क्या ऋतिक रोशन की फिल्म ‘विक्रम वेधा’ को फ्लॉप कराने में इसकी मार्केटिंग देख रही एजेंसियों ने बड़ी भूमिका निभाई? या फिर फिल्म के सिनेमाघरों तक पहुंचने से ठीक पहले रिलीज किया गया ‘अल्कोहोलिया’ गाना फिल्म की ब्रांडिंग खराब कर गया? कहीं फिल्म की लखनऊ की पृष्ठभूमि वाले सेट अबू धाबी में बनाना ही तो फिल्म बनाने वालों पर भारी नहीं पड़ गया? ये वो सारे सवाल है जो देश के अलग अलग शहरों में ये फिल्म देखने वालों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। मुंबई में ऋतिक रोशन को चाहने वाले लोगों से लेकर उत्तर भारत के दर्शकों तक से इस बारे में बीते एक हफ्ते में अलग अलग दौर की बातचीत में हमने ये समझने की कोशिश की कि आखिर मामला कहां गड़बड़ हुआ..
Vikram Vedha: ‘विक्रम वेधा’ फ्लॉप होने से ऋतिक के प्रशंसक भी निराश, गिनाए फिल्म न चलने के ये पांच बड़े कारण
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कमजोर कड़ी नंबर 1: ‘अल्कोहोलिया’
फिल्म ‘विक्रम वेधा’ इसी नाम की एक तमिल फिल्म का रीमेक है। तमिल फिल्म 11 करोड़ रुपये में बनी और इसने करीब 60 करोड़ रुपये का बॉक्स ऑफिस कारोबार किया। ‘विक्रम वेधा’ हिंदी में बनी और इसका बजट रहा करीब 175 करोड़ रुपये। इस फिल्म ने करीब 75 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। इस बारे में फिल्मों के शौकीनों से जब बात की गई तो लोगों ने माना कि ‘अल्कोहोलिया’ गाने में ऋतिक ने शानदार डांस किया लेकिन ये गाना लिखा और कंपोज इतने हल्के तरीके से किया गया कि इसकी वर्ड वैल्यू दर्शकों के बीच नहीं स्थापित हो सकी। अधिकतर दर्शकों का इस बारे में मानना रहा कि शराब का गाना होने के चलते अगर इसे आइटम नंबर के तौर पर किसी बड़ी हीरोइन पर फिल्माया गया होता तो इसका असर शायद बेहतर होता।
कमजोर कड़ी नंबर 2: राधिका आप्टे
‘विक्रम वेधा’ में सैफ अली खान की पत्नी के किरदार में राधिका आप्टे हैं। इस बारे में जब दर्शकों से रायशुमारी की गई तो अधिकतर की राय यही दिखी कि फिल्म में पारिवारिक दर्शकों का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा गया। अगर फिल्म में सैफ अली खान के साथ किसी नामचीन अभिनेत्री को रखा गया होता तो महिला दर्शकों को भी इस फिल्म के लिए सिनेमाघरों तक लाया जा सकता था। राधिका आप्टे की मौजूदगी ने महिला दर्शकों को भ्रमित कर दिया और लोगों ने फिल्म को मिले यूए सेंसर सर्टिफिकेट के बावजूद फिल्म देखने से परहेज किया।
कमजोर कड़ी नंबर 3: फिल्म के संवाद
उत्तर भारत से संबंध रखने वाले दर्शकों को फिल्म ‘विक्रम वेधा’ के संवादों को लेकर बहुत शिकायतें रहीं। फिल्म में संवाद उन्हीं मनोज मुंतशिर ने लिखे हैं जिनके फिल्म ‘आदिपुरुष’ को लेकर दिए गए वक्तव्य हाल के दिनों में काफी चर्चा में रहे। फिल्म में विक्रम और वेधा दोनों उत्तर भारतीय किरदार हैं। लेकिन कानपुर से आकर लखनऊ में अपना रुतबा कायम करने वाले वेधा की बोली इन दोनों क्षेत्रों की बजाय फिल्म में बिहार की वैसी ही बोली है जैसी ऋतिक रोशन ने फिल्म ‘सुपर 30’ में बोली थी। फिल्म को अपने पृष्ठभूमि के प्रति ईमानदार न रहने का भी खामियाजा उठाना पड़ा है, ऐसा इन चर्चाओं में शामिल अधिकतर लोगों का मानना रहा।
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कमजोर कड़ी नंबर 4: फिल्म की प्रायोजित मार्केटिंग
जैसे जैसे ये बात फिल्म इंडस्ट्री में फैलती जा रही है कि फिल्म ‘विक्रम वेधा’ की रिलीज औऱ प्रेस शो से पहले सोशल मीडिया पर फिल्म के प्रायोजित रिव्यू साझा करने और फिर इन्हें ट्रेंड कराने के लिए एक डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी ने मोटी रकम खर्च की है, लोग उन लोगों की शिनाख्त में लग गए हैं। खास तौर से मीडिया इन्फ्लुएंसर के बीच ये बात तेजी से फैल रही है कि इस फिल्म के प्रायोजित रिव्यूज के लिए मोटा पैसा बांटा गया है। देश के अलग अलग क्षेत्रों के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी अपने अपने तरीकों से ये पता करने की कोशिश कर रहे हैं कि फलां वीडियो रिव्यू या सोशल मीडिया रिव्यू के लिए फला इन्फ्लुएंसर को कितना पैसा मिला?
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