छोटे पर्दे की 'लाफ्टर क्वीन' कही जाने वाली भारती सिंह का जन्मदिन 3 जुलाई को आता है। भारती इस बार अपना 36वां जन्मदिन मनाने जा रही हैं। भारती सिंह हमेशा अपने फैंस को हंसाने में कामयाब रही हैं। मुंबई में लाफ्टर क्वीन बनकर राज करने वाली भारती सिंह का बचपन बेहद गरीबी में बीता है। इस बारे में खुद भारती सिंह ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था।
Bharti Singh Birthday: छोटे शहर से मुंबई पहुंचकर, ऐसे बनीं भारती सिंह 'लाफ्टर क्वीन'
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भारती का बचपन बेहद गरीबी में गुजरा है। भारती जब दो साल की थीं तभी उनके पिता का निधन हो गया था। तीन भाई- बहनों में भारती सबसे छोटी थीं। लेकिन गरीबी की वजह से भारती को बचपन से ही काम करना शुरू करना पड़ा। पिता के निधन के बाद भारती की मां ने दूसरों के घर पर खाना बनाकर अपने बच्चों को पाला है। भारती खुद कहती हैं कि उनके जैसा बचपन किसी को भी ना मिले।
भारती ने अपने जिंदगी के संघर्ष से जो कुछ भी सीखा है वही आज उनके काम आ रहा है। भारती ने अपने संघर्ष के उस वक्त को तो याद करना नहीं चाहती हैं। लेकिन इस बचपन की बहुत सारी ऐसी यादें भी हैं जो उनके काम में मदद करती हैं। भारती ने इस इंटरव्यू के दौरान कहा था कि, 'जिस तरह सोना भट्टी में पकता है, वैसे ही मैं भी गरीबी की भट्टी में पकी हूं।'
भारती ने अपने इंटरव्यू के दौरान बताया था कि उनकी मां जब दूसरों के घर में खाना बनाने जाया करती थीं तो कभी- कभी भारती भी मां के साथ जाया करती थीं। भारती की मां खाना बनाती थीं और भारती वहां बैठी रहती थीं। उस समय वो किचन और उसमें रखा सामान देखकर सोचा करती थीं कि क्या उनका घर कभी ऐसा हो पाए। हालांकि हालात बदले और आज भारती खुद कहती होंगी कि उनका घर तो उस घर से भी बहुत अच्छा बन गया है।
भारती की मां ने उन्हें और उनके भाई- बहनों को मेहनत करने की सीख दी थी। तो आज भारती अपनी मेहनत और लगन से कहां पहुंच गई हैं ये हम सभी के सामने है। भारती की मां ने उनसे कहा था कि मेहनत करना कभी मत छोड़ना। और उन्होंने अपनी मां की बात को माना और वैसा ही किया। भारती मेहनत रंग लाई और आज वो मायानगरी में क्वीन बनकर बैठी हैं।
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