‘इंडियन आइडल’ जैसे तमाम म्यूजिक रियलिटी शोज में अक्सर आपने प्रतिभागियों की दुखभरी कहानियां देखी होगी। यही नहीं कई बार तो संतोष आनंद जैसे गीतकारों को भी इनके मंच पर बुलाकर उन्हें ‘बेचारा’ कहकर ही पेश किया जाता है। इरादा वही जो अभिनेता गोविंदा ने अपने करियर में खूब किया, गरीबी की ट्रम्प कार्ड खेलकर दर्शकों को भावनात्मक रूप से अपने करीब लाना बनाना। गोविंदा जब तक ‘विरार के छोकरे’ रहे, खूब चले। फिर लोगों को पता चलने लगा कि ये झूठे संघर्ष की असली कहानी क्या है? वह तो स्टार किड निकले। डेविड धवन ने उनकी इस इमोशनल कहानी को फिल्मों में भी खूब भुनाया। और, डेविड के खेमे से छिटककर जो गिनती की कॉमेडी फिल्में गोविंदा की हिट हुई, उनमें से सबसे बड़ी सरप्राइज हिट रही फिल्म ‘दूल्हे राजा’। फिल्म ‘दूल्हे राजा’ उन गिनती की हिंदी कॉमेडी फिल्मों में से है, जिनका दक्षिण भारतीय भाषा में रीमेक हुआ।
Bioscope S2: रवीना टंडन को यूं मिले गोविंदा बनकर ‘दूल्हे राजा’, ममता कुलकर्णी ने इसलिए ठुकराया रोल
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जब रवीना दीवानी थी..
‘दूल्हे राजा’ के हिट होने की तमाम वजहों में से सबसे बड़ी वजह थी फिल्म के पहले इसके गानों का हिट हो जाना। टेलीविजन पर नए गाने उन दिनों खूब देखे जाते थे और टीवी के हिट कार्यक्रमों के बीच में आने वाले फिल्म ट्रेलर्स के कैपसूल की टीआरपी भी उन दिनों जबर्दस्त होती थी। फिल्म का एक गाना ‘अंखियों से गोली मारे..’ का मुखड़ा उन दिनों टीवी पर खूब बजा। ये उन दिनों की बात है जब रवीना टंडन और अक्षय कुमार की करीबी दोस्ती उफान पर थी और फिल्मी दुनिया की हर गॉसिप मैगजीन में दोनों के किस्से चटखारे ले लेकर लिखे जाते थे। रवीना टंडन को अगर आप इस फिल्म में फिर से देखेंगे तो उनका रंग रूप देखकर समझ आता है कि वह इस फिल्म की शूटिंग के दौरान अपने करियर और अपने निजी जीवन दोनों में शबाब पर थीं। फिल्म के खास इस गाने में जितनी खूबसूरत, मोहक और मादक रवीना दिखती हैं, उतनी शायद ही फिर किसी दूसरी फिल्म के गाने में दिखी हों।
और, फिर रवीना को आया गुस्सा
इधर गोविंदा के साथ रवीना टंडन की जोड़ी हिट हुई, उधर अक्षय कुमार इस स्टेशन से आगे बढ़ लिए। रवीना ने फिल्म पत्रिका ‘स्टारडस्ट’ को और साथ ही ‘स्टार वर्ल्ड’ को दिए अपने इंटरव्यूज में अक्षय कुमार की इस हरकत की जमकर बखिया उधेड़ी थी। रवीना टंडन अपना दिल टूटने के बाद अपना करियर संभाल नहीं पाईं। ‘दूल्हे राजा’ के बाद रवीना ने गोविंदा के साथ ‘परदेसी बाबू’, ‘ऑन्टी नंबर वन’, ‘राजाजी’, ‘अनाड़ी नंबर वन’, ‘अंखियों से गोली मारे’ और ‘वाह तेरा क्या कहना’ जैसी तमाम सोलो फिल्में की लेकिन न गोविंदा की किस्मत चमक पाई और न ही उनके बेचैन दिल को किसी तरह का करार आ सका। दोनों की जोड़ी ‘दूल्हे राजा’ के बाद सिर्फ ‘बड़े मियां छोटे मियां’ में ही कमाल दिखा सकी, इसके अलावा दोनों की सारी फिल्में फ्लॉप रही। गोविंदा के केस में तो ‘दूल्हे राजा’ ही बतौर सोलो हीरो उनकी आखिरी हिट फिल्म साबित हुई।
संवादों ने हिट कराई फिल्म
‘दूल्हे राजा’ के हिट होने के पीछे सबसे बड़ा कमाल रहा इसके संवादों और कादर खान व गोविंदा के बीच रचे गए हर सीन में दोनों के संवादों की टाइमिंग का। दोनों के चेहरे पर आने वाले भाव और उसके चलते आसपास के कलाकारों पर होने वाले रिपल इफेक्ट के चर्चे गली गली हुए तो लोग भर भर कर फिल्म देखने आने लगे। रिपीट ऑडियंस का दौर तब तक जारी ही था और फिल्म ने टिकट खिड़की पर ताबड़तोड़ कमाई करनी शुरू कर दी। साल 1998 को हिंदी सिनेमा में ‘कुछ कुछ होता है’, ‘प्यार तो होना ही था’, ‘प्यार किया तो डरना क्या’ और ‘सोल्जर’ के अलावा ‘दूल्हे राजा’ की कामयाबी के लिए भी हिंदी सिनेमा के शौकीन याद करते हैं।
गोविंदा हिट, शाहरुख हिट विकेट
जिस साल गोविंदा की फिल्म ‘दूल्हे राजा’ हिट हुई, उसी साल शाहरुख खान की बहुचर्चित फिल्में ‘डुप्लीकेट’ और ‘दिल से’ सुपरफ्लॉप हुई थी। फिल्म ‘दूल्हे राजा’ का नाम भी पहले ‘दूल्हे राजा’ नहीं बल्कि ‘तू हसीं में जवां’ रखा गया था और तब फिल्म की हीरोइन थीं ममता कुलकर्णी। ममता को तब तक फिल्मों में काम करने से ज्यादा इन्हें बनाने के लिए पैसा मुहैया कराने वालों के साथ रिश्ते बनाने में फायदा नजर आने लगा था और उन्होंने एक दिन ‘दूल्हे राजा’ के निर्माता निर्देशक हरमेश मल्होत्रा को फोन करके इसके लिए सॉरी बोल दिया। ये अलग बात है कि अपने इस फैसले पर ममता को फिर अरसे तक पछतावा होता रहा क्योंकि फिल्म ने जो कारोबार किया, उसने बड़े बड़े फिल्मी पंडितों के आंकलन को फेल कर दिया। ‘दूल्हे राजा’ को गोविंदा की 90 के दशक की ऐसी इकलौती हिट फिल्म माना जाता है जिसे डेविड धवन ने निर्देशित नहीं किया।