प्रकाश, सजावट, हर्षोल्लास का पर्व दिवाली आ गई है। पांच दिन के दीपों के उत्सव की शुरुआत 2 नवंबर से है। पहले दिन धनतेरस और दूसरे दिन नरक चौदस है। हर दिन की अपनी मान्यताएं है। धनतेरस को सोना चांदी खरीदना शुभ माना जाता है। इस दिन कुबेर जी की पूजा की जाती है। इसी तरह ही नरक चतुर्दशी के दिन श्री कृष्ण की पूजा होती है। इस दिन लोग घर की गंदगी, कबाड़ आदि को बाहर निकालते हैं। नरक चतुर्दशी को रूप चौदस भी कहते हैं। इस दिन घर की साफ़ सजावट के साथ ही तन की सफाई की भी जाती है। तन की सफाई से मतलब अच्छे से नहाना, उबटन आदि लगाकर त्वचा में जमी गंदगी को साफ़ करना है। इस नरक चतुर्दशी को आप भी अगर उबटन लगाकर त्वचा साफ़ करने वाले हैं तो ऐसे उबटन बनाएं जो सफाई के साथ ही चेहरे व् शरीर में निखार पर घलो लाएं। चलिए जानते हैं नरक चतुर्दशी के दिन खास उबटन बनाने का तरीका।
Narak Chaturdashi 2021: घर पर ही तैयार करें ये खास तरह के उबटन, चमक जाएगा चेहरा
नरक चतुर्दशी को लगाएं ये खास उबटन
आटे का उबटन बनाने का तरीका
इसे बनाने के लिए दो चम्मच गेहूं के आटे में चुटकीभर हल्दी पाउडर मिला लें। सरसों का तेल, तिल या जैतून का तेल आटे में डालें। गुलाब जल को मिलाएं। इस उबटन को चेहरे, गर्दन में अच्छे से मसाज करते हुए लगाएं। हाथ पैरों, घुटने और कोहनी में भी लगाएं। सूखने के बाद रगड़कर साफ कर लें। फिर गुनगुने पानी से धो लें।
बेसन का उबटन बनाने का तरीका
बेसन में एक चम्मच मलाई, दही को मिला लें। थोड़ी सी हल्दी भी डालें। अच्छे से मिक्स करके चेहरे से लेकर बाॅडी के अन्य हिस्सों में लगा सकते हैं। उंगलियों से मसाज करें। आधा घंटा ऐसे ही सूखने दें। फिर गुनगुने पानी से धो लें।
मुल्तानी मिट्टी का उबटन बनाने का तरीका
मुल्तानी मिट्टी त्वचा के लिए फायदेमंद होती है। इसे लगाने के लिए मुल्तानी मिट्टी का पाउडर तैयार करें। उसमें जैतून का तेल और गुलाब जल मिलाकर पेस्ट बना लें। फिर चेहरे पर लगाकर आधे घंटे सूखने दें। बाद में गुनगुने पानी से धो लें।
उबटन लगाते समय इन बातों का रखें ध्यान
-उबटन अधिक गाढ़ा या अधिक पतला नहीं होना चाहिए।
-उबटन लगाने के बाद कुछ देर उसे चेहरे पर सूखने देना चाहिए।
-अधिक सूखने पर उबटन को साफ कर लें। टाइट न होने दें।
-उबटन लगाने के बाद हल्के हाथों से मसाज करते हुए लगाएं।
-उबटन को साफ करने के लिए भी सर्कुलर मोशन में उंगलियों से मसाज करें।
-उबटन को पानी से धोते समय ध्यान रखें कि पानी गुनगुना हो। अधिक ठंडा या गर्म पानी का इस्तेमाल न करें।