिट साबित हुई ही थी साथ ही फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ साउंड अवॉर्ड हासिल किया था वहीं तनुजा को सर्वश्रेष्ट सहायक अभिनेत्री के तौर पर नामांकित किया गया था। 1967 की यह सबसे अधिक कमाई करने वाली छठी फिल्म थी।