{"_id":"667bf9bda42eb855060e2d70","slug":"famous-directors-who-made-documentary-along-with-movies-prakash-jha-meera-nayar-vidhu-vinod-chopra-2024-06-26","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Documentary Filmmaker: डॉक्यूमेंट्री भी बना चुके हैं ये फिल्म निर्देशक, गंभीर मुद्दों को कैमरे में किया था कैद","category":{"title":"Entertainment","title_hn":"मनोरंजन","slug":"entertainment"}}
Documentary Filmmaker: डॉक्यूमेंट्री भी बना चुके हैं ये फिल्म निर्देशक, गंभीर मुद्दों को कैमरे में किया था कैद
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: विशाल वर्मा
Updated Wed, 26 Jun 2024 05:57 PM IST
सार
विधु विनोद चोपड़ा ने अपनी पिछली फिल्म '12वीं फेल' से खूब सुर्खियां बटोरी थी। वो फिल्म निर्देशक होने के साथ-साथ निर्माता भी हैं और 'मुन्नाभाई एमबीबीएस' और '3 इडियट्स' समेत कई फिल्मों का निर्माण कर चुके हैं।
विज्ञापन
1 of 5
फिल्म निर्देशक
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
भारतीय फिल्म जगत में एक से बढ़कर एक निर्देशक हैं। इनमें से कुछ केवल फिल्म बनाने तक ही सीमित हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी हैं, जिन्होंने डॉक्यूमेंट्री के क्षेत्र में भी अपनी छाप छोड़ी है। प्रकाश झा, मीरा नायर, विधु विनोद चोपड़ा और रितुपर्णो घोष ऐसे ही निर्दशक हैं, जो सामाजिक रूप से गंभीर मुद्दों पर डॉक्यूमेंट्री बना चुके हैं और अपने काम के लिए खूब तारीफें बटोर चुके हैं। इन सभी की बनाई फिल्में सिनेमाप्रेमियों की पसंदीदा फिल्मों की सूची में जरूर रहती है।
2 of 5
प्रकाश झा
- फोटो : इंस्टाग्राम @prakashjproductions
प्रकाश झा
'राजनीति', 'गंगाजल', 'जय गंगाजल', 'आरक्षण', 'सत्याग्रह' और 'चक्रव्यूह' समेत कई फिल्मों का निर्देशन करने वाले प्रकाश झा डॉक्यूमेंट्री भी बना चुके हैं। प्रकाश ने साल 1981 में 'फेसिस आफ्टर द स्टोर्म' नाम से एक डॉक्यूमेंट्री बनाई थी, जिसमें बिहार में हुई सांप्रदायिक हिंसा को दिखाया गया था। साल 1983 में उन्होंने इसके लिए राष्ट्रीय पुरस्कार जीता था। साथ ही सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला था। इसके अलावा उन्होंने नृतिका सोनल मानसिंह पर भी एक डॉक्यूमेंट्री बनाई थी।
रितुपर्णो घोष ने 'जीवन स्मृति' नाम से डॉक्यूमेंट्री बनाई है। इसमें रवींद्रनाथ टैगोर की जिंदगी के कुछ अहम पलों को दिखाया गया हैं। 'रेनकोट', 'सत्यानवेशी', 'चित्रांगदा', 'उनीशे अप्रैल' और 'उत्सब' उनकी प्रमुख फिल्में हैं। उनकी फिल्मों में महिला आधारित मुद्दों को जगह दी जाती है। उनके सिनेमा में महिलाओं का जीवन, उनकी भावनाएं और उनके दुख बारीकी से देखने को मिलते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
मीरा नायर
- फोटो : इंस्टाग्राम @pagliji
मीरा नायर
'सलाम बॉम्बे' फिल्म बनाकर राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीत चुकीं मीरा नायर संवेदनशील मुद्दों पर फिल्म बनाने के लिए जानी जाती हैं। साल 2012 में उन्हें पदम भूषण से भी नवाजा गया था। मीरा नायर ने कन्या भ्रूण हत्या के विषय पर 'चिल्ड्रन ऑफ ए डिजायर्ड सेक्स' नाम से डॉक्यूमेंट्री बनाई थी, जो गर्भपात के मामले पर बात करती है।
विधु विनोद चोपड़ा ने अपनी पिछली फिल्म '12वीं फेल' से खूब सुर्खियां बटोरी थी। वो फिल्म निर्देशक होने के साथ-साथ निर्माता भी हैं और 'मुन्नाभाई एमबीबीएस' और '3 इडियट्स' समेत कई फिल्मों का निर्माण कर चुके हैं। विधु डॉक्यूमेंट्री के क्षेत्र में भी अपनी प्रतिभा का नमूना पेश कर चुके हैं। उन्होंने 'एन एनकाउंटर विद फेसिस' नाम से एक डॉक्यूमेंट्री बनाई थी, जिसमें मुंबई की सड़कों पर रहने वाले बच्चों की कहानी दिखाई गई थी।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।