हर इतवार आपको मिलता है बीते हफ्ते की तारीखों पर बीती सदी में रिलीज हुई फिल्मों के किस्सों का पूरा नायाब गुलदस्ता। बीते हफ्ते हमने फिल्म जाग उठा इंसान के दौरान डिस्को डांसर मिथुन चक्रवर्ती और श्रीदेवी के कथित रोमांस का किस्सा सुनाया। फिल्म बावर्ची में सुपरस्टार राजेश खन्ना के बिल्कुल अलग तरह के किरदार की बातें बताईं। श्रीदेवी और कमल हासन की जोड़ी की इकलौती हिंदी फिल्म सदमा की मेकिंग की खास झलकियां दिखाईं। दिव्या भारती और सुशांत सिंह राजपूत की कथित खुदकुशी की समानताओं के साथ दिव्या की आखिरी शूट की गई फिल्म रंग के बारे में बताया और सुनाया किस्सा निर्देशक प्रकाश झा की फिल्म मृत्युदंड में मोहक मोहिनी माधुरी के केतकी बनने का। आज संडे है तो फिर दबाते हैं एक बार रिवाइंड बटन और आपको दिखाते हैं इन सारी फिल्मों की खासमखास झलकियां आगे की स्लाइड्स में। हर स्लाइड के नीचे उस फिल्म का पूरे बाइस्कोप का लिंक भी दिया हुआ है, जिसे क्लिक करके आप उसे पूरा पढ़ सकते हैं।
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मिथुन और श्रीदेवी का रोचक रोमांस
बाइस्कोप का ये किस्सा है मिथुन चक्रवर्ती और श्रीदेवी की इन्हीं किस्सों को खाद पानी देने वाली फिल्म के नाम, जिसका नाम है, जाग उठा इंसान। जाग उठा इंसान दरअसल राकेश रोशन की निर्देशक के विश्वनाथ के साथ बनी बहुत महत्वाकांक्षी फिल्म है। राकेश रोशन ने अपना खुद का प्रोडक्शन हाउस खोल कर पहली फिल्म तो ऋषि कपूर के साथ बनाई थी, आपके दीवाने। इस फिल्म की शूटिंग के दौरान ऋषि कपूर से उन्होंने साउथ के डायरेक्टर के विश्वनाथ के इतने किस्से सुने कि वह उनके फैन हो गए। अपने प्रोडक्शन हाउस की अगली फिल्म राकेश रोशन ने उस समय की हिट हीरोइन जया प्रदा और के विश्वनाथ के साथ ही बनाई, कामचोर। जया प्रदा के साथ काम करने के बाद राकेश रोशन ने उस समय जया प्रदा से भी ज्यादा मशहूर श्रीदेवी से मुलाकात की और वह एक ऐसी फिल्म में काम करने के लिए तुरंत तैयार हो गईं, जिसमें उन्हें तो करना था ब्राह्मण कन्या का रोल और मिथुन को बनना था दलित। त्रिकोण का तीसरा कोण राकेश रोशन खुद थे। इस फिल्म की शूटिंग के दौरान ही तमाम तरह के किस्से मिथुन और श्रीदेवी को लेकर गॉसिप पत्रिकाओं में लिखे जाने लगे। कहीं श्रीदेवी की मांग भरी फोटो छपती तो कहीं पढ़ने को मिलता मिथुन के अपने घर में मचे कोहराम का किस्सा।
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जब राजेश खन्ना ने उतारा सुपरस्टार का चोला
