सिनेमा की दुनिया में वहीदा रहमान का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है। यह सम्मान उन्होंने अपनी अभिनय काबिलियत से हासिल किया है। उन्होंने दर्शकों की तीन पीढ़ियों को अपने अभिनय से दीवाना बनाया है। 1950 से लेकर 1970 का समय हिंदी सिनेमा का स्वर्ण काल माना जाता है। इस समय के कलाकारों में से एक वहीदा रहमान भी हैं। आज सोमवार 03 फरवरी को उनका जन्मदिन है। आइए जानते हैं उनके बारे में
Waheeda Rehman Birthday: इस दिग्गज पर था वहीदा रहमान को क्रश, 'गुरु' के साथ ने करियर के शिखर पर पहुंचाया
Waheeda Rehman Birthday: दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित दिग्गज अदाकारा वहीदा रहमान आज 03 फरवरी को अपना जन्मदिन मना रही हैं। जानते हैं उनके बारे में
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सिनेमा की सदाबहार अदाकारा
वहीदा रहमान ने अपना करियर साउथ सिनेमा से शुरू किया। फिर उनकी आमद हिंदी सिनेमा में हुई और देखते-देखते सारा जमाना इस सदाबहार अदाकारा का दीवाना हो गया। वहीदा रहमान का जन्म 3 फरवरी 1938 में आन्ध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में हुआ। उन्हें बॉलीवुड की सदाबहार अभिनेत्री माना जाता है। वहीदा रहमान ने हिंदी ही नहीं अंग्रेजी व बंगाली फिल्मों में भी काम किया है। इनकी बॉलीवुड फिल्मों की बात करें तो रंग दे बसंती, चांदनी, नमक हलाल, कभी-कभी, तीसरी कसम, गाइड, साहिब बीबी और गुलाम, पत्थर के सनम, चौदहवीं का चांद, काला बाजार, कागज के फूल, प्यासा जैसी बड़ी फिल्मों में काम किया है।
गुरुदत्त ने कराई हिंदी सिनेमा में एंट्री
वहीदा रहमान जब हिंदी सिनेमा में आईं तो उनके लिए ये सफर जरा भी आसान नहीं था, क्योंकि उस जमाने में मधुबाला, मीना कुमारी और नरगिस जैसी अभिनेत्रियों का सिक्का जमा हुआ था। इसके बावजूद वहीदा अपनी अदाकारी से दर्शकों के दिल में जगह में बनाने में कामयाब रहीं। कहा तो जाता है कि वहीदा अभिनय नहीं करना चाहती थीं, बल्कि वे एक डॉक्टर बनना चाहती थी, लेकिन उनका यह सपना उस वक्त टूट गया, जब उनके पिता का निधन हो गया। इसके बाद उन्होंने दक्षिण भारतीय फिल्मों में अभिनय करना शुरू किया। वहीदा ने एनटी रामा राव की फिल्म 'जयसिम्हा' में मुख्य भूमिका भी निभाई। इसी दौरान गुरुदत्त अपनी फिल्म 'सीआईडी' के लिए एक अभिनेत्री की तलाश कर रहे थे। एक समारोह में उनकी नजर वहीदा रहमान पर पड़ी। गुरुदत्त ने वहीदा को स्क्रीन टेस्ट के लिए बुलाया। वहीदा स्क्रीन टेस्ट के बाद फिल्म के लिए चुन ली गईं। इसके बाद फिल्म 'सीआईडी' के जरिए वहीदा रहमान ने हिदी सिनेमा में कदम रखा।
'प्यासा' से मिली खास पहचान
वहीदा रहमान को हिंदी सिनेमा में पहचान फिल्म 'प्यासा' से मिली। वहीदा रहमान के साथ गुरुदत्त की जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया। इसी दौरान गुरुदत्त वहीदा रहमान के कथित इश्क के चर्चे भी खूब हुए। गुरुदत्त खुद वहीदा के लिए स्पेशल सीन्स लिखने लगे। कहा जाता है कि फिल्म 'प्यासा' में गुरुदत्त दिलीप साहब को लेना चाहते थे, लेकिन बाद में उन्होंने वहीदा रहमान के अपोजिट खुद काम किया। वे हमेशा वहीदा रहमान को अपने नजदीक चाहते थे, दोनों का मेकअप रूम भी आसपास होता था। इसी दौरान वहीदा और गुरुदत्त की शादी की खबरें सामने आने लगीं, जिसके चलते गुरुदत्त की पत्नी गीता दत्त उनसे अलग रहने लगीं। इसके बाद गुरुदत्त ने उनको मनाने पहुंचे और गीता ने उनसे पत्नी या प्रेमिका से किसी एक को चुनने को कहा। गुरुदत्त ने गीता दत्त को चुना और वहीदा रहमान से अपनी राहें जुदा कर लीं।
इस एक्टर पर था वहीदा रहमान को क्रश
वहीदा रहमान पर सिने जगत के कई सितारे फिदा रहे या कहें कि उन पर कईयों को क्रश था। मगर, खुद वहीदा रहमान को किस पर क्रश रहा? तो वह नाम है हीमैन यानी धर्मेंद्र। हिंदी सिनेमा के हीमैन धर्मेंद्र और वहीदा रहमान एक साथ ‘खामोशी’, ‘मन की आंखें’, ‘फागुन’, ‘घर का चिराग’ सहित कई फिल्मों में काम कर चुके हैं। एक इंटरव्यू के दौरान धर्मेंद्र ने वहीदा रहमान के बारे में एक दिलचस्प किस्सा साझा किया। धर्मेंद्र ने कहा, 'जब मैंने फिल्म ‘चौदहवीं का चांद’ देखी थी तो मेरे मन में हंगामा हो गया। सारा जमाना हम पर फिदा था और हम वहीदाजी पर फिदा हो गए। मैंने वहीदा जी के एक प्रोग्राम का वीडियो देखा था, जिसमें उन्हें कुछ एक्टर्स की तस्वीर दिखाई गई थी और पूछा गया था कि इनमें आपका क्रश किस पर था? वहीदा जी के मुंह से निकला, धर्मेंद्र! मैं सोचता हूं यार जब हम फिदा थे, तब क्या हुआ था?'