दंगल टीवी के धारावाहिक ‘मन सुंदर’ को दर्शकों से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया से इसके सितारे बेहद उत्साहित है। धारावाहिक के अगले एपीसोड की शूटिंग के दौरान ये उत्साह सितारों के चेहरों पर भी साफ नजर आया। मुंबई में चल रही इस शूटिंग के दौरान इसके कलाकारों ने धारावाहिक में आने वाले ड्रामे और सीक्वेंस के दिलचस्प खुलासे किए हैं। धारावाहिक की नायिक रुचिका का रोल कर रही श्रुति आनंद कहती हैं कि इस धारावाहिक की शूटिंग का अभी तक का अनुभव शानदार रहा है। अभी मित्तल फैमिली के सीन की शूटिंग हुई है जिसमें कुछ ड्रामा होने वाला है। रुचिता अपने लोगों के साथ खुलकर रहती है जबकि बाहर ज्यादा बातें नही करती। लेकिन वह बहुत सकारात्मक इंसान है।
TV: धारावाहिक ‘मन सुंदर’ की कहानी में दिलचस्प मोड़, सांवली सलोनी रुचिता का समाज से सीधा सामना
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धारावाहिक ‘मन सुंदर’ की यूएसपी पूछे जाने पर श्रुति कहती हैं कि इस धारावाहिक में समाज में गोरे और सांवले रंग को लेकर मौजूद पूर्वाग्रह को दिखाया गया है। सांवली लड़की और उसके घरवालों पर काफी दबाव भी इसके चलते बनता है। लड़के वाले उसे देखने आते हैं तो उसके चश्मे पर उसके रंग पर कमेंट पास करते हैं। लेकिन यह कोई नही देखता कि लड़की का मन कितना सुंदर है।
धारावाहिक ‘मन सुंदर’ में रुचिता के भाई विवेक की भूमिका निभा रहे कृष्णा गणेश ने बताया कि अभी तक यह शो एक नम्बर जा रहा है। मेरा किरदार रियल लाइफ से काफी मिलता है ऐसा भाई जो अपनी दीदी से बेपनाह प्यार करता है। यह मेरा फ़र्स्ट शो है टीम काफी सपोर्टिव मिली है। रुचिता को मैं अपनी असली बहन मानने लगा हूँ, बहुत अच्छी बॉन्डिंग है।
रुचिता की मां उषा मित्तल का रोल करने वाली गीता बिष्ट के मुताबिक, ‘मैं इस शो की मेन लीड कैरेक्टर रुचिता की मम्मी का रोल प्ले कर रही हूं। अच्छा लग रहा है कि लोगों को यह शो पसंद आ रहा है। खुशी हो रही है कि हमने रात दिन एक करके जो शूटिंग की उसका नतीजा बेहतर निकल कर आ रहा है। यह शो लोगों की आम जिंदगी से जुड़ा हुआ है, इसके किरदार काफी रियलिस्टिक हैं। अगर कोई पांचवे छठे एपिसोड से भी यह शो देख रहा है तो वह स्टोरी और कैरेक्टर्स से जुड़ जाएगा। यही इसकी खासियत है।’
धारावाहिक ‘मन सुंदर’ में रुचिता के पिता का रोल कर रहे अमिताभ घाणेकर कहते हैं, ‘मैं ऐसे पिता का रोल कर रहा हूँ जो अपनी फैमिली को लेकर बहुत चिंतित है। खास कर उसे अपनी बेटी की काफी फिक्र है। यह मध्यमवर्गीय परिवार की कहानी है। लड़की है तो उसकी शादी की फिक्र परिवार को होती है। और अगर लड़की का रंग साफ नही होता तो समाज के लोग ऐसी लड़की को पसन्द करने में प्राथमिकता नहीं दिखाते मगर हमारा शो यह कहता है कि बाहरी रंग रूप ही सबकुछ नहीं होता बल्कि मन सुंदर होना जरूरी है।’