बावर्ची दरअसल 1966 में रिलीज हुई हिट बंगाली फिल्म गाल्पो होलियो सत्ती की हिंदी रीमेक है। तपन सिन्हा लिखित और निर्देशित इस फिल्म में राबी घोष ने बांग्ला सिनेमा में हंगामा मचा दिया था। ऋषिकेश मुखर्जी ने ये फिल्म देखी तो उन्हें बहुत पसंद आई। अपने गुरु भाई गुलजार को उन्होंने फिल्म के हिंदीकरण की जिम्मेदारी सौंपी और खुद ये कहानी सुनाने पहुंच गए राजेश खन्ना के पास। राजेश खन्ना इससे पहले आनंद में ऋषिकेश मुखर्जी के साथ काम कर चुके थे। और, उनसे डांट भी खा चुके थे। राजेश खन्ना को अब तक वह दिन भी याद था जब ऋषिकेश मुखर्जी ने एक बार उनके लेट आने पर कुछ नहीं कहा लेकिन जब वह मेकअप वगैरह कराकर शूटिंग के लिए पहुंचे तो ऋषिकेश मुखर्जी ने पैकअप बोल दिया था। ऋषि दा का काम करने का स्टाइल किसी रिंगमास्टर से कम नहीं था। कौन बनेगा करोड़पति में एक बार जब धर्मेंद्र सेट पर आए तो उन्होंने और अमिताभ बच्चन ने इस महान निर्देशक के साथ की गई अपनी फिल्म चुपके चुपके के खूब किस्से दर्शकों के साथ बांटे थे और तब भी दोनों ने याद किया था कि कैसे वे शूटिंग के समय ऋषिकेश मुखर्जी से घबराते थे।
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दूसरी बीवी से मिले दर्द का सदमा
निर्देशक बालू महेंद्रा ने इस फिल्म के दृश्यों में बहती दर्द की अंतर्धारा के बारे में खुद ही खुलाया किया था दक्षिण भारत के मशहूर टीवी शो कॉफी विद अनु में। इस शो में बालू ने बताया कि ये फिल्म उनके अपनी दूसरी पत्नी शोभा के रिश्तों का निचोड़ जैसा है। शोभा ने बालू महेंद्रा से विवाह के बाद खुदकुशी कर ली थी। बताते हैं कि शोभा तब सिर्फ 17 साल की थीं। फिल्म देखते समय ऐसा लगता भी है कि एक पुरुष एक स्त्री पर अपना सब कुछ निछावर करने को उस सूरत में तैयार है जब वह स्त्री इस प्रेम के अथाह सागर में अपनी एड़ी तक नहीं भिगो पाई है। ये प्रेम की पराकाष्ठा है। प्रेम का परलंबन है। बालू महेंद्रा फिल्म के जरिए यही दिखाना चाहते रहे। श्रीदेवी और कमल हासन ने दक्षिण में तमाम फिल्में एक साथ की हैं, लेकिन हिंदी में सदमा ही उनकी जोड़ी की एक साथ फबने की एकमात्र बानगी है।
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दिव्या और सुशांत की कथित आत्महत्या का कनेक्शन?
रंग की शूटिंग खत्म होने और इसके रिलीज होने के बीच हिंदी सिनेमा एक भूचाल से गुजरा। फिल्म रंग रिलीज होने के कोई तीन महीने पहले की बात है। पांच अप्रैल 1993 की देर शाम वर्सोवा, अंधेरी की तुलसी बिल्डिंग से एक युवती धड़ाम से जमीन पर आकर गिरी। लोगों को पहले तो समझ ही नहीं आया फिर हंगामा मचा कि ये तो दिव्या भारती है। हालांकि, सोसाइटी के गार्ड को तब युवती का नाम भी नहीं पता था और बताया जाता है कि जिस पांचवीं मंजिल के फ्लैट से दिव्या भारती जमीन पर गिरीं, उसके मालिक फिल्म निर्माता साजिद नाडियाडवाला ने इस युवती का परिचय अपने जानने वालों से सना नाडियाडवाला के नाम से ही कराया था। सना नाडियाडवाला उर्फ दिव्या भारती ने अपने घर से खुद कूदकर आत्महत्या की या फिर वह किसी साजिश का शिकार हुईं, इसे लेकर तब वैसा ही बवाल मचा था जैसा पिछली 14 जून से अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की कथित आत्महत्या को लेकर मचा है।
